भारतीय क्रिकेट टीम के पास इस समय जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज़ नहीं हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि विरोधी टीम को राहत मिलेगी। ऑकलैंड में खेले पहले वनडे में भारत के युवा पेस अटैक ने न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज़ों को बंधक बना दिया, जिससे मेजबान टीम को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ा।
पहले मैच में अर्शदीप सिंह, अंशुल कम्बोज और गुरनूर बरार ने अपनी गेंदबाज़ी से खास छाप छोड़ी। अर्शदीप ने विकेट निकालने में माहिर खेल दिखाया, जबकि कम्बोज ने सटीक लाइन‑लेंथ से बल्लेबाज़ों को बंधे रखा। गुरनूर ने भी दबाव बनाने में अहम भूमिका निभाई।
अंशुल कम्बोज ने 46 डॉट बॉल्स फेंककर न्यूज़ीलैंड की बल्लेबाज़ी पर लगातार दबाव बनाया। शॉर्ट गेंदों के बजाय टेस्ट‑क्रिकेट वाली लंबी लेंथ पर गेंदबाज़ी करने की उनकी रणनीति ने विरोधी को असहज कर दिया।
ऑकलैंड में अर्शदीप और आकिब नबी ने गेंदबाज़ी की शुरुआत की थी, लेकिन कम्बोज की मूवमेंट ने उन्हें तेज़ी से मुख्य गेंदबाज़ बनाते हुए टीम के लिए एक मजबूत दावेदार बना दिया है।
अब दूसरा वनडे वेलिंगटन के हेनरी स्टेडियम में होगा, जहाँ बाउंड्री छोटी और स्क्वायर बाउंड्री अधिक है। इस कारण तेज़ गेंदबाज़ों को अपनी लेंथ में बदलाव करना होगा – शॉर्ट गेंदों से फँसाने की बजाय थोड़ा फुलर लंबाई पर गेंदबाज़ी करना अधिक कारगर रहेगा।
हेनरी स्टेडियम पर अच्छी उछाल और गेंद के कैरी की उम्मीद है, जिससे भारतीय पेस अटैक को अतिरिक्त मदद मिल सकती है। पहले वनडे में अतिरिक्त उछाल से परेशान हुए न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज़ों को अब फिर से कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
टीम में अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज की वापसी की संभावना भी चर्चा में है। यदि सिराज उपलब्ध हो जाएँ तो प्लेइंग‑इलेवन में बदलाव संभव है, परंतु टीम मैनेजमेंट ने अभी तक अपना फैसला नहीं बताया है।
फील्डिंग कोच शुभदीप घोष ने सिराज के चयन के बारे में कहा, “मुझे नहीं पता, टीम मैनेजमेंट इस पर फैसला करेगा।” यह टिप्पणी टीम के चयन विकल्पों को और रोचक बनाती है।
बल्लेबाज़ी में रोहित शर्मा दूसरे वनडे में बड़ी पारी खेलने की तैयारी में हैं। पहले मैच में शुरुआती ओवर में आउट होने के बाद भी, वेस्टइंडीज के घरेलू सीज़न में उनका फ़ॉर्म अच्छा रहा था, जिससे उम्मीद है कि वेलिंगटन में वह अपनी लय फिर से पकड़ लेंगे।
विराट कोहली ने पहले वनडे में अतिरिक्त उछाल के बावजूद सहज बल्लेबाज़ी की, जिससे भारतीय पारी को स्थिरता मिली। लेकिन श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल को बाउंसरों ने लगातार परेशान किया, इसलिए उन्हें उछाल वाली गेंदों के सामने अपनी तकनीक को और निखारना होगा।
न्यूज़ीलैंड की ओर से भी बड़ी चोटें आई हैं। प्रमुख बल्लेबाज़ डेवोन कॉनवे कन्कशन के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए, और उनकी जगह निक केली को बुलाया गया है। तेज़ गेंदबाज़ ब्लेयर टिकनर ने कहा, “कॉनवे का अभाव टीम के लिए बड़ा झटका है, लेकिन इससे अन्य खिलाड़ियों को अपना जलवा दिखाने का मौका मिलेगा।” दूसरी ओर, तेज़ गेंदबाज़ मैट हेनरी फिट हो गए हैं और दूसरे वनडे के लिए उपलब्ध रहेंगे।
न्यूज़ीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने पहले मैच में भारतीय तेज़ गेंदबाज़ों की अतिरिक्त उछाल वाली गेंदबाज़ी से हुई परेशानियों को स्वीकार किया और कहा कि अब उनकी टीम को इस चुनौती का जवाब ढूँढना होगा।
दूसरे वनडे में भारत का लक्ष्य सीरीज में अपनी पकड़ को और मजबूत करना है, जबकि न्यूज़ीलैंड को वापसी की जरूरत है। इस मुकाबले में भारतीय पेस अटैक पर फिर से सभी की नजरें होंगी, जिन्होंने बुमराह‑शमी के बिना भी विरोधियों को कड़ी टक्कर दी है।
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