सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर से 19 सितंबर तक चलने वाले तीन दिवसीय कार्यक्रम में किया। इस इवेंट में 52 देशों की 300 से अधिक कंपनियां हिस्सा लेंगी।
PM मोदी ने कहा, “दुनिया का भारत पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है। कई अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों ने भारत को उत्कृष्ट रेटिंग दी है। इतने कम समय में इतनी तेज़ प्रगति करना किसी भी देश के लिए आसान नहीं है।”
उन्होंने यह भी बताया कि इस यात्रा में कई स्टेक‑होल्डर्स ने अहम भूमिका निभाई है और भारत में फैब‑लेस कंपनियों की ग्रोथ को गति मिल रही है। “हम AI इकोसिस्टम को और सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं,” उन्होंने कहा।
PM मोदी ने भारत की युवा शक्ति को अवसरों की बात की। “हमारे पास इंजीनियरिंग का विशाल पूल है—हर साल लाखों इंजीनियर तैयार होते हैं। हम हाई‑लेवल स्किलिंग के माध्यम से उन्हें चिप डिज़ाइन और सिस्टम इंटीग्रेशन जैसे क्षेत्रों में तैयार कर रहे हैं।”
सरकार का लक्ष्य है कि एक लाख छात्रों को सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने रिसर्च‑इंटेंसिव युवाओं को प्रेरित किया, “जो भी युवा रिसर्च कर रहा है, वह आगे आएँ और इस क्षेत्र को आगे बढ़ाएँ।”
सेमीकंडक्टर उद्योग को भी इस पहल से बड़ा लाभ मिलेगा, लेकिन साथ ही चुनौतियों का भी उल्लेख किया गया। “एनर्जी सिक्योरिटी इस उद्योग की प्रमुख चिंता है। आने वाले दिनों में बिजली की माँग बढ़ेगी, और भारत इस चुनौती के लिए तैयार है। हम पावर सेक्टर में बड़े‑पैमाने पर निवेश कर रहे हैं और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) पर भी काम चल रहा है।”
PM मोदी ने कहा, “भारत हर वह कदम उठा रहा है जो इसे सेमीकंडक्टर का प्रीफ़र्ड डेस्टिनेशन बनाता है।”
सेमीकॉन इंडिया 2026 की थीम है “Silicon to System: Ecosystem Building”। इस कार्यक्रम में 600 से अधिक कंपनियां, स्टार्ट‑अप और लगभग 50 हज़ार विज़िटर आने की उम्मीद है। 52 देशों के 400 से अधिक एग्जीक्यूटिव्स और 150 से अधिक स्पीकर्स भी भाग लेंगे।
इवेंट के दौरान सेमीकंडक्टर की पूरी वैल्यू चेन – मटेरियल, चिप डिज़ाइन, फ़ैब्रिकेशन, एडवांस्ड पैकेजिंग से लेकर सिस्टम इंटीग्रेशन तक – को ‘सैंड‑टू‑सिलिकॉन‑टू‑सिस्टम’ एक्सपीरियंस के रूप में दर्शाया जाएगा।
जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन के प्रतिनिधित्व वाले छह कंट्री पवेलियन, 12 स्टेट बूथ, एक स्टार्ट‑अप पवेलियन, इनोवेशन शोकेस, स्टूडेंट हैकाथॉन और वर्कफ़ोर्स डेवलपमेंट पवेलियन भी इस इवेंट का हिस्सा होंगे।
सेमीकंडक्टर मूलतः एक इलेक्ट्रिसिटी ट्रैफ़िक कंट्रोलर है, जिसका उपयोग मोबाइल से लेकर कार तक विभिन्न उपकरणों में होता है। आज के अधिकांश एडवांस्ड मशीनों में चिपसेट का प्रयोग किया जाता है, जो सिलिकॉन वेफ़र पर अरबों छोटे‑छोटे ट्रांज़िस्टर बनाकर प्रोसेसर और अन्य घटक तैयार करता है।
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