उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपए के जाली नोट मिलने के बाद से लगातार हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले में सस्पेंड और फरार बैंक मैनेजर अमित कुमार को एनआईए ने पिछले दिनों चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था। इसके बाद से इस केस जांच में काफी तेजी आ गई है। मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) फरार चल रहे दो बैंक अफसरों की तलाश में ताबड़तोड़ छापे मार रही है। इस बीच सिविल लाइंस शाखा स्थित करेंसी चेस्ट से बंडलों में रखे 4.33 लाख रुपये के नोट निकालने के मामले में वांडेड आरोपी विशाल कुमार को सदर बाजार पुलिस नेगिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने उसके कब्जे से मुकदमे से संबंधित 20,200 रुपये नकद बरामद किए हैं। मुख्य प्रबंधक अरुण कुमार चौबे की तहरीर पर 29 अगस्त को बैंक के करेंसी चेस्ट परिसर से रुपये निकालने के आरोप में पार्ट-टाइम हाउस कीपर (पीटीएचके) विशाल कुमार और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस के मुताबिक शनिवार को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने विशाल को छोटी रेलवे लाइन खंडहर क्वार्टर के सामने, रेलवे राशन डिपो के पास से पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विशाल पुत्र ब्रह्मपाल निवासी ग्राम बालेली, थाना गागलहेड़ी के रूप में हुई। पुलिस ने बताया कि बरामद 20,200 रुपये इसी मुकदमे से संबंधित हैं। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जरूरी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
करेंसी चेस्ट से रुपये निकाले जाने के मामले में सीसीटीवी फुटेज भी जांच का अहम आधार बनी है। जानकारी के मुताबिक, फुटेज में पार्ट-टाइम हाउसकीपर विशाल कुमार नोटों की गड्डियों से रुपये निकालते दिखाई दिया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए उसे गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 20,200 रुपये की नकदी भी बरामद हुई है।
सहारनपुर के एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट से रुपये निकाले जाने के मामले में वांछित आरोपी हाउसकीपर विशाल कुमार को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से 20,200 रुपये बरामद हुए हैं। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
वहीं, पीएनबी करेंसी चेस्ट से जुड़े जाली नोट प्रकरण में दो बड़े बैंक अफसरों की तलाश तेज हो गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीमें मुख्य मंडल प्रबंधक रवि कांसे और करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील कुमार की तलाश में संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं। दोनों आरोपी अभी एनआईए की पकड़ से दूर हैं। वहीं, जगाधरी करेंसी चेस्ट के निलंबित प्रबंधक अमित कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
घंटाघर के सोफिया मार्केट स्थित पीएनबी करेंसी चेस्ट से जुड़े मामले की जांच एनआईए कर रही है। रवि कांसे और सुशील कुमार के फरार होने के बाद जांच एजेंसी ने उनके परिजन, रिश्तेदारों और करीबियों से पूछताछ तेज कर दी है। दोनों के संपर्क में रहने वाले लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि उनके संभावित ठिकानों तक पहुंचा जा सके। जांच का दायरा अब आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों तक भी पहुंच गया है। एनआईए बैंक खातों, चल-अचल संपत्ति और अन्य वित्तीय लेनदेन का ब्योरा जुटा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि प्रकरण से किसी तरह का आर्थिक फायदा या लेनदेन तो नहीं जुड़ा है। अमित कुमार की गिरफ्तारी के बाद मिले सुरागों के आधार पर रवि कांसे और सुशील कुमार की भूमिका भी खंगाली जा रही है। एनआईए की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
एनआईए फरार आरोपियों के परिजनों, रिश्तेदारों और करीबी लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि फरारी के बाद दोनों ने किन लोगों से संपर्क किया और उनके संभावित ठिकाने कहां हो सकते हैं। जिन लोगों से दोनों के लगातार संपर्क में रहने की जानकारी मिली है, उनसे भी पूछताछ की जा रही है। तकनीकी जांच से इन जानकारियों का मिलान किया जा रहा है।
जगाधरी करेंसी चेस्ट के निलंबित प्रबंधक अमित कुमार की गिरफ्तारी के बाद एनआईए को मामले से जुड़े नए सुराग मिलने की उम्मीद है। इन्हीं जानकारियों के आधार पर मुख्य मंडल प्रबंधक रवि कांसे और करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील कुमार की भूमिका की जांच की जा रही है। दोनों की गिरफ्तारी के बाद नकली नोटों के पूरे मामले की तस्वीर और साफ होने की संभावना है।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!