उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ रुपए के जाली नोट मिलने के मामले में जगाधरी करेंसी चेस्ट के सस्पेंडेड मैनेजर अमित कुमार की गिरफ्तारी के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। बुधवार को एनआईए की टीम ने न्यू नंदपुरी स्थित अमित कुमार के निजी सहायक (Personal Assitant) आदेश कुमार के आवास पर पहुंचकर दस्तावेजों और अन्य कागजात की जांच की। टीम ने जांच के दौरान कुछ दस्तावेजों को अपने कब्जे में भी लिया। बताया जा रहा है कि आदेश कुमार की न्यू नंदपुरी क्षेत्र में कई संपत्तियां हैं। एनआईए टीम ने स्थानीय लोगों से उसकी संपत्तियों के संबंध में जानकारी जुटाई। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि इन संपत्तियों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से होता रहा है।
पीएनबी की करेंसी चेस्ट से 17 करोड़ 29 लाख रुपये की नकली भारतीय मुद्रा बरामद होने के मामले की जांच अब एनआईए कर रही है। अमित कुमार की गिरफ्तारी के अगले दिन उसके निजी सहायक के आवास पर हुई कार्रवाई को जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है। एनआईए की पड़ताल में अब केवल करेंसी चेस्ट में नकली नोट पहुंचने की परिस्थितियां ही नहीं, बल्कि अमित कुमार से जुड़े लोगों, संपर्कों, दस्तावेजों और संपत्तियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। कब्जे में लिए गए दस्तावेजों की जांच के बाद मामले में नए तथ्य सामने आने की संभावना है।
नकली करेंसी घोटाला मामले में एनआईए की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। निलंबित चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ में उसकी भूमिका, संपर्कों और करेंसी चेस्ट तक नकली नोट पहुंचने की कड़ी को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
बुधवार दोपहर करीब एक बजे एनआईए लखनऊ टीम के एसपी पुलिस लाइन स्थित एसएसपी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने एसएसपी अभिनंदन और एसपी सिटी व्योम बिंदल के साथ मामले को लेकर चर्चा की। बैठक में अब तक सामने आए तथ्यों, जांच की दिशा और पुराने नकली नोटों के मामलों को लेकर जानकारी साझा की गई। एनआईए अधिकारियों के मुताबिक जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। एजेंसी अब तक की पड़ताल के आधार पर दो अन्य आरोपितों तक लगभग पहुंच चुकी है और उनकी गिरफ्तारी जल्द होने के संकेत दिए गए हैं।
हालांकि जांच को प्रभावित होने से बचाने के लिए आरोपितों की पहचान और कार्रवाई से जुड़ी जानकारी साझा नहीं की गई। जांच का अहम बिंदु यह है कि करेंसी चेस्ट से बरामद इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट वहां तक किस नेटवर्क के जरिये पहुंचे। एजेंसी पुराने मामलों और संदिग्ध लोगों के बीच संभावित कनेक्शन भी तलाश रही है। नकली करेंसी के इस मामले में विदेशी कनेक्शन की संभावना पर भी एनआईए की नजर है। हालांकि अधिकारियों ने इस संबंध में अभी कोई निष्कर्ष नहीं बताया है।
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