दिल्ली के जंतर-मंतर पर जेन-जी के प्रदर्शन के बाद देश के अलग-अलग राज्यों से लगातार 12-13 साल के बच्चों (जेन-अल्फा) के प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं। कहीं स्कूल की अव्यवस्था, कहीं सड़क की खस्ताहालत तो कहीं नशेबाजी के खिलाफ जेन-अल्फा आंदोलित हैं। उत्तर प्रदेश में भी फतेहपुर, लखनऊ, हमीरपुर, उन्नाव, बस्ती समेत कई जिलों से जेन-अल्फा के प्रदर्शन की खबरें आई हैं। इस बीच बुधवार को महोबा में जिला मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर दूर रैपुरा-बनियातला मार्ग पर बीते एक महीने से कीचड़ भरा होने को लेकर इस रास्ते स्कूल जाने वाले छात्रों का सब्र टूट पड़ा। उन्होंने अभिभावकों के साथ झांसी-मिर्जापुर राजमार्ग पर पहुंचकर जाम लगा दिया। इस दौरान खूब नारेबाजी भी की। आरोप है कि जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रों और उनके अभिभावकों के साथ बदसलूकी की। बच्चों को सड़क से जबरन हटाने की कोशिश की गई। हालांकि बच्चे अड़े रहे और बीच-बीच में नारेबाजी भी करते रहे। अंत में तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन दिया, तब जाकर बच्चे वहां से हटने को तैयार हुए।
मिली जानकारी के अनुसार रैपरा-बनियातला मार्ग पर अक्सर ये समस्या आती है। इधर, बारिश शुरू होते ही रैपुरा से बनियातला मार्ग पूरी तरह से कीचड़ से भर गया है। करीब एक हफ्ते से यहां के हालात और ज्यादा भयावह हो गए हैं। स्थिति यह है कि इस रास्ते से साइकिल सवार तो दूर पैदल भी बमुश्किल निकल सकते हैं। सबसे ज्यादा परेशान स्कूली छात्र हैं। बुधवार को बनियातला, पुरा और रैपुरा गांवों के छात्र-छात्राओं ने अभिभावकों के साथ झांसी-मिर्जापुर राजमार्ग पर पहुंचकर जाम लगा दिया। करीब 200 की संख्या में छात्रों ने रिमझिम बारिश के बीच प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
छात्रों का कहना था कि पिछले पांच साल से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है। बार-बार अश्वासन के बाद भी निर्माण न होने से परेशानी बढ़ती जा रही है। बारिश के बाद वह स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं। चार गांवों को मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़क कीचड़ से सराबोर है। गांव से मरीजों और बुजुर्गों को इलाज के लिए भी परेशानी होती है। गर्भवती महिलाएं भी अस्पताल नहीं पहुंच पाती है। छात्रों के प्रदर्शन की सूचना पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनीष पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि छात्रों और ग्रामीणों को समझाने के दौरान पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी भी की। एक पुलिसकर्मी पर लात मारने का भी आरोप लगा है। हालांकि पुलिस के अधिकारियों से इसका खंडन किया है। कुछ देर बाद तहसीलदार अभिषेक मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर छात्रों की समस्याओं को सुनकर निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलित छात्र और ग्रामीण शांत हुए और जाम खोला।
एक तरफ जहां महोबा में पुलिस पर जेन-अल्फा के साथ बदसलूकी के आरोप लगे हैं वहीं उन्नाव में डीएम और एसपी ने शिक्षकों की कमी, खराब भोजन और बदहाली के खिलाफ आंदोलित जेन-अल्फा के साथ में खाना खाकर उन्हें मनााया। उन्नाव में करीब 200 बच्चों ने नारेबाजी करते हुए मोहान तिराहे को जाम कर दिया था। सूचना पर पहुंचे डीएम और एसपी ने बच्चों को आश्वासन दिया और इसके बाद उनका प्रदर्शन खत्म हो गया।
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