नेपाल में आई बाढ़ की चपेट में आए मैनपुरी के हिमांशु शाक्य की सलामती की दुआएं की जा रही हैं। मैनपुरी और कन्नौज के सीमावर्ती गांव कल्याणपुर निवासी हिमांशु 26 अगस्त से ही लापता है। वह त्रिशुली में चल रहे हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थे। पिछले महीने 30 जुलाई को ही वह गांव से त्रिशुली चले गए थे।
मैनपुरी और कन्नौज जिले की सीमा पर स्थित कल्याणपुर निवासी 31 वर्षीय हिमांशु शाक्य त्रिशूली में हाइड्रो पावर प्लांट में टेक्नीशियन के पद पर नौकरी कर रहे थे। जुलाई में छुट्टी पर आने के बाद वह 30 जुलाई को वापस त्रिशूली पहुंच गए। 26 अगस्त को बांध टूटने के बाद सैकड़ों कर्मचारी बाढ़ की चपेट में आकर गायब हो गए। जिसमें हिमांशु भी शामिल है। हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पर काम कर रही निजी कंपनी से बात की गई तो कंपनी के अधिकारियों ने भी हिमांशु के गायब होने की पुष्टि की। परिवार के लोग 26 अगस्त से लगातार हिमांशु की सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं। बड़ी संख्या में गांव के लोग और रिश्तेदार भी परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।
प्रोजेक्ट कंपनी और नेपाल सरकार की टीमें घटना के बाद से ही मौके पर रेस्क्यू कर रही है। कंपनी के लोगों ने परिवार के लोगों को नेपाल आने से रोक दिया है। काठमांडू से आगे जाने की इजाजत नहीं है। कंपनी के लोगों का कहना है की रेस्क्यू चल रहा है। जैसे ही कुछ पता चलता है परिवार के लोगों को अवगत करा दिया जाएगा। नेपाल में भारत के दूतावास से भी संपर्क स्थापित किया गया है।
हिमांशु के भाई दीपांशु ने बताया कि वह दो भाई और एक बहन है। परिवार के लोगों का उनके गायब होने की खबर से बुरा हाल है। रक्षाबंधन का त्योहार भी ठीक से नहीं मन पाया। नेपाल बाढ़ में लापता हिमांशु की फोटो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रही है। लोग सोशल मीडिया पर फोटो के साथ हिमांशु के सकुशल होने की दुआएं कर रहे हैं।
उधर, नेपाल की बाढ़ की दहशत यूपी के सीमावर्ती जिलों में अब भी बनी हुई है। महाराजगंज में गंडक नदी में पानी बढ़ने का डर ग्रामीणों को अभी भी सता रहा है। नेपाल के उत्तरी हिस्सों में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में तबाही मचाने वाले फ्लैश फ्लड के बाद लोग नेपाल से आ रहे गंडक नदी के डिस्चार्ज और जलस्तर पर टकटकी लगाए हुए हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा शनिवार शाम 4 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार गंडक नदी का जलस्तर फिलहाल नियंत्रण में है। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज का डिस्चार्ज 99 हजार 800 क्यूसेक दर्ज किया गया है। यह सुबह 8 बजे से स्थिर बना हुआ है। बैराज का अपस्ट्रीम जलस्तर 110.41 मीटर व डाउनस्ट्रीम जलस्तर 106.86 मीटर है। यह खतरे के निशान 109.670 मीटर से नीचे है। डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक से नीचे और स्थिर रहने के कारण फिलहाल दियारा क्षेत्र के गांवों पर बाढ़ का सीधा खतरा टला हुआ है।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!