सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भाजपा सरकार पर महंगाई, किसान और शिक्षा के मुद्दे पर जमकर हमला बोला। इसके अलावा आरएसएस पर भी तीखा हमला किया। कहा कि ये लोग अंडरग्राउंड और सुरंगवादी लोग है। वहीं, चीनी के बढ़ते दामों को लेकर कहा कि त्योहारों की रौनक को फीका कर दिया है। देश में सबसे बड़ा संकट भाजपा है, इसके हटने पर कई संकट खत्म हो जाएंगे।
अखिलेश यादव रक्षाबंधन मनाने परिवार के साथ सैफई पहुंचे थे। इस दौरान महिलाओं ने उन्हें राखी बांधीं। यहां कार्यकर्ताओं से मिलकर उनके हालचाल लिए और त्योहार की शुभकामनाएं दीं। बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं और महिला समर्थकों ने उनको राखी बांधी। अखिलेश ने उनको रक्षा का वचन भी दिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई के बहन की रक्षा का संकल्प लेने का पर्व है लेकिन आज महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का भी संकल्प लेना चाहिए। पीडीए में आधी आबादी महिलाओं की है। आने वाली समाजवादी सरकार में महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए निर्णय लिए जाएंगे।
अखिलेश यादव ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे लोग अंडरग्राउंड, अनरजिस्टर्ड और सुरंगवादी हैं। उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है। देश के सामने सबसे बड़ा संकट भाजपा है। भाजपा हटेगी तो संकट खत्म होगा। अखिलेश ने प्रदेशवासियों से एकजुट होने और आने वाले समय में समाजवादी पार्टी को मजबूत करने की अपील की।
नेपाल में हुई प्राकृतिक आपदा पर दुख जताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि घटना के कारणों की वैज्ञानिक जांच जरूरी है। उपग्रह और आधुनिक तकनीक से समय रहते ऐसी घटनाओं की जानकारी मिल जाए तो जनहानि को कम किया जा सकता है। सरकार को ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए। मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए भारत सरकार से नेपाल को हरसंभव सहायता पहुंचाने की अपील की।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार उद्योगपतियों को मुनाफा कमाने की खुली छूट दे रही है। महंगी चीनी और पेट्रोल से होने वाला मुनाफा किसके पास जा रहा है, कहीं इसी मुनाफे में चंदे का हिस्सा तो नहीं है। किसानों की स्थिति पर उन्होंने कहा कि पहले बोरी से खाद की चोरी होती थी, अब पूरी बोरी गायब हो गई।
शिक्षा व्यवस्था पर अखिलेश ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई पत्रकार प्राथमिक विद्यालय की बदहाली दिखा दे तो शायद उसे जेल भेज दिया जाए। सैफई और लखनऊ में नए प्राथमिक तथा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बनाने का निर्णय हुआ था, लेकिन जो विद्यालय बनने शुरू हुए थे, उन्हें भी बर्बाद कर दिया गया। आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा को बढ़ावा नहीं देना चाहती, क्योंकि गरीब का बच्चा पढ़ेगा तो सवाल करेगा और अच्छे-बुरे को समझेगा। जो लोग सवालों से घबराते हैं, वे लोकतंत्र को कैसे मजबूत करेंगे।
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