प्लेट1Saharanpur Masjid Demolition Live: सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। अब तक मस्जिद का 50 फीसदी से अधिक हिस्सा ध्वस्त किया जा चुका। वही दो जेसीबी से बाकी हिस्से को गिराने का काम कर रहे हैं। सुरक्षा के लिए 10 से ज्यादा थानों की फोर्स और पीएसी तैनात है। डीआईजी अभिषेक सिंह ने कहा कि अदालत के आदेश के क्रम में निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद कानूनी कार्रवाई के तहत ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। उधर, सपा सांसद इकरा हसन को पुलिस को सहारनपुर जाने से पहले उनके आवास पर रोक दिया गया।
सहारनपुर में प्रशासन ने शनिवार तड़के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। वहीं, रातभर चली बेदखली और सीलिंग की कार्रवाई के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण के दौरान कलेक्ट्रेट के आसपास सुरक्षा और बढ़ा दी। कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी तैनात रही और कलेक्ट्रेट के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए।
Saharanpur Masjid Demolition Live, 11.45 बजे: एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन औवैसी ने एक्स पर लिखा, 'सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मौजूद मस्जिद को आज सुबह 5 बजे ढहा दिया गया। क्या मुसलमानों के लिए अब मज़हबी आज़ादी का संवैधानिक हक़ भी नहीं बचा है? हमारी इबादतगाहों पर बार-बार कमज़ोर और मनगढ़ंत वजहों के नाम पर बुलडोज़र क्यों चलाया जाता है? मस्जिद कमेटी ने 1911 के दस्तावेज़ अदालत में पेश करके यह साबित करने की कोशिश की कि यह मस्जिद कलेक्ट्रेट से पहले से मौजूद थी। एक सदी से भी ज़्यादा वक़्त से वहाँ लगातार नमाज़ होती रही है। यानी यह कोई आज खड़ी कर दी गई इमारत नहीं है, बल्कि लंबे अरसे से एक इबादतगाह के तौर पर इस्तेमाल होती रही है। यही वक़्फ़ बाय यूज़र की बुनियाद है, जिसे क़ानून में भी मान्यता मिली है।'
ओवैसी ने अपने पोस्ट में आगे लिखा, ‘Limitation Act का भी यही उसूल है कि हुकूमत किसी ज़मीन पर एक सदी से ज़्यादा पुरानी, खुलेआम और लगातार चली आ रही क़ब्ज़ेदारी को अचानक नज़रअंदाज़ करके एक दिन उठे और कहे कि अब यह ज़मीन हमारी है। जब एक सदी से ज़्यादा अरसे से खुला और लगातार क़ब्ज़ा रहा है, तो रियासत यह कैसे मान सकती है कि क़ब्ज़ा कल से शुरू हुआ था? हुकूमत की दलील को मान भी लें, तो इतने लंबे अरसे की क़ब्ज़ेदारी के बाद adverse possession का सवाल तो उठेगा ही। मस्जिद पहले थी, कलेक्ट्रेट बाद में आया। कुछ लोगों को शायद मस्जिद दिख जाने पर भी तकलीफ़ होती है। लेकिन यह उनका मसला है, हमारा नहीं। नज़र फेरनी है तो फेर लो। लेकिन अपनी खुन्नस मिटाने के लिए हमारी मस्जिद पर बुलडोज़र नहीं चला सकते।’
Saharanpur Masjid Demolition Live, 11.30 बजे: बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ‘सहारनपुर की मस्जिद सहित पूरे उत्तर प्रदेश में आए दिन मस्जिदों को काफी आपाधापी में अवैध बताकर उनको ध्वस्त करने का जो सरकारी अभियान चल रहा है वह ठीक नहीं है। सरकार को ऐसे निगेटिव हालात से बचने के लिये इस पर तुरंत रोक लगाकर इसके समाधान के अन्य उपाय ज़रूर करने चाहिये। वैसे भी एक संवैधानिक सेक्युलर सरकार द्वारा सभी धर्मों के मानने वालों एवं उनके धार्मिक स्थलों समेत अन्य का एक समान आदर-सम्मान और उनकी सुरक्षा करने का उत्तरदायित्व बनता है। इस्लाम मज़हब में मस्जिदें हर दिन इबादत बल्कि दिन में कई बार जमात के साथ नमाज़ पढ़ने का मुख्य व अभिन्न अंग हैं, जिसको ध्यान में रखकर भारतीय परम्परा के अनुसार सम्मान देना देश व व्यापक जनहित में ज़रूरी है।’
Saharanpur Masjid Demolition Live, 11.05 बजे: सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, ‘इकरा हसन हमारी पार्टी की सांसद हैं। जो जानकारी मिली है कि वहां के विधायक को, वहां के लोगों को हाउस अरेस्ट कर दिया गया। ये उनका संवैधानिक अधिकार है और इस संवैधानिक अधिकार को भाजपा पूरी तरह से रौंदना चाहती है, बल्कि रौंद रही है। लोकतंत्र केलिए इससे बड़ा खतरा कुछ नहीं हो सकता। लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने का काम भाजपा की सरकार कर रही है। किसी घटना के समय वहां के जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी होती है वहां पर जाना, जनता से बात करना। ये सब उसके अधिकार क्षेत्र में होता है... जिस तरह का माहौल भाजपा लगातार बना रही है।’
Saharanpur Masjid Demolition Live, 10.30 बजे: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद प्रकरण को लेकर कैराना सांसद इकरा हसन को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला सामने आया है।देर रात में ही सांसद के आवास के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।बताया गया कि सांसद सहारनपुर जाने की तैयारी कर रही थीं, इसी दौरान रात में भारी संख्या में पुलिस बल उनके कैराना स्थित आवास पर पहुंच गया और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया।
हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद सांसद इकरा हसन ने कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोकने के लिए उनके आवास पर पुलिस बल तैनात किया गया। उन्होंने कहा कि वह सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण के संबंध में अधिकारियों से मुलाकात कर क्षेत्र की जनता की आवाज उनके सामने रखना चाहती थीं, लेकिन उन्हें घर से बाहर निकलने तक नहीं दिया गया।
Saharanpur Masjid Demolition Live, 9.30 बजे: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद पर हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, टकल पूरी रात हमारे लोग जागते रहे, हम लगातार अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास करते रहे। मस्जिद को ध्वस्त नहीं किया गया है बल्कि वहां संविधान की धज्जियां उड़ाई गई हैं। संविधान में जो अधिकार दिए गए हैं, उन्हें रौंदा गया है। मस्जिद 1911 से पहले की है, मस्जिद की मलकियत आज भी वहीद खान याकूब खां के नाम है। आज का दिन सहारनपुर के लोगों के लिए काला दिन है... हम लोग इस लड़ाई को मजबूती के साथ कानून के दायरे में रहकर लड़ेंगे।'
Saharanpur Masjid Demolition Live, 9.15 बजे: DIG अभिषेक सिंह ने कहा, ‘सहारनपुर के कलेक्ट्रेट में एक मस्जिद थी, जिसको सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध पाया गया था। इस आदेश के खिलाफ मस्जिद कमेटी फर्स्ट अपील में गई थी, उनकी अपील खारिज हो गई है। सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को पुष्ट किया गया है। इस अवैध निर्माण की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है...सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जा रही है और अगर कोई किसी तरह की अफवाह फैलाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी’
Saharanpur Masjid Demolition Live, 9.05 बजे: कलेक्ट्रेट मस्जिद का 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा ध्वस्त किया जा चुका है। अभी कार्रवाई आगे जारी है। दो जेसीबी से ध्वस्तीकरण का काम जारी। नगर निगम के आधा दर्जन से अधिक डंपर मलबा लेकर कलेक्ट्रेट से बाहर निकालने में लगे हैं।
Saharanpur Masjid Demolition Live, 8.25 बजे: कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। एडीएम प्रशासन संतोष बहादुर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह, एसपी सिटी व्योम बिंदल और सीओ द्वितीय मनोज यादव समेत अन्य अधिकारी कलेक्ट्रेट में मौजूद रहे। मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर शहर में भी चर्चा बनी रही। इस बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। कलेक्ट्रेट के आसपास सुरक्षा बढ़ाए जाने के कारण पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जैसा माहौल बना रहा। पुलिस बल लगातार निगरानी करता रहा।
Saharanpur Masjid Demolition Live, 8.15 बजे: कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होते ही पूरा इलाका कड़ी सुरक्षा में घिर गया। रातभर चली बेदखली और सीलिंग की कार्रवाई के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण के दौरान कलेक्ट्रेट के आसपास सुरक्षा और बढ़ा दी। कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी तैनात रही और कलेक्ट्रेट के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए।
Saharanpur Masjid Demolition Live, 8.05 बजे: सरकारी जमीन पर बनी बताई जा रही मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू हो गई है। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया है।
Saharanpur Masjid Demolition Live, 7.40 बजे: सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद पर रातभर बेदखली की कार्रवाई चली और ध्वस्तीकरण की तैयारी तेज कर दी गई। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद में सीलिंग की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। मौके पर कई थानों की पुलिस और पीएसी तैनात है। मस्जिद को गिराए जाने की चर्चा के बीच प्रशासन ने कलेक्ट्रेट के चारों ओर सुरक्षा बढ़ा दी। 10 से अधिक थानों की फोर्स तैनात कर कलेक्ट्रेट के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए हैं।
Saharanpur Masjid Demolition Live, 7.30 बजे: मस्जिद और उसके आसपास के क्षेत्र में पुलिस की निगरानी लगातार बनी रही। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। एडीएम प्रशासन संतोष बहादुर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह, एसपी सिटी व्योम बिंदल और सीओ द्वितीय मनोज यादव समेत अन्य अधिकारी कलेक्ट्रेट में मौजूद रहे। मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर शहर में भी चर्चा बनी रही। इस बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। कलेक्ट्रेट के आसपास सुरक्षा बढ़ाए जाने के कारण पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जैसा माहौल बना रहा। पुलिस बल लगातार निगरानी करता रहा।
Saharanpur Masjid Demolition Live, 7 बजे: जमीन को सरकारी बताते हुए मस्जिद को अवैध ठहराने वाले कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज की। जिला जज ने भी निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा था। इसके बाद मस्जिद को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 10 से ज्यादा थानों की फोर्स को कलेक्ट्रेट के आसपास लगाया गया।
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