दिल्ली में शनिवार को हुए प्रदर्शन पर लाठीचार्ज के आरोपों के बाद कांग्रेस ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का घोषणा किया है। राहुल गांधी ने इस मार्च को किसी एक पार्टी का प्रदर्शन बनाने के बजाय देश के नागरिकों की आवाज़ बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पार्टी, जाति, धर्म, लिंग या राज्य की पहचान से ऊपर उठकर सभी भारतीय नागरिक इस मार्च में शामिल हों।
राहुल ने अपने सोशल‑मीडिया पोस्ट में बताया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने आए लोगों को पुलिस और भाजपा से जुड़े लोगों ने पीटा। उन्होंने लिखा, “यह वह भारत नहीं है, जिसे हम चाहते हैं।” उनका तर्क था कि प्रदर्शनकर्ता नफ़रत या गुस्से से नहीं, बल्कि अपने विचार व्यक्त करने के इरादे से आए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजित डोभाल और मोहन भागवत के नाम लेते हुए राहुल ने कहा कि ये लोग भारत की आवाज़ को दबा नहीं सकते। उन्होंने लोगों से “डरो मत” कहकर अपील की कि सोमवार के मार्च में प्यार, भाईचारे और देशभक्ति की भावना के साथ शामिल हों।
विरोध के तीन मुख्य मांगें—वोट‑चोरी पर रोक, SIR (मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण) की प्रक्रिया को रोकना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा—मुख्य न्यायाधीश को सौंपे जाने वाले ज्ञापन में रखी जाएँगी। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इन मुद्दों को लेकर लंबे समय से चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगा रहे हैं।
INDIA ब्लॉक ने अपने सांसदों को सोमवार दोपहर एक बजे तक दिल्ली पहुंचने का निर्देश दिया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी विपक्षी सांसदों, नेताओं और कार्यकर्ताओं से मार्च में भाग लेने की अपील की है। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर वोट‑चोरी, SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी।
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा कि सोमवार का प्रदर्शन राजधानी में पहले कभी नहीं देखा गया होगा। उन्होंने भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी की “छात्रों की गूंज” टिप्पणी को मुद्दे से ध्यान हटाने का प्रयास बताया।
झारखंड की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सवाल उठाए और कहा कि चुनाव आयोग को अनियमितताओं पर साफ़-साफ़ जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता SIR के विरोध में दिल्ली जा रहे हैं।
कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक के कई क्षेत्रों में वोट‑चोरी के मुद्दे उठाए हैं, लेकिन सरकार और चुनाव आयोग ने इन पर कार्रवाई नहीं की।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ जगहों पर ईवीएम से छेड़छाड़ हुई, जबकि अन्य जगहों पर मतदाता सूची से नाम हटाए गए।
राहुल गांधी ने इस मार्च को पार्टी की पहचान से ऊपर उठकर सभी नागरिकों को एकजुट करने का मंच बनाया है। विपक्ष का लक्ष्य मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर चुनाव प्रक्रिया में सुधार की मांग करना और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जन समर्थन जुटाना है।
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