यूपी के रायबरेली में एक गरीब परिवार की मजबूरी का फायदा उठाकर उसकी बेटी से गंदी मांग करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लालगंज तहसील क्षेत्र में रहने वाले गरीब परिवार को सरकारी मदद दिलाने के बदले में लेखपाल ने पहले रिश्वत की डिमांड की। परिवार ने गरीबी का हवाला देते हुए अपनी मजबूरी बताई तो लेखपाल ने शर्मनाक हरकत की। परिवार से कह दिया कि काम करवाना है तो अपनी बेटी मेरे पास भेजो। जवान बेटी के लिए इस तरह की बातें सुनकर गरीब परिवार हैरान रह गया। मामले की शिकायत करने परिवार एसडीएम के पास पहुंचा। आरोप है कि वहां भी एसडीएम ने अभद्रता की। इतनी गंभीर शिकायत को सुनने के बाद भी एसडीएम हंसने लगे। कांग्रेस ने परिवार की हालत एक्स पर पोस्ट की तो खलबली मच गई। मामले की जांच क्षेत्राधिकारी लालगंज को सौंप दी गई है।
तहसील क्षेत्र के एक गरीब परिवार को सरकारी मदद की आवश्यकता थी। इसके लिए क्षेत्रीय लेखपाल से मामले की रिपोर्ट लगाए जाने की बात कही गई। आरोप है कि रिपोर्ट के एवज में लेखपाल ने परिवार से इसके बदले रुपयों की मांग की। पीड़ित परिवार का कहना है कि आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण जब महिला ने रुपये देने में असमर्थता जताई तो लेखपाल ने उनकी बेटी को अपने पास भेजने की मांग कर दी।
बेटी को लेकर इस तरह की मांग से परिवार बेहद आक्रोशित हो गया। लेखपाल की शिकायत उच्चाधिकारियों से की। परिवार का आरोप है कि जब वह अपनी फरियाद लेकर एसडीएम के पास पहुंचे तो मामले को गंभीरता से लेने के बजाए कथित तौर पर हंसते हुए प्रतिक्रिया दी। पीड़ित पक्ष के अनुसार अधिकारी की इस प्रतिक्रिया से उनकी परेशानी और बढ़ गई। मामला कांग्रेस तक पहुंचा तो बेटी की गुहार वीडियो के रूप में एक्स पर आ गई। इससे खलबली मच गई। प्रशासन ने मामले की जांच का आदेश देते हुए क्षेत्राधिकारी लालगंज सुजीत राय को जिम्मेदारी सौंपी है।
कांग्रेस का योगी सरकार पर हमला
वहीं कांग्रेस ने एक्स पर पीड़ित परिवार का वीडियो पोस्ट करते हुए यूपी की योगी सरकार पर हमला बोला है। कहा कि योगी जी के राज में कानून और इंसानियत दोनों दम तोड़ रहे हैं। रायबरेली से सामने आया यह मामला इस बात का सबसे खौफनाक सबूत है।
गरीबी से टूटे परिवार की मजबूरी का फायदा उठाकर क्षेत्रीय लेखपाल दिनेश कुमार सविता ने मदद की रिपोर्ट लगाने के एवज में जो शर्मनाक मांग रखी, वह किसी भी इंसान की रूह कंपा देने के लिए काफी है। जब एक बेटी की माँ ने पैसे देने में असमर्थता जताई तो उस दरिंदे लेखपाल ने अपनी हवस पूरी करने के लिए सीधे कह दिया कि "काम करवाना है तो बेटी को मेरे पास भेज दो!"
कांग्रेस ने कहा कि हद तो तब हो गई जब पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लेकर एसडीएम के पास पहुंचा तो साहब न्याय करने के बजाय हंसने लगे। अधिकारी की इस संवेदनहीनता और क्रूर हंसी ने यह साफ कर दिया कि इस तंत्र में गरीबों और पीड़ितों की सुनने वाला कोई नहीं है। आरोपी लेखपाल के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना इस पूरी व्यवस्था के माथे पर एक बड़ा कलंक है।
कहा कि जब रखवाले ही भक्षक बन जाएं और प्रशासन अपराधियों की ढाल बन जाए तो जनता किससे उम्मीद करे? इस गंभीर मामले में निष्पक्ष जांच करके लेखपाल और असंवेदनशील अधिकारी पर तुरंत सबसे कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
गरीब परिवार की मजबूरी का फायदा उठाकर सरकारी रिपोर्ट के नाम पर इस तरह की कथित मांग का आरोप बेहद गंभीर है। अब सीओ की जांच पर नजरें टिक गई हैं। आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय माना जा रहा है।
वहीं सीओ सुजीत राय ने कहा कि मामले की अभी पूरी जानकारी नहीं है लेकिन अधिकारियों की ओर से अगर उन्हें जांच के लिए निर्देशित किया गया है तो पूरे मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई के लिए अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।काम करवाना है तो बेटी को मेरे पास भेजो, सरकारी मदद के लिए लेखपाल की डिमांड, एसडीएम पर भी गंभीर आरोप
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