नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार में भी बाढ़ को लेकर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। हालांकि, राज्य सरकार का दावा है कि वो बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए पूरी तरह अलर्ट है। इधऱ बिहार में बाढ़ के खतरे के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। तेजस्वी यादव ने लोगों को बाढ़ से सतर्क रहने की सलाह भी दी है। दिल्ली पहुंचने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बाढ़ की समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। तेजस्वी ने कहा कि केंद्र सरकार ने अब तक बिहार और नेपाल सरकार के साथ बाढ़ की समस्या पर गंभीरता से बातचीत नहीं की है। उन्होंने कहा कि हर साल बिहार को बाढ़ की मार झेलनी पड़ती है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि रक्षाबंधन को देखते हुए तेजस्वी यादव अपनी बहन से राखी बंधवाने के लिए दिल्ली गए हैं। तेजस्वी यादव के साथ लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के भी दिल्ली जाने की चर्चा है।
इधर नेपाल में आई भीषण आपदा और सैलाब के बाद गंडक नदी में संभावित जलवृद्धि को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर पहुंचे। उन्होंने इंडो-नेपाल सीमा पर स्थित गंडक बराज का निरीक्षण किया और बराज के विभिन्न फाटकों की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने गंडक नदी के जलस्तर की जानकारी लेते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से मौजूदा स्थिति और संभावित प्रभावों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को नेपाल में हुई भारी बारिश और बाढ़ के बाद गंडक नदी में पानी बढ़ने की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी।
साथ ही सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन की ओर से की गई तैयारियों से भी अवगत कराया गया। एसडीएम बगहा चांदनी कुमारी, एसपी राजेश कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सीमावर्ती क्षेत्र की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि संभावित जलवृद्धि को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों को सतर्क रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ ही आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी रखी गई है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को गंडक नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
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