यूपी में मौसम मेहरबान है। शनिवार को पूर्वी यूपी के कई हिस्सों में बारिश हुई। गोरखपुर, मिर्जापुर, वाराणसी, प्रयागराज, चंदौली और आसपास के जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। जबकि पश्चिमी यूपी में हल्की से मध्यम वर्षा हुई। वैज्ञानिकों की मानें तो रविवार को कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग की मानें तो गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, महराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसे लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, शामली, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, कासगंज और आसपास के इलाके में यलो अलर्ट जारी है।
शनिवार को गोरखपुर में सबसे अधिक 141.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बांसगांव में 98 मिमी, मिर्जापुर के चुनार में 80 मिमी, पलियाकलां (खीरी) में 70.4 मिमी, बीएचयू वाराणसी में 64 मिमी और सुल्तानपुर में 58 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। पश्चिमी में बारिश का प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहा। बिजनौर के चांदपुर में 35 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि बदायूं के दातागंज में 17 मिमी, झांसी में 15.2 मिमी, ललितपुर के महरौनी में 15 मिमी और जालौन के कालपी में 14 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 18 जुलाई तक पूरे उत्तर प्रदेश में मॉनसून के दौरान 176.4 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 247.8 मिमी होती है। ऐसे में अब तक 29 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में शनिवार की अच्छी बारिश के कारण दैनिक बारिश सामान्य से 9 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई, लेकिन पूरे मॉनसून सीजन में यहां अभी भी 40 प्रतिशत की कमी बनी हुई है। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शनिवार को सामान्य से 76 प्रतिशत कम बारिश हुई, हालांकि पूरे मॉनसून सीजन में यहां बारिश की कमी घटकर 8 प्रतिशत रह गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने और मॉनसूनी द्रोणिका के उत्तर प्रदेश के निकट बने रहने से पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर मध्यम से भारी वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। इससे गंगा, यमुना, घाघरा, राप्ती, सरयू और अन्य प्रमुख नदियों के जलस्तर में धीरे-धीरे वृद्धि हो सकती है। प्रशासन ने नदी तटीय क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने तथा मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।
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