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राज्य सरकार ने महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश देने के नियम में बड़ा बदलाव किया है। अब मातृत्व अवकाश के लिए दो बच्चों की उम्र के बीच दो साल का अंतर होना अनिवार्य नहीं होगा। कैबिनेट बाई सर्कुलेशन शनिवार को वित्त विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले 3.50 लाख रसोइयों को बड़ा तोहफा मिला है। सरकार ने उनका मानदेय 1000 रुपये बढ़ाने का निर्णय लिया है। कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मानदेय बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। अब उन्हें हर महीने (साल में 10 महीने) 3000 रुपये मानदेय सितंबर से लागू किया जाएगा। यूपी में 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों में 1.46 करोड़ छात्रों को मिड-डे-मील दिया जा रहा है। रसोइयों को पहले एक हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाता था। 2019 में इसे बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया और 2022 में मासिक मानदेय बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया गया था। रसोइयों को अभी 200 रुपये मासिक मानदेय के साथ ही 500 रुपये यूनिफॉर्म व 400 रुपये ग्लब्स के लिए भी दिए जाते हैं। सरकार ने चुनाव से पहले रसोइयों की लंबे समय से चल रही मांग को पूरा किया है। इसी क्रम में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड का भी वितरण करेंगे।
बरेली के नवाबगंज और बुलंदशहर के जहांगीराबाद में नए बस स्टेशन बनने का रास्ता साफ हो गया है। दोनों जगह बस स्टेशन के लिए राजस्व विभाग की जमीन परिवहन विभाग को निशुल्क उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन से मंजूरी मिल गई है। नवाबगंज में जमीन परिवहन निगम को निशुल्क पट्टे पर दी जाएगी, जबकि जहांगीराबाद में राजस्व विभाग की जमीन परिवहन विभाग को निशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। नवाबगंज में बस स्टेशन की जरूरत लंबे समय से थी। पुराने बस अड्डे की जमीन के अनुपयोगी होने के बाद नए स्थान पर बस स्टेशन बनाने की कवायद चल रही थी। वहीं जहांगीराबाद में भी बस स्टेशन के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी। वर्ष 2019 में भी यहां बस अड्डे के निर्माण का प्रस्ताव तैयार होने और जमीन नहीं मिलने की बात सामने आई थी। दोनों स्थानों पर जमीन उपलब्ध होने के बाद बस स्टेशन निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। इससे स्थानीय यात्रियों को व्यवस्थित बस सुविधा मिलने के साथ परिवहन सेवाओं का विस्तार भी होगा। प्रदेश में बस स्टेशनों के लिए सरकारी विभागों की जमीन निशुल्क उपलब्ध कराने की नीति के तहत इस तरह के प्रस्तावों को मंजूरी दी जा रही है। अप्रैल 2026 में भी कई बस स्टेशनों के लिए विभिन्न विभागों की जमीन परिवहन विभाग को उपलब्ध कराने के फैसले लिए गए थे।
प्रदेश सरकार ने अयोध्या धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंत्रिपरिषद ने जनपद अयोध्या में पंचकोसी परिक्रमा मार्ग (अन्य जिला मार्ग) के चैनेज 0.00 से 10.775 के मध्य 9.025 किलोमीटर लंबाई के मार्ग को 04 लेन में चौड़ीकरण एवं विस्तारीकरण किए जाने के लिए पुनरीक्षित लागत की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अयोध्या धाम में प्रतिवर्ष कार्तिक मास में विश्व प्रसिद्ध पंचकोसी परिक्रमा का आयोजन होता है, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। वर्ष 2024 में भगवान श्रीराम मंदिर का निर्माण पूर्ण होने के बाद अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस वर्ष लगभग 35 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पंचकोसी परिक्रमा में भाग लिया। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए मौजूदा परिक्रमा मार्ग की क्षमता को बढ़ाना आवश्यक हो गया है। वर्तमान में परिक्रमा मार्ग के कैरिजवे की अधिकतम चौड़ाई लगभग 7 मीटर है, जो बढ़ते यातायात एवं श्रद्धालुओं की संख्या के दृष्टिगत पर्याप्त नहीं है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगम आवागमन तथा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मार्ग के चौड़ीकरण एवं विस्तारीकरण का निर्णय लिया गया है। मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत प्रस्ताव के तहत संबंधित मार्ग के चौड़ीकरण एवं विस्तारीकरण के साथ आवश्यक अन्य कार्य भी कराए जाएंगे। परियोजना की पुनरीक्षित लागत 46,645.62 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इस परियोजना के पूर्ण होने से पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी तथा परिक्रमा के दौरान भीड़-भाड़ के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने में मदद मिलेगी।
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