अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने तीन‑दिवसीय भारत यात्रा के दौरान जामनगर रिफाइनरी का निरीक्षण किया। इस दौरे से भारत‑अमेरिका ऊर्जा सहयोग और लंबी अवधि के ट्रेड समझौते की दिशा स्पष्ट हुई।
पिछले कुछ सालों में भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदना बढ़ाया, जिससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने टैरिफ और प्रतिबंधों के माध्यम से दबाव बनाया। 2022 में अतिरिक्त 25 % टैरिफ और 2023 में रूसी तेल पर 100 % टैरिफ की घोषणा की गई, पर भारत ने इन कदमों को खारिज किया।
भारत को अपनी रिफाइनिंग क्षमता का पूरा भरोसा था। आज अमेरिका को कच्चे तेल से बने रिफाइंड प्रोडक्ट्स की सख्त जरूरत है, इसलिए जामनगर रिफाइनरी को "संजीवनी" कहा जा रहा है। रुबियो ने रिफाइनरी के उन्नत ऑपरेशन को सराहा।
वैश्विक रिफाइनिंग रैंक में भारत चौथे स्थान पर है—अमेरिका, चीन, रूस के बाद। देश में 23 सक्रिय रिफाइनरियां चल रही हैं, जो कुल 825 रिफाइनरियों में से लगभग 1.5 % क्षमता संभालती हैं। जामनगर की कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 21.1 है, जो दुनिया में सबसे अधिक है।
भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात करता है और 100 से अधिक देशों को पेट्रोल, डीज़ल आदि रिफाइंड उत्पाद निर्यात करता है। रिफाइंड पेट्रोलियम निर्यात में भारत विश्व में दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है, वार्षिक 25 मिलियन टन से अधिक।
यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप ने रूसी ऊर्जा पर निर्भरता घटाने के लिए भारत से रिफाइंड प्रोडक्ट्स की आयात बढ़ा दिया। 2018‑19 में 9,740 टन से 2023‑24 में 2.47 करोड़ टन तक आयात में उछाल आया। इस स्थिति ने अमेरिका को भारत की रिफाइनिंग शक्ति की महत्ता का एहसास कराया।
रुबियो ने बताया कि वेनेजुएला के हेवी क्रूड को रिफाइन करने के लिए जामनगर रिफाइनरी की क्षमता आवश्यक है। हेवी क्रूड को प्रोसेस करने वाले कुछ ही देशों में ऐसी सुविधा है, और यह US के लिए रणनीतिक लाभ प्रदान करेगी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा संचालित जामनगर रिफाइनरी विश्व की सबसे बड़ी सिंगल‑साइट रिफाइनरी है। इसका कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 21.1 है, जो इसे सबसे जटिल रिफाइनरी बनाता है।
अमेरिकी प्रशासन इस सहयोग को घरेलू राजनीति में भी इस्तेमाल करना चाहता है। ट्रम्प सरकार ने रिलायंस के साथ 28 लाख 32 हजार करोड़ रुपये के बड़े समझौते पर चर्चा शुरू की है, जिससे टेक्सास में जामनगर जैसी उन्नत रिफाइनरी बन सके। इससे वेनेजुएला के हेवी क्रूड को प्रोसेस करना आसान होगा और US में ईंधन की कीमतें घट सकती हैं।
जामनगर में रुबियो का स्वागत मुकेश अंबानी, अनंत अंबानी और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने किया। उन्हें रिफाइनरी के साथ-साथ रिलायंस की नई एनर्जी गीगा‑फैक्ट्री और डेटा सेंटरों का भी दौरा कराया गया।
कुल मिलाकर, जामनगर रिफाइनरी का दौरा सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि US की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने, भारत‑अमेरिका ट्रेड डील को अंतिम रूप देने और दोनों देशों के रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का कदम है। रुबियो इस शाम जामनगर में रुकेंगे और अगले दिन सुबह 6 बजे US लौटेंगे।
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