ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने प्रदेश में बिजली आपूर्ति की निरंतरता, जलते हुए ट्रांसफार्मरों के समय पर प्रतिस्थापन और कांवड़ यात्रा के दौरान विद्युत सुरक्षा की स्थिति का आकलन करने हेतु एक व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक के दौरान उन्होंने दो प्रमुख जिलों – देवरिया और गाज़ीपुर – में ट्रांसफार्मर बदलने में देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया।
देवरिया के लाल क्षेत्र में फूले हुए ट्रांसफार्मर को 10 दिनों तक नहीं बदला जाने की शिकायत के बाद, गोरखपुर (द्वितीय) के मुख्य अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। इसी तरह, गाज़ीपुर के गहमर में 12 दिन से अधिक समय तक ट्रांसफार्मर न बदलने और बैठक में अनुपस्थित रहने के कारण अधीक्षक अभियंता को निलंबित करने का निर्देश दिया गया। अधीक्षण अभियंता को भी कड़ी चेतावनी जारी की गई।
इन निर्देशों को ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आशीष गोयल ने औपचारिक रूप से लागू किया। मंत्री एके शर्मा ने कहा, "जनता को समय पर बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे लापरवाह व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" उन्होंने देवरिया, गाज़ीपुर, श्रावस्ती, बहराइच, फतेहपुर सहित कई जिलों में विद्युत आपूर्ति में रुकावट और ट्रांसफार्मर बदलने में देरी पर गहरी नाराजगी जताई।
मंत्री ने संबंधित अधीक्षक अभियंताओं से तुरंत जवाब माँगा और कहा कि जनता को अनावश्यक परेशानी पहुंचाने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम (पीडीडीएल) के प्रबंध निदेशक को निर्देश दिया कि क्षेत्र में शिकायतों के निपटारे की गति को तेज किया जाए और जो अधिकारी अपने कर्तव्यों का ईमानदारी और गंभीरता से निर्वहन नहीं कर रहे हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए।
कांवड़ यात्रा को देखते हुए सभी प्रबंधकीय अधिकारियों को आदेश दिया गया कि कांवड़ मार्गों पर विद्युत सुरक्षा के उचित प्रबंध सुनिश्चित किए जाएँ, ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े। इस बैठक में प्रबंध निदेशक नितीश कुमार, मयूर माहेश्वरी और विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
एक अलग पोस्ट में मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अब 50 लाख घरों तक पहुंच चुका है। साथ ही, उत्तर प्रदेश ने रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में देश में दूसरा स्थान हासिल किया है, जहाँ 7.21 लाख से अधिक घरों पर सोलर पैनल स्थापित हो चुके हैं और प्रतिदिन लगभग 3,200 नए सिस्टम लगाकर राज्य ने इस क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभरा है। लखनऊ दैनिक और कुल रूफटॉप सोलर स्थापना के मामले में देश के प्रमुख शहरों में शामिल है।
वर्तमान में 11 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं और बैंक व अधिकृत विक्रेताओं के सहयोग से कार्य तेज़ी से चल रहा है। उत्तर प्रदेश की सौर ऊर्जा दिशा में यह प्रगति न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करती है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में कमी, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय स्तर पर नई रोजगार संभावनाएँ भी उत्पन्न करती है।
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