वैभव सूर्यवंशी ने व्हाइट बॉल क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से तहलका मचा दिया है, लेकिन रेड-बॉल क्रिकेट में उनकी असली परीक्षा अभी जारी है. सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन के खिलाफ उन्होंने पहली पारी में 92 और दूसरी पारी में 40 रन बनाकर दिखाया कि उनकी बल्लेबाजी सिर्फ बड़े शॉट्स तक सीमित नहीं है. अब फाइनल में उनके सामने इससे भी बड़ी चुनौती होगी. अगर वैभव यहां लंबी और प्रभावशाली पारी खेलने में सफल रहते हैं, तो रेड बॉल क्रिकेट में उनकी क्षमता को लेकर भरोसा और बढ़ेगा. ईस्ट जोन के उप-कप्तान के तौर पर भी उनके प्रदर्शन पर खास नजरें रहेंगी.
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साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा भी इस फाइनल को बेहद गंभीरता से लेंगे. भारत की टी20 टीम के उप-कप्तान तिलक ने सेमीफाइनल में नॉर्थ जोन के खिलाफ नाबाद शतक और अर्धशतक लगाकर रेड बॉल क्रिकेट में अपनी दावेदारी पेश की थी. टी20 टीम में अपनी जगह मजबूत कर चुके तिलक अब टेस्ट क्रिकेट में भी भारत के लिए खेलना चाहते हैं. फाइनल में बड़ी पारी उनकी इस महत्वाकांक्षा को और मजबूती दे सकती है.
देवदत्त पडिक्कल के लिए भी यह मुकाबला खास है. श्रीलंका के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज में उन्होंने मिले मौके को शानदार अंदाज में भुनाया. दोनों टेस्ट मैचों में शतक लगाने वाले पडिक्कल को 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' भी चुना गया. अब दलीप ट्रॉफी फाइनल में उनके प्रदर्शन पर इसलिए नजरें होंगी क्योंकि भारतीय टेस्ट टीम में नंबर-3 की जगह के लिए प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है. एक और बड़ी पारी पडिक्कल के दावे को और मजबूत कर सकती है.
मोहम्मद सिराज के लिए कहानी थोड़ी अलग है. हालिया श्रीलंका सीरीज में वह अपनी पुरानी धार में नजर नहीं आए. गेंदों की रफ्तार और प्रभाव दोनों में कमी दिखाई दी, जिसके बाद कप्तान शुभमन गिल ने भी उनके लय में लौटने पर जोर दिया था. ऐसे में दलीप ट्रॉफी फाइनल सिराज के लिए सिर्फ एक घरेलू मैच नहीं है. न्यूजीलैंड दौरे से पहले सिराज यहां शानदार स्पेल डालकर अपना आत्मविश्वास वापस हासिल करना चाहेंगे.
शमी के लिए बेहद खास मुकाबला ईस्ट जोन के लिए मोहम्मद शमी की मौजूदगी मुकाबले को और खास बना देगी. अनुभवी तेज गेंदबाज शमी अपने करियर का 100वां फर्स्ट क्लास मैच खेलने उतरेंगे. शमी के नाम फर्स्ट क्लास, लिस्ट-ए और टी20 क्रिकेट को मिलाकर कुल 903 विकेट हैं. शमी फिलहाल भारतीय टीम के चयनकर्ताओं की प्राथमिकता में नहीं हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनकी गेंदबाजी अब भी उन्हें चर्चा में बनाए रखती है.
ईस्ट जोन की कप्तानी ईशान किशन के हाथों में है. भारतीय टी20 टीम में शामिल ईशान के लिए भी यह मुकाबला महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम के साथ जुड़ना है. ईस्ट जोन के पास मोहम्मद शमी, मुकेश कुमार और अनुकूल रॉय जैसे गेंदबाज हैं. उधर साउथ जोन की टीम में देवदत्त पडिक्कल, करुण नायर और मोहम्मद सिराज जैसे अनुभवी नाम हैं.
साउथ जोन: तिलक वर्मा (कप्तान), रिकी भुई (उप-कप्तान/विकेटकीपर), शेख रशीद, के साई तेजा, त्रिपुराना विजय, अभिनव तेजराना, के हिमतेजा, तनय त्यागराजन, स्मरण रविचंद्रन, करुण नायर, श्रेयस गोपाल, विद्वथ कावेरप्पा, एमडी निधीश, एन जगदीशन, अमन खान, देवदत्त पडिक्कल और मोहम्मद सिराज.
ईस्ट जोन: ईशान किशन (कप्तान/विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी (उप-कप्तान), डेनिश दास, अभिमन्यु ईश्वरन, सुदीप कुमार घरामी, शाहबाज अहमद, सूरज सिंधु जयसवाल, मोहम्मद शमी, मुकेश कुमार, कुमार कुशाग्र, शिखर मोहन, अनुकूल रॉय, विराट सिंह, सुभ्रांशु सेनापति और अभिजीत सरकार.
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