यूपी के सीतापुर में सड़क चौड़ीकरण और नाला सफाई के लिए बुलडोजर ऐक्शन पर भाजपा कार्यकर्ताओं और नगर पालिका अधिकारियों के बीच विवाद का मामला गहरा गया है। बीजेपी के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर लॉकअप में डालने पर बवाल बढ़ गया। समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंचे योगी सरकार में नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरु इतने भावुक हो गए कि फफक कर रो पड़े। उन्होंने नगर पालिका और पुलिस अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि हिस्ट्रीशीटरों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जाता है और बीजेपी कार्यकर्ताओं को लॉकअप में डाल रहे हैं। काफी हंगामे के बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं को छोड़ा तो मामला शांत हुआ।
दरअसल अतिक्रमण हटाने के दौरान बीजेपी कार्यकर्ता और नगर पालिका के अधिकारियों के बीच विवाद हो गया था। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि सड़क चौड़ीकरण अभियान के नाम पर अनावश्यक सख्ती बरती जा रही है। इस पर पुलिस ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को अधिकारियों से अभद्रता करने के आरोप में हिरासत में ले लिया। मामला इतना बढ़ गया कि नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर को खुद कोतवाली पहुंचे।
कोतवाली में अपनी सरकार के अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठा दिया। कहा कि मुजीब अहमद जैसे हिस्ट्रीशीटर और माफिया जिन पर दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं, उसको जेल भेजे जाने के कुछ समय बाद छोड़ दिया जाता है और फोटो खिंचवाई जाती है। बीजेपी कार्यकर्ताओं को हवालात में डाल दिया जाता है। उन्हें बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं दी जाती है।
राज्यमंत्री ने कहा कि मेरे जीवन में यह पहला अवसर है, जब किसी मामले में कोतवाली आना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोपहर से लेकर देर रात तक नगर पालिका ईओ, पुलिस अधिकारियों और एसपी स्तर तक बातचीत हुई। इसके बाद भी कार्यकर्ताओं को कोतवाली ले जाया गया। इसके लिए वह लगातार संपर्क कर रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता रहा।
राज्यमंत्री ने कहा कि उनके परम मित्र जितेंद्र मिश्रा और उनका मुंहबोला भतीजा सौरभ मिश्रा से अगर बातचीत में कोई अपशब्द निकल गया हो तो उसके लिए वह स्वयं क्षमा मांगते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं का खून गर्म होता है, लेकिन प्रशासन को भी संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। कहा कि अपने कार्यकर्ताओं के सम्मान में यहां आया हूं। अगर कार्यकर्ता ही नहीं रहेगा तो बीजेपी कहां रहेगी।
नगर पालिका प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई लगातार कई दिनों से जारी है। इसी को लेकर रंपा महल-वाल्दा रोड पर नाले के ऊपर किए गए अवैध निर्माण और दुकानों के खिलाफ बुधवार को प्रशासन का बुलडोजर गरजा। इस कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों और पालिकाकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिससे मौके पर भारी हंगामा खड़ा हो गया।
कार्रवाई के विरोध में एक युवक ने काफी देर तक जमकर हंगामा किया। युवक और पुलिस बल के बीच तीखी बहस के बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए युवक को जबरन खींचकर पुलिस वाहन में बैठाया और कोतवाली भेज दिया।
इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल मुस्तैद रहा, जिसकी मौजूदगी में पालिका प्रशासन ने बिना झुके अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रखा। बुलडोजर पहुंचते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ दुकानदारों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए दावा किया कि वे करीब 20 वर्षों से इसी स्थान पर खोखा और दुकान लगाकर रोजी-रोटी चला रहे हैं। उनका कहना था कि अचानक दुकान हटाने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।विरोध के दौरान पालिका अधिकारियों और दुकानदारों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस बल ने स्थिति को संभाला और कार्रवाई में बाधा न डालने की अपील की।
इसके बाद मशीन से नाले और सड़क के आसपास बने अतिक्रमण को हटाया गया। नगर पालिका प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक इस व्यस्त मार्ग के चौड़ीकरण और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नाले को अतिक्रमणमुक्त कराना बेहद आवश्यक है। लंबे समय से नाले पर खोखे और अस्थाई दुकानें सजाए जाने के कारण नाले की सफाई नहीं हो पा रही थी और पानी की निकासी पूरी तरह प्रभावित थी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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