पटना में तीन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। खास बात यह है कि यह शॉपिंग कॉम्प्लेक्स विश्व बैंक की मदद से बनेंगे। दरअसल नगर निगम सशक्त स्थायी समिति की 25वीं साधारण बैठक बुधवार को हुई। इसमें कुल 93 एजेंडों को स्वीकृति दी गई। पेयजल की 60 योजनाएं, विश्व बैंक की मदद से तीन योजनाएं, स्ट्रीट लाइट के सुदृढ़ीकरण, शहरी वेंडिंग जोन, नगर निगम की परिसंपत्तियों के पुनर्विकास, नाला और मैनहोल की सफाई के लिए 12 रोबोटिक मशीन की खरीद, स्वच्छता व्यवस्था के आधुनिकीकरण सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक महापौर सीता साहू की अध्यक्षता में हुई। उप महापौर रेशमी चंद्रवंशी, नगर आयुक्त यशपाल मीणा उपस्थित थे।
विश्व बैंक से वित्तीय सहायता प्राप्त करने के उद्देश्य से तीन बड़े कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। आर्य कुमार रोड में 133 करोड़, खेतान मार्केट के समीप 97 करोड़ और एएन कॉलेज पानी टंकी के पास 300 करोड़ की लागत से कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।
शहर में स्ट्रीट लाइट लगाने,रखरखाव और निगरानी से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चाैधरी की ओर से सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के संबंध में दिए गए निर्देशों का पालन विभाग के मार्गदर्शन के अधीन किया जाएगा। स्ट्रीट लाइट के लिए पुरानी एजेंसी के कार्यकाल का विस्तार किया गया। वहीं नई एजेंसी के चयन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
नगर निगम के स्वामित्व वाले 15 स्थलों पर बहुमंजिला वेंडिंग जोन का निर्माण किया जाएगा। म्यूनिसिल बॉन्ड से प्राप्त होने वाली राशि से निर्माण कराने की स्वीकृति समिति ने दी। इसके अतिरिक्त एक करोड़ पार्षद निधि योजना 4.0 के अंतर्गत 849 योजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
नगर निगम की जर्जर भवन एवं अल्प उपयोगित संपत्तियों के पुनर्विकास के लिए नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ एमओयू करने के प्रस्ताव को भी समिति ने स्वीकृति प्रदान की। एनबीसीसी द्वारा निगम की चिह्नित संपत्तियों को आधुनिक अवरसंरचना के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं शहर के निरंतर विस्तार एवं बढ़ती आबादी के अनुरूप नागरिकों को पर्याप्त एवं सुचारु पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समिति ने पाइपलाइन विस्तार एवं उच्च क्षमता वाले बोरिंग के अधिष्ठापन से संबंधित लगभग 60 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की।
मिलर हाई स्कूल परिसर में अवस्थित ऐतिहासिक पानी टंकी के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण एवं कैफेटेरिया निर्माण के लिए लगभग 3.48 करोड़ की परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना के माध्यम से ऐतिहासिक संरचना के संरक्षण के साथ-साथ परिसर के सौंदर्यीकरण एवं नागरिक उपयोगिता को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
नाला-मैनहोल सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से 12 रोबोटिक रोवर मशीनों की खरीद की भी स्वीकृति प्रदान की गई। आधुनिक तकनीक के उपयोग से मैनहोल और नालों की सफाई को अधिक सुरक्षित, प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम होगा।
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