बेगूसराय जिले के बलिया से एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। बड़ी बलिया दक्षिणी वार्ड संख्या-1 में 19 अक्तूबर की देर रात 25 वर्षीय अंकिता कुमारी का शव फंदे से लटका मिला। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
मामले को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि मृतका की मां के अनुसार, घटना की रात अंकिता ने फोन कर रोते हुए अपनी पीड़ा बताई थी। उसने मां से उसे ससुराल से ले जाने की गुहार लगाई थी और ऐसा नहीं होने पर जान से मार दिए जाने की आशंका जताई थी। लेकिन मां के पहुंचने से पहले ही उसे बेटी की मौत की सूचना मिल गई। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अंकिता की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या उसकी शिकायतों की सच्चाई जांच में सामने आ पाएगी?
पांच साल पहले प्रेम विवाह, अब संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मृतका की मां द्रौपती देवी, निवासी बड़ी मिर्जापुर वार्ड संख्या-36, कासिम बाजार थाना क्षेत्र, मुंगेर ने 20 अक्टूबर को बलिया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। आवेदन के अनुसार, अंकिता ने वर्ष 2021 में प्रेम प्रसंग के बाद बड़ी बलिया दक्षिणी वार्ड संख्या-1 निवासी स्वर्गीय मो. असलम के पुत्र मो. आरजू से विवाह किया था।
मां ने बताया कि विवाह के समय परिवार की ओर से कासिम बाजार थाने में कांड संख्या 150/21 दर्ज कराया गया था। बाद में न्यायालय में बयान देने के बाद अंकिता अपने पति के साथ रहने लगी। दंपती की एक बेटी भी है।
आरोप है कि बच्ची के जन्म के बाद से ही अंकिता को ससुराल में प्रताड़ित किया जाने लगा। शिकायत में पति के बड़े भाई मो. फरमान आलम उर्फ कल्पा, उसकी पत्नी, बहन और कुछ अन्य लोगों पर भी उत्पीड़न में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। मां का कहना है कि अंकिता पर मायके से दहेज लाने और धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
रात में मां को किया फोन, रोते हुए लगाई मदद की गुहार इस पूरे मामले का सबसे संवेदनशील पहलू घटना से पहले हुई फोन पर बातचीत है। द्रौपती देवी के आवेदन के मुताबिक, 19 अक्टूबर की रात अंकिता ने उन्हें फोन किया था। वह रो रही थी और उसने अपने साथ मारपीट किए जाने की बात कही थी।
शिकायत के अनुसार, अंकिता ने अपनी मां से कहा कि उसे वहां से ले जाया जाए, अन्यथा ससुराल में उसकी जान जा सकती है। मां ने उसे सुबह आकर ले जाने की बात कही थी। लेकिन रात करीब दो बजे कहानी ने अचानक भयावह मोड़ ले लिया। आरोप है कि उसी रात अंकिता के पति आरजू ने फोन कर बताया कि उसने फांसी लगा ली है।
बेटी की मौत की खबर सुनने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां ने अपनी शिकायत में आशंका जताई है कि दहेज के लिए अंकिता की गला दबाकर हत्या की गई और सच्चाई छिपाने के उद्देश्य से शव को फंदे से लटका दिया गया।
पुलिस ने अभी हत्या के इस आरोप की पुष्टि नहीं की है। मौत की वास्तविक वजह जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, कई बिंदुओं पर जांच घटना की सूचना मिलने पर बलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतका की मां के लिखित आवेदन के आधार पर बलिया थाने में कांड संख्या 540/26 दर्ज की गई है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।
बलिया थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार ने बताया कि आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है।
अब जांच में मृतका की अंतिम फोन बातचीत, परिजनों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की अहम भूमिका हो सकती है। पुलिस की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि अंकिता की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे किसी आपराधिक घटना की भूमिका है। ये भी पढ़ें- बिहार: नौ दिन तक छाती पर कलश रखकर की मां दुर्गा की आराधना, नवरात्र खत्म होते ही महिला की मौत
कई सवालों के जवाब का इंतजार अंकिता की संदिग्ध मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि घटना से पहले उसने वास्तव में अपनी मां से जान को खतरा होने की बात कही थी, तो उस शिकायत के पीछे की परिस्थितियां क्या थीं? क्या उसके साथ लंबे समय से प्रताड़ना हो रही थी? उसकी मौत किन हालात में हुई और उस रात वास्तव में क्या हुआ?
इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेंगे। फिलहाल एक मां ने अपनी बेटी की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अंकिता अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी मौत की सच्चाई सामने आना जरूरी है। आरोपों की जांच, उपलब्ध साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई ही इस मामले में न्याय की दिशा तय करेगी।
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