अपना दल एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने शनिवार को जीआईसी मैदान में आयोजित डॉ. सोनेलाल पटेल के परिनिर्वाण दिवस पर कहा कि एक-एक वोट एनडीए गठबंधन के खाते में जाना चाहिए। उन्होंने बिना पार्टी का नाम लिए कहा कि जिन लोगों ने केंद्र और राज्य सरकार की सत्ता का स्वाद चखा, उन्होंने कभी पिछड़ा वर्ग के बारे में नहीं सोचा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय के साथ अनुसूचित जनजाति मंत्रालय है, लेकिन पिछड़ा वर्ग मंत्रालय नहीं है। नीट परीक्षा में पिछड़ा वर्ग आरक्षण लागू नहीं किया गया था। अपना दल एस ने इसकी लड़ाई लड़ी। इस बार नीट परीक्षा में पिछड़ा वर्ग आरक्षण लागू किया गया।
आउटसोर्सिंग भर्ती प्रक्रिया में भी ओबीसी आरक्षण की नियमावली का पालन नहीं होता था। एक छोटी सी पार्टी (अपना दल एस ) के प्रयास से आउटसोर्सिंग भर्ती प्रक्रिया में यह लागू हो गया। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना लागू करने के लिए सड़क से संसद तक दौड़ रही पार्टियों को विपक्ष में जाने के बाद याद आया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे लागू कर दिया।
उन्होंने कहा कि हर घर पर अपना दल एस का नीला केसरिया झंडा फहराना है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का दिल जीतना होता है। शायद विपक्ष को यह नहीं आता है। पार्टी गठबंधन को मजबूत करना ही सबका लक्ष्य है। आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन जीत की हैट्रिक लगा सके, इसके लिए पार्टी मजबूती से प्रत्याशियों के साथ खड़ी है।
मंच पर भावुक हो गईं अनुप्रिया
केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि किसी के माई के लाल में ताकत नहीं कि पार्टी को आगे बढ़ने से रोक सके। विषम परिस्थिति के बावजूद पिता के आदर्शों पर चलते हुए विधानसभा चुनाव 2012 में वाराणसी के रोहनिया से जीत दर्ज की। आज पार्टी के पास 13 विधायक हैं। यह कहते ही वह भावुक हो गईं। उनकी भावुकता को देख कार्यकर्ताओं ने समर्थन में गर्मजोशी के साथ नारे लगाए।
अनुशासनहीनता पर नाराज होती रहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष जीआईसी मैदान में दोपहर ढाई बजे के आसपास पहुंचीं अद एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने कार्यकर्ताओं की अनुशासनहीनता पर नाराजगी जाहिर की। कुछ समर्थक अपने नेता का नाम लेते हुए नारेबाजी कर रहे थे। इस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष खफा हो गईं। बावजूद इसके कार्यकर्ता अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे थे। मजबूरी में अंगुली से इशारा करके कार्यकर्ताओं को चुप कराना पड़ा।
गर्मी से हर कोई रहा बेहाल
पंडाल जगह-जगह खुले होने के कारण लोगों को धूप में पसीने से तरबतर होना पड़ा। लोग पानी की बोतल और पाउच से प्यास बुझाते नजर आए। मंच पर मौजूद राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल भी गर्मी से परेशान दिखीं।
जंतर-मंतर के विरोध को बताया अराजकता
केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुआ विरोध प्रदर्शन अराजकता है। इस तरह का प्रयास भीड़तंत्र का संदेश देता है, लोकतंत्र का नहीं। इस आंदोलन की न कोई नीति है न ही लक्ष्य और दिशा। उन्होंने बिना किसी पार्टी नेता का नाम लिए कहा कि हाथ में संविधान लेकर घूमने वाले नेता को सांविधानिक संस्था पर ही भरोसा नहीं है। जबकि एनडीए गठबंधन को संविधान पर पूरा भरोसा है।
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