दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को होने वाली INDIA ब्लॉक की मेगा रैली की तैयारियां तेज हो गई हैं। विभिन्न राज्यों से समर्थक और विपक्षी दलों के नेता लगातार दिल्ली पहुंच रहे हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार देर शाम सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर दिल्ली आने वाले लोगों से रैली‑मार्च के साथ‑साथ स्थानीय व्यापारियों से खरीदारी करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, “दिवाली, छठ और भाई दूज का मौसम है, बाहर से आए लाखों लोग यदि यहाँ की छोटी‑छोटी दुकानों से सामान खरीदेंगे तो व्यापारियों को फायदा होगा। प्रोटेस्ट, मार्च, रैली कीजिए, साथ में थोड़ी‑सी खरीदारी भी कीजिए—व्यापारियों का फायदा होगा। मैं जानता हूँ कि रैली से व्यापारियों को कोई नुकसान नहीं होगा; बीजेपी डर के कारण अफवाहें फैला रही है।”
रैली का उद्देश्य कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन है, साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग भी की जा रही है।
रामलीला मैदान में मुख्य मंच के ऊपर बड़े तिरंगे वाले शामियाने लगे हैं। INDIA ब्लॉक के विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों के लिए अलग‑अलग मंच तैयार किए गए हैं और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। विपक्षी दल मिंटो रोड‑कनॉट प्लेस चौराहे से मैदान तक मार्च करेंगे, जिसके बाद 10 बजे से शाम 5 बजे तक रैली आयोजित होगी। इस कार्यक्रम में राजनीतिक दलों के साथ‑साथ छात्र, महिला, मजदूर और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
रैली केवल गठबंधन के दलों तक सीमित नहीं है; INDIA ब्लॉक ने छात्रों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों और सामाजिक संगठनों से भी भागीदारी का आह्वान किया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और कई छात्र संगठनों ने भी इस रैली को समर्थन दिया है। यूथ कांग्रेस ने 20 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को 1 नवंबर की रैली में शामिल होने की आशा जताई है।
‘चलो दिल्ली’ मार्च दोपहर 12 बजे मिंटो रोड‑कनॉट प्लेस से शुरू होगा और रामलीला मैदान में समाप्त होगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास से खुली बसों में समर्थकों को शुरुआती बिंदु तक ले जाने की योजना है।
मैदान में प्रवेश के लिए विभिन्न वर्गों के लोगों के लिए अलग‑अलग द्वार और घेराबंदी की गई है। स्वयंसेवकों को भीड़ नियंत्रण, पानी की व्यवस्था और महिलाओं के लिए अलग शौचालय की देखरेख करने के लिए तैनात किया गया है। पार्किंग और यातायात प्रबंधन के लिए दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय किया गया है; रामलीला मैदान में रातभर रुकने की अनुमति नहीं है।
रैली में 10 लाख तक लोगों की उम्मीद जताई गई है, जबकि पुलिस के आंकड़े लगभग 5 हजार के हैं। मैदान की क्षमता सुरक्षा कारणों से 30‑40 हजार तक सीमित रहेगी, और अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए बाहर अतिरिक्त जगह रखी जाएगी।
सुरक्षा के लिए 4 हज़ार से अधिक पुलिसकर्मी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कंपनियां तैनात होंगी। मैदान को 14 हिस्सों में बाँटा गया है, प्रत्येक हिस्से की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी करेंगे। 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और बॉडी‑कैमरों का उपयोग किया जाएगा, और एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
रविवार को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में ट्रैफ़िक प्रतिबंध रहेगा। आईटीओ, दिल्ली गेट, राजघाट, अजमेरी गेट और तुर्कमान गेट जैसे प्रमुख चौराहों पर रास्तों में बदलाव किया जाएगा। नागरिकों को बहादुर शाह जफ़र मार्ग, जवाहरलाल नेहरू मार्ग, मिंटो रोड और देशबंधु गुप्ता रोड के आसपास के मार्गों से बचने की सलाह दी गई है। एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों की आवाज़ाही के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के यात्रियों को पहले से योजना बनाने का निर्देश दिया गया है।
रैली से पहले शनिवार को INDIA ब्लॉक ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ किया था, जिसकी अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की। इस कार्यवाही में कई विपक्षी नेताओं, सामाजिक संगठनों और एसआईआर प्रक्रिया से प्रभावित लोग शामिल हुए थे।
विपक्ष का मुख्य मुद्दा ‘वोट चोरी’ है, जिसमें वे चुनाव आयोग पर बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से नाम हटाने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और सुप्रीम कोर्ट से इस मुद्दे पर कार्रवाई का अनुरोध किया है।
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