सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा हुए लोगों ने फैक्ट्री मालिक के मकान को घेर लिया। बाहर के खिड़की-दरवाजों में तोड़फोड़ शुरू कर दी गई। गाली-गलौज के साथ ही लोग फैक्ट्री मालिक व उसके परिजनों की जान लेने पर आमादा थे। भीड़ का आक्रोश देखकर फैक्ट्री मालिक पूरे कुनबे के साथ पीछे के दरवाजे से भाग निकला। परिवार कहां है, इसकी जानकारी फिलहाल किसी को नहीं है। मुकदमा कायम हो चुका है। पुलिस पूरे परिवार की सरगर्मी से तलाश कर रही है। वहीं, कुनबे के भागने के बाद मकान में जमकर तोड़फोड़ की गई।
प्रयागराज-कौशाम्बी सीमा स्थित चरवा के चिल्ला शहबाजी गांव में सोमवार सुबह पटाखा गोदाम में हुए भीषण विस्फोट के बाद करीब दो घंटे तक धमाकों का सिलसिला थम नहीं सका। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान चल रहा था और रुक-रुककर हो रहे धमाकों ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और बचावकर्मियों की चिंता बढ़ाए रखी। एडीजी, आईजी और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के घटनास्थल पर पहुंचने के दौरान भी कई बार जोरदार धमाके हुए। खतरे के बीच पुलिस और बचाव दल बेहद सावधानी से मलबा हटाने में जुटा रहा।
विस्फोट की सूचना मिलते ही डीएम डॉ. अमित पाल शर्मा और एसपी सत्यनारायण प्रजापत पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। गोदाम और आसपास की भवनों के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका थी। राहत और बचाव कार्य शुरू ही हुआ था कि मलबे के भीतर से लगातार धमाकों की आवाज आने लगी। इससे बचावकर्मियों को हर कदम बेहद सतर्कता के साथ उठाना पड़ा। दोपहर करीब सवा एक बजे अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रयागराज डॉ. अजय पाल शर्मा घटनास्थल पहुंचे। उनके पहुंचने के कुछ ही देर बाद दो जोरदार धमाके हुए।
करीब पांच मिनट बाद आईजी प्रयागराज अजय कुमार मिश्रा पहुंचे तो उनकी मौजूदगी में भी धमाके हुए। करीब सवा दो बजे एडीजी प्रयागराज ज्योति नारायण मौके पर पहुंचे। उनके सामने भी धमाका हुआ। इसके बाद भी दोपहर पौने तीन बजे तक रुक-रुककर धमाकों की आवाज आती रही। मलबे के बीच से अचानक उठती तेज आवाज और धुएं के गुबार के बीच बचावकर्मी लगातार काम करते रहे। घटनास्थल की भयावहता को देखकर अधिकारी भी स्थिति की गंभीरता को समझते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन पर नजर बनाए रहे। हर धमाके के साथ कुछ पल के लिए बचाव अभियान रोकना पड़ा और स्थिति सामान्य होने पर फिर मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज-कौशाम्बी बॉर्डर पर कौशाम्बी के मोहम्मदपुर गांव में पटाखा फैक्टरी में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर दुख जताते हुए कहा कि इस जनहानि का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। घायलों को देखने के लिए स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल पहुंचे डिप्टी सीएम ने परिजनों से मुलाकात की। डॉक्टरों से वार्ता कर जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच कराई जाएगी, अगर अवैध तरीके से पटाखे का भंडारण पाया जाता है तो उसमें भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!