गोमती नदी के जलस्तर में तेज़ी से बढ़ोतरी के कारण रविवार को दुबग्गा के जेहटा रोड समेत आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। शाम छह बजे तक जेहटा‑माल रोड पर लगभग डेढ़ फीट पानी बहने लगा था। माल और इटौंजा के ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति बिगड़ती जा रही है। प्रशासन के मुताबिक, अगले 24 घंटे में गोमती का जलस्तर दो फीट तक और बढ़ सकता है।
हयात नगर मोड़, दौलतखेड़ा और सैथा के निरीक्षण के बाद DM का काफिला गुलमीखेड़ा, टाड़खेड़ा और सुखलालखेड़ा की ओर गया, पर रास्ते में जलभराव अधिक होने से लौटना पड़ा। इससे ग्रामीणों में नाराजगी दिखी। सुरक्षा के लिए रात में पेट्रोलिंग बढ़ाने और दाऊद नगर में अतिरिक्त कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंझौवा गांव में गोमती का पानी बढ़ने से लगभग 500 बीघा धान की पकी फसल डूब गई। खीरा, लौकी और भिंडी की फसल को भी नुकसान हुआ। अजय की तीन बीघा खीरे की फसल भी डूब गई। वहीं जयकरन, इंद्रपाल, राजाराम, महेश और सरवन के घर भी बारिश से गिर गए।
फैजुल्लागंज के नंदन चौराहे पर रहने वाली सीमा जायसवाल तीन फीट पानी से गुजरकर सड़क पर पहुंची। पाँच दिन से पानी घटने का इंतजार कर रही थीं, पर लगातार बढ़ती मुश्किलों के कारण अब पति और बच्चों के साथ किराये के कमरे में रहेंगी। कई परिवार घर छोड़कर दूसरी जगह चले गए हैं; किसी ने 3500 रुपये, किसी ने 3000 रुपये में किराया लिया है।
अटल चौक के पास मोहम्मद शमीर की गली में तीन दिनों से पानी भरा है। रविवार को पानी घर में घुस गया तो परिवार वाले बेघर हो गए। शमीर ने 350 रुपये पर त्रिवेणीनगर में कमरा लिया है। छह लोगों का परिवार एक ही कमरे में गुजर बसर कर रहा है।
सिलिंडर और अन्य सामान लेकर पानी से निकल रहे शुभम भी किराये के कमरे में जा रहे थे। सुंदरलाल भी तीन दिन से पानी घटने का इंतजार कर रहे थे, पर पानी बढ़ने से मुश्किलें बढ़ गईं और वे मजबूरी में दूसरी जगह चले गए। गणेश विहार कॉलोनी के मनोज के घर में भी कई दिनों से पानी भरा है।
फैजुल्लागंज के मामा चौराहा, अटल चौक, गणेश विहार, नंदन चौराहा और अन्य कालोनियों में हर ओर सिर्फ पानी ही नजर आता है। घरों में फंसे लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं; नल से बदबूदार पानी आ रहा है। सीमा ने बताया कि पीना तो दूर, मुंह भी नहीं धुला जा सकता। प्रदीप का कहना था कि पीने के पानी का वितरण हो रहा है, पर तक नहीं पहुंचा है। कई लोग जुगाड़ वाली नाव से नगर निगम के टैंकर से बाल्टी में पानी भरकर ले जा रहे थे।
ममता और उनके पति आशीष रविवार को घर से थोड़ा बहुत सामान निकालकर कंट्रोल रूम के पास पहुंचे। गोद में एक साल का बच्चा भी था। करीब दो घंटे इंतजार के बाद भी नाव या ट्रैक्टर नहीं मिला। बेहाल बच्चे को लेकर ममता पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाती रही, पर उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला।
गोमती की बाढ़ से अब अंतिम सफर की राह भी मुश्किल हो गई है। गुलाला घाट के अंत्येष्टि स्थल में तीन दिन से नदी का पानी भरा है। रविवार को घाट जाने वाली सड़क पर लगभग डेढ़ फीट पानी तेज बहाव के साथ बहता रहा।
दोपहर करीब एक बजे एक शव वाहन घाट पहुंचा। चालक ने लोगों से पानी की स्थिति की जानकारी ली और धीरे-धीरे वाहन आगे बढ़ाया। बाद में शव को वाहन से उतारकर परिजन पानी से गुजरते हुए चबूतरे तक पहुंचे। अंत्येष्टि स्थल परिसर में भी लगभग एक फीट पानी भरा है और यह लकड़ियों तक पहुंच गया है। घाट की व्यवस्था देखने वाले वीरेंद्र पांडे ने बताया कि पानी भरने से बिजली आपूर्ति बंद है, जिससे विद्युत शवदाह गृह भी बंद है।
सिलिंडर के लिए पानी में चलना पड़ा। घाट जाने वाले रास्ते पर गैस सिलिंडर वितरण केंद्र तक पहुंचने के लिए लोगों को डेढ़ से दो फीट पानी से गुजरना पड़ा। खदरा के सुहैल और ऐशबाग के मोहम्मद जैब ने बताया कि मजबूरी में करीब 300 मीटर पानी के बीच से होकर सिलिंडर लेना पड़ा।
गोमती का पानी प्रेरणा स्थल में अब भी भरा है। कार्यालय में पानी घुसने से रोकने के लिए गेट पर रेत की बोरियां लगाई गई हैं। वहीं, रविवार को यहां पहुंचे लोगों को वापस लौटना पड़ा। IIM मार्ग से कैरियर कॉलेज के पास फैजुल्लागंज जाने वाली सड़क पर लगभग 100 मीटर तक तेज बहाव है।
फैजुल्लागंज में गोमती का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का दायरा ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच गया है। घैला, अल्लू नगर दिगुरिया, दाउदनगर समेत कई इलाकों में पानी तेजी से बढ़ रहा है। मिल्लत नगर की कच्ची ढाल में चार से पांच फीट तक पानी भरा है। यहां रहने वाली विमला बेटे के साथ चार दिन से घर में कैद हैं। उन्होंने बताया कि घर में पीने का पानी और खाने का सामान नहीं है। आसपास कई लोग बीमार हैं और उन्हें दवाओं की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में न तो नाव चल रही है और न ही जरूरी सामान पहुंच रहा है।
मामा कॉलोनी निवासी मुन्नी देवी जलभराव के बाद भाई के घर दाउदनगर पहुंची थीं। वहां भी पानी बढ़ने पर उन्हें भाभी सरला के साथ घर छोड़ना पड़ा। सरला ने बताया कि बढ़ता जलस्तर देखकर उनकी तबीयत बिगड़ गई।
जल शक्ति एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने प्रभावित बस्तियों का निरीक्षण किया और लोगों से संवाद कर समस्याएं जानीं। राहत सामग्री भी बांटी। फैजुल्लागंज के कैलाश विहार, दाउदनगर के पास और मुरदैय्या में जलभराव के बीच रविवार को SP की राष्ट्रीय प्रवक्ता पूजा शुक्ला नाव से पहुंचीं। उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर राहत सामग्री बांटी।
नगर निगम ने फैजुल्लागंज में घर छोड़कर अस्थायी ठिकानों पर रह रहे लोगों पर अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई से गुस्सा है। दाउदनगर निवासी ई रिक्शा चालक सकटू ने पत्नी मनोरमा और दो बेटियों के साथ 60 फीट बंधे के किनारे नाले पर अस्थायी झोपड़ी बनाई थी। रविवार को नगर निगम जोन‑3 की टीम ने झोपड़ी तोड़कर सामान बाहर फेंक दिया। दुर्गापुरी निवासी अमित की लोहे की गुमटी भी नाले के दूसरी ओर गिरा दी गई।
इटौंजा‑माल रोड पर रविवार दोपहर करीब 12:30 से शाम चार बजे तक बाढ़ पीड़ितों ने SP कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन किया और जाम लगा दिया। इसी बीच राशन बांटकर लौट रहे BJP विधायक योगेश शुक्ला के काफिले को प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया और गाड़ी के बोनट पर हाथ मारकर विरोध जताया।
इस दौरान BJP और SP कार्यकर्ताओं के बीच धक्का‑मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ गाली‑गालौज और विधायक व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और PAC ने दोनों को अलग किया और विधायक की गाड़ी को जाम से बाहर निकालवाया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि अकड़रिया गांव के बाढ़ पीड़ितों को राशन और अन्य सुविधाएं देने में प्रशासन भेदभाव कर रहा है। SDM आकाश सिंह ने नाव और स्टीमर की मांग आधे घंटे में पूरी कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क से हटे, पर चौराहे पर डटे रहे। इसी बीच SP सांसद आरके चौधरी, पूर्व विधायक गोमती यादव, राजेंद्र यादव, ऊषा सेन, राम सिंह राणा और अरुण कुमार समेत कई SP नेता मौके पर पहुंच गए।
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