लोक आस्था के महापर्व छठ पर घर लौटने वाले यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए रेलवे ने तैयारियां तेज कर दी हैं। दीपावली के बाद दूसरे राज्यों में काम करने वाले प्रवासियों के बिहार लौटने का सिलसिला शुरू होने वाला है। ऐसे में छपरा जंक्शन पर यात्रियों की सुविधा, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। स्टेशन परिसर में अस्थायी यात्री आश्रय स्थल और होल्डिंग एरिया तैयार किया जा रहा है। यहां यात्रियों के बैठने, पेयजल, प्रकाश, पंखे और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही ट्रेनों की आवाजाही की जानकारी देने के लिए भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे। रेलवे का लक्ष्य छठ के दौरान यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है।
यात्रियों के लिए तैयार हो रहा अस्थायी आश्रय स्थल और होल्डिंग एरिया
छठ महापर्व के दौरान छपरा जंक्शन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को व्यवस्थित करने के लिए अस्थायी यात्री आश्रय स्थल और होल्डिंग एरिया का निर्माण कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य यात्रियों को ट्रेन आने तक सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराना है, ताकि प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ न बढ़े। आश्रय स्थल में यात्रियों के बैठने के लिए कुर्सियों के साथ पेयजल, प्रकाश और पंखों की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। यात्रियों को ट्रेनों के आवागमन से जुड़ी जानकारी विभिन्न माध्यमों से दी जाएगी, जिससे उन्हें ट्रेन की स्थिति जानने में परेशानी न हो।
स्टेशन परिसर में भीड़ प्रबंधन के लिए होंगे विशेष इंतजाम
छठ के दौरान स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्टेशन परिसर को वाहन मुक्त रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। इससे यात्रियों को स्टेशन के अंदर आने-जाने और अपनी ट्रेन पकड़ने में आसानी होगी। रेलवे की कोशिश है कि यात्रियों की भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जाए, जिससे किसी तरह की अव्यवस्था या परेशानी की स्थिति पैदा न हो।
सीसीटीवी कैमरों और आरपीएफ जवानों की रहेगी निगरानी
यात्रियों की सुरक्षा के लिए छपरा जंक्शन पर निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जहां से अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी करेंगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की जाएगी और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों की तैनाती भी रहेगी। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि पर्व के दौरान यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
पिछले साल शारदा सिन्हा के छठ गीतों से गूंजे थे रेलवे स्टेशन
छठ के दौरान यात्रियों को बिहार की लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के लिए पिछले वर्ष वाराणसी मंडल के छपरा जंक्शन समेत कई रेलवे स्टेशनों पर छठ के पारंपरिक गीतों का प्रसारण किया गया था। ट्रेन अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से लोक गायिका शारदा सिन्हा की आवाज में 'पहिले-पहिले हम कईनी छठ के बरतिया' और 'मंगीला हम वरदान हे गंगा मइया' जैसे लोकप्रिय गीत सुनाई दे रहे थे। स्टेशन पर छठ गीतों की गूंज ने घर लौट रहे यात्रियों के बीच उत्साह और भावुकता का माहौल बना दिया था। लंबी यात्रा की थकान के बीच इन गीतों ने लोगों को अपनी मिट्टी और घर से जुड़ाव का एहसास कराया था। कई महिला यात्री गीतों को सुनकर गुनगुनाती और झूमती नजर आई थीं। इस तरह रेलवे स्टेशनों पर छठ के पारंपरिक गीतों का प्रसारण यात्रियों के लिए यादगार अनुभव बन गया था।
सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना रेलवे की प्राथमिकता
इस बार रेलवे का मुख्य जोर छठ के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को व्यवस्थित करने और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है। अस्थायी आश्रय स्थल, होल्डिंग एरिया, पेयजल, चिकित्सा, प्रकाश और सुरक्षा व्यवस्था के जरिए यात्रियों की परेशानियां कम करने की तैयारी की जा रही है। रेलवे की कोशिश है कि छठ पर घर लौटने वाले प्रवासियों का सफर सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक रहे।
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