जयंत चौधरी ने कहा कि गन्ना, मक्का और धान से एथेनॉल बनने से किसानों को अतिरिक्त बाजार मिलता है और देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता मजबूत होती है। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि जब एथेनॉल और चीनी को लेकर विरोध किया जाता है तो गन्ने के मुद्दे पर चर्चा से दूरी क्यों बनाई जाती है। उन्होंने कहा कि चौधरी अजित सिंह भी अपने राजनीतिक जीवन में एथेनॉल के पक्ष को मजबूती से उठाते रहे। सपा के पीडीए को लेकर जयंत ने तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि पीडीए में हर चीज का नाम बदल जाता है और पीडीए की फुल फॉर्म का ही पता नहीं है। उन्होंने कहा, पीडीए ही उनकी पीड़ा है। जयंत ने यह भी कहा कि चुनावी माहौल में चार अतिरिक्त वोट हासिल करने के लिए विपक्ष में रहते हुए कई बातें कही जाती हैं, लेकिन गन्ने के मुद्दे पर विपक्ष तैयार नहीं है। रैली की अध्यक्षता चौधरी भूपेंद्र सिंह, संचालन बिजनौर सांसद चंदन चौहान, बिट्टू नंबरदार व कल्याण सिंह ने किया।
विधानसभा चुनाव को लेकर जयंत चौधरी ने बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने कहा कि इस बार विधानसभा चुनाव में जब 400 सीट पार होंगी तो गन्ने का दाम भी 400 रुपये के पार पहुंचेगा। अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव के कारण माहौल गरमा रहा है और विरोधियों की जुबान से लोकदल का नाम नहीं हट पा रहा। उन्होंने संकेत दिया कि समय आने पर इसका जवाब दिया जाएगा।
जयंत ने चौधरी चरण सिंह की विरासत को किसी एक परिवार तक सीमित मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह का परिवार कोई एक परिवार नहीं, बल्कि पूरा किसान समाज है। पाल, यादव, गुर्जर, जाट समेत तमाम किसान समुदाय उनकी विरासत का हिस्सा हैं। रैली में उन्होंने गोचर कृषि इंटर कॉलेज में मिनी खेल स्टेडियम बनवाने की घोषणा भी की। मंच पर उनकी पत्नी चारू चौधरी और बेटी सायरा चौधरी भी मौजूद रहीं।
मंच से रैली को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी की पत्नी चारू चौधरी ने कहा कि किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह आपका अपमान करें, आपको सीख दें, सिखाएं या समझाएं। इस तरह की बयानबाजी सामने वाले की मानसिकता और अहंकार को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि सत्ता में कौन आ रहा है और कौन जा रहा है, इसका फैसला जनता करती है। चारू चौधरी ने कहा, मुझे गर्व है कि मेरा विवाह इस समाज में हुआ। देश के प्रति इस समाज का जो योगदान रहा है, उस पर मुझे गर्व है। मुझे अपने दल पर भी बहुत गर्व है और सबसे बड़ी बात, अपने पति पर मुझे अत्यंत गर्व है।
उन्होंने कहा कि बहुत से चुनाव आए और चले गए। हम जीते या हारे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। सत्ता में रहें या न रहें, हम हमेशा जनता के लिए समर्पित थे, हैं और रहेंगे। आपके स्वाभिमान के लिए लड़ने और जरूरत पड़ने पर जीने-मरने को तैयार रहेंगे। उन्होंने समाज से कहा कि यदि वह अपनी क्षेत्रीय पहचान और चौधराहट बरकरार रखना चाहता है तो अपने मंच को मजबूत करें।
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