बिहार के एक थानेदार के तबादले के बाद उसी थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई है, जहां वे थानेदारी करते थे। मामला औरंगाबाद के अम्बा थाना का है। अम्बा के वर्तमान थानेदार ने पूर्व थानेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई करने का जिम्मा अपने मातहत सब-इंस्पेक्टर को दिया है।
प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश मामले का रोचक पहलू यह है कि कोर्ट ने राहुल राज को अम्बा का थानाध्यक्ष रहते ही खुद पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। दरअसल, औरंगाबाद के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में परता गांव निवासी श्याम किशोर मिश्र ने तत्कालीन अम्बा थानाध्यक्ष राहुल राज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए अभियोग पत्र संख्या-651/2025 दाखिल किया था। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 12 माह पहले अक्टूबर 2025 में तत्कालीन अम्बा थानाध्यक्ष के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक के माध्यम से दिया था।
थानेदार ने मामले को रफा-दफा करने के लिए किया यह काम मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने पर परिवादी श्याम किशोर मिश्र ने इसे लेकर पटना उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर कर दी। उच्च न्यायालय में याचिका दायर होने के बाद थानेदार ने मामले को रफा-दफा करने के लिए परिवादी की मूल शिकायत के आरोपी उत्कर्ष बैंक की कुटुंबा शाखा के प्रबंधक तथा फील्ड सुपरवाइजर टुनटुन कुमार यादव के खिलाफ 3 जून 2026 को अम्बा थाना में प्राथमिकी संख्या-95/2026 दर्ज कर ली।
इस कारण पीड़ित ने कोर्ट में दर्ज कराया था परिवाद दरअसल, श्याम किशोर मिश्र की 48 हजार रुपये की रकम उत्कर्ष बैंक की कुटुंबा शाखा के प्रबंधक एवं क्षेत्रीय फील्ड सुपरवाइजर ने मिलकर आपस में बांट ली थी। इसे लेकर पीड़ित ने बैंक मैनेजर एवं फील्ड सुपरवाइजर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के लिए अम्बा थानाध्यक्ष को आवेदन दिया था। इसे लेकर थानाध्यक्ष ने लिखित आवेदन सिर्फ फील्ड सुपरवाइजर के खिलाफ देने को कहा था।
मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने पर परिवादी श्याम किशोर मिश्र ने पटना उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर कर दी। वहीं, उच्च न्यायालय में याचिका दायर होने के बाद थानेदार ने मामले को रफा-दफा करने के लिए परिवादी की मूल शिकायत के आरोपित उत्कर्ष बैंक की कुटुंबा शाखा के प्रबंधक तथा फील्ड सुपरवाइजर टुनटुन कुमार यादव के खिलाफ 3 जून 2026 को अम्बा थाना में प्राथमिकी संख्या-95/2026 दर्ज कर ली।
थानेदार द्वारा मामले को रफा-दफा करने वाली प्राथमिकी दर्ज करने के बाद परिवादी ने इसकी शिकायत अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में रखी। इस बीच सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया।
सोशल मीडिया पोस्ट पर एसपी ने लिया संज्ञान मामले को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट पर एसपी की नजर पड़ी। इसके बाद औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने मामले को संज्ञान में लेते हुए अम्बा के वर्तमान थानाध्यक्ष पवन कुमार को पूर्व थानाध्यक्ष राहुल राज पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद मामले की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुई प्राथमिकी एसपी के आदेश पर मामले में अम्बा के पूर्व थानाध्यक्ष राहुल राज के खिलाफ बीएनएस की धारा 199/198/200/316(5)/352/351(2)/2(3)/79 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की प्राथमिकी दर्ज करने के बाद अम्बा के वर्तमान थानाध्यक्ष पवन कुमार ने सब-इंस्पेक्टर दीपक को अनुसंधान की जिम्मेदारी सौंपी है।
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