राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक विवाहिता पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की घटना सामने आई है। कोरवा गांव के खुहड़ी थाना क्षेत्र में हिना भील को ससुराल पक्ष के लोगों ने कथित तौर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी, जिससे वह 90 प्रतिशत से अधिक झुलस गईं और बाद में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
हिना भील की शादी 29 जून 2012 को हिंदू रीति-रिवाज से भगवानाराम भील से हुई थी। प्रारंभिक दिनों में सब कुछ सामान्य रहा, परंतु बाद में ससुराल के सदस्य मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए परिवार में तनाव बढ़ गया। परिवार का दावा है कि दहेज में कार लाने के मुद्दे पर हिना को लगातार परेशान किया जाता था।
पिता पुरखाराम भील की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति भगवानाराम, ससुर सोनाराम, सास लसमो देवी और जेठानी अमृता देवी के खिलाफ मामला दर्ज किया और चारों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की। पहले तीन लोगों को डिटेन करने की सूचना दी गई थी, बाद में चारों की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई।
हिना के पिता ने जेठानी अमृता देवी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह और भगवानाराम मिलकर हिना के खिलाफ साजिश रचते थे, जिससे उसे पति से मिलने, अकेले रहने और आसपास के लोगों के पास जाने से रोका जाता था। परिवार का दावा है कि अमृता देवी ने हिना को गर्भपात की दवाइयाँ और अन्य संदिग्ध पदार्थ देने के जरिए उसकी तबीयत खराब की।
ससुराल के लोग अंधविश्वास के नाम पर हिना को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। उसे जबरन स्थानीय माता के थान पर ले जाकर तांत्रिक क्रियाओं और टोने-टोटके से डराया-धमकाया जाता था। यह प्रताड़ना लंबे समय से चल रही थी।
21 सितंबर 2026 की रात को ससुराल पक्ष ने सुनियोजित तरीके से हिना पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। आग की चपेट में आने पर वह गंभीर रूप से झुलस गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों ने हिना को जैसलमेर के जवाहिर अस्पताल में भर्ती कराया।
जैसलमेर में हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल रेफर किया। उपचार के दौरान 24 सितंबर की सुबह करीब 6 बजे हिना का दम तोड़ गया।
हिना की मृत्यु के बाद पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया। पिता की शिकायत के आधार पर हत्या के आरोपों पर जांच जारी है, और एफएसएल व अन्य जांच टीमों को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं।
खुहड़ी थाना अधिकारी भागु राम ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने तुरंत एफएसएल और अन्य टीमों को बुलाकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए और घटना के सभी पहलुओं की जांच शुरू की।
वर्तमान में पति भगवानाराम, ससुर सोनाराम, सास लसमो देवी और जेठानी अमृता देवी पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनसे पूछताछ चल रही है। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने घरेलू प्रताड़ना और अंधविश्वास से जुड़े गंभीर सवाल फिर से सामने रखे हैं।
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