क्रिकेट की दुनिया में ऐसे खिलाड़ी कम ही मिलते हैं, जिनका नाम हमेशा प्रशंसकों के दिलों में अंकित रहता है। श्रीलंका के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर‑बल्लेबाज कुमार संगकारा ऐसे ही एक दिग्गज हैं।
27 अक्टूबर 1977 को जन्मे संगकारा अपनी क्लासिक बल्लेबाजी, बेहतरीन तकनीक और शांत स्वभाव के लिए प्रसिद्ध हैं। 49 वर्ष की आयु में उन्होंने 15 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर को समृद्ध बनाया।
1996 विश्व कप जीतने वाली टीम के कई दिग्गज खिलाड़ी धीरे‑धीरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर हो रहे थे, तब संगकारा ने श्रीलंका की बल्लेबाजी को मजबूती दी। महेला जयवर्धने के साथ उनकी जोड़ी ने टीम को नई ऊँचाई पर पहुँचाया।
जुलाई 2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में संगकारा और जयवर्धने ने तीसरे विकेट के लिए 624 रन की साझेदारी की, जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड है। संगकारा ने 287 रनों की पारी खेली, जबकि जयवर्धने ने 374 रनों की पारी बनाई।
कुल 15 वर्षों के अंतरराष्ट्रीय करियर में संगकारा ने टेस्ट क्रिकेट में 12,000 से अधिक रन बनाए, 38 शतक और 11 दोहरे शतक लगाए। 2007 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होबार्ट में 192 रन की पारी भी उनके शानदार रिकॉर्ड का हिस्सा है।
संगकारा के 11 दोहरे शतक सर डॉन ब्रैडमैन के 12 दोहरे शतक के रिकॉर्ड से सिर्फ एक कम हैं, जिससे उनका नाम टेस्ट क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में शामिल हो गया।
2009 में जयवर्धने के कप्तानी छोड़ने के बाद संगकारा को श्रीलंका की कमान सौंप दी गई। उनकी कप्तानी में टीम ने घरेलू मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ पहली बार टेस्ट सीरीज जीती और 2009 टी20 विश्व कप व 2011 वनडे विश्व कप के फाइनल तक पहुँची।
2014 में संगकारा के नेतृत्व में श्रीलंका ने भारत को हराकर टी20 विश्व कप का खिताब जीता, और इस जीत के साथ उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई ली।
वनडे और टेस्ट क्रिकेट से उनकी विदाई उतनी शानदार नहीं रही। 2015 विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में श्रीलंका बाहर हो गया, और आखिरी टेस्ट सीरीज में संगकारा ने चार पारियों में 32 रन ही बनाए।
कुमार संगकारा सिर्फ एक बेहतरीन बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि खेल को समझने वाले चतुर क्रिकेटर भी थे। विकेटकीपर के रूप में करियर शुरू करने के बाद उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में विकेटकीपिंग छोड़कर बल्लेबाजी पर पूरा ध्यान केंद्रित किया, जबकि सीमित ओवरों के क्रिकेट में वह विकेटकीपिंग करते रहे।
संगकारा का अंतरराष्ट्रीय करियर इस प्रकार रहा:
• टेस्ट: 134 मैच, 233 पारी, 12,400 रन, औसत 57.40, उच्चतम 319, 38 शतक/52 अर्धशतक, 182 कैच/20 स्टंपिंग
• वनडे: 404 मैच, 380 पारी, 14,234 रन, औसत 41.98, उच्चतम 169, 25 शतक/93 अर्धशतक, 402 कैच/99 स्टंपिंग
• टी20I: 56 मैच, 53 पारी, 1,382 रन, औसत 31.40, स्ट्राइक रेट 119.55, उच्चतम 78, 0 शतक/8 अर्धशतक, 25 कैच/20 स्टंपिंग
संगकारा का नाम क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद रहेगा, क्योंकि उन्होंने अपनी बल्लेबाजी, कप्तानी और खेल की समझ से श्रीलंका को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया।
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