दिल्ली की हवा पर दोहरी दबाव है। एक ओर स्थानीय स्रोतों से प्रदूषण की हिस्सेदारी घटने की संभावना है, जबकि दूसरी ओर पड़ोसी राज्यों से आने वाले धुएँ का असर तेज़ी से बढ़ रहा है।
आईआईटीएम के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के अनुसार, 23 अक्टूबर को स्थानीय स्रोतों की पीएम2.5 में हिस्सेदारी 35.085 % थी, जो 25 अक्टूबर तक घटकर लगभग 29.447 % रह सकती है। उसी अवधि में पड़ोसी स्रोतों की हिस्सेदारी 41.965 % से बढ़कर 45.580 % तक पहुंचने का अनुमान है।
नोट: सभी आँकड़े DSS पर आधारित हैं।
रात के समय भी प्रदूषण का स्तर ऊँचा बना रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के डेटा के मुताबिक, 22 अक्टूबर की रात 10‑11 बजे के बीच पीएम10 458‑459 µg/m³ तक पहुंचा, जबकि पीएम2.5 132‑133 µg/m³ दर्ज हुआ। अगले दिन दोपहर में सतही ओज़ोन 209‑210 µg/m³ तक बढ़ा।
CPCB ने बताया कि 22 अक्टूबर रात 9 बजे पीएम10 437 µg/m³ और पीएम2.5 126 µg/m³ थे, और 23 अक्टूबर रात 1 बजे पीएम10 411 µg/m³, पीएम2.5 127 µg/m³ तक बढ़े। यह दर्शाता है कि रात में भी सूक्ष्म कण हवा में मौजूद हैं, जो फेफड़ों तक पहुंचकर स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
दिन में सतही ओज़ोन का बढ़ता स्तर भी चिंता का कारण है। 23 अक्टूबर दोपहर में ओज़ोन 209‑210 µg/m³ तक पहुंचा, जिससे सांस‑सम्बंधी समस्याएँ, आंखों में जलन, खांसी और अस्थमा के रोगियों को अतिरिक्त परेशानी हो सकती है। यह प्रदूषक मुख्यतः वाहनों और औद्योगिक उत्सर्जन से निकलने वाली गैसों के सूर्य के प्रकाश में रासायनिक प्रतिक्रिया से बनता है।
वायु गुणवत्ता को सुधारने के लिए पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने जिला‑स्तर पर प्रदूषण स्रोतों की पहचान, जिम्मेदार एजेंसियों की कार्रवाई की समयसीमा तय करने और हॉटस्पॉट के अनुसार कार्य‑योजना बनाने का निर्देश दिया।
अगली समीक्षा बैठक में सभी विभागों को किए गए कार्य, लंबित मामलों और समयसीमा के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। एक्यूआई मॉनिटरिंग स्टेशन और जमीनी निरीक्षण के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों को चिह्नित करके सड़क धूल, वाहन उत्सर्जन, निर्माण‑स्थलों की धूल, अवैध पार्किंग और कूड़ा‑जलाने जैसे स्रोतों का आकलन कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। संवेदनशील स्थानों पर पीएम10 और पीएम2.5 की निरंतर निगरानी भी की जाएगी।
ट्रैफिक पुलिस को दिल्ली की सीमा से आने वाले भारी वाहनों की आवाज़ाही को व्यवस्थित करने, पीक‑टाइम में जाम रोकने और अवैध पार्किंग पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश मिले। साथ ही सड़कों पर पानी का छिड़काव, गड्ढे की मरम्मत और खुले में धूल‑नियंत्रण को प्राथमिकता दी गई। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और खुले में कूड़ा, प्लास्टिक, रबर व बायोमास जलाने पर रोक लागू की गई, साथ ही ग्रेप‑1 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया गया।
पंजाब में पराली जलाने के मुद्दे पर सिरसा ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को घेरते हुए कहा कि दिल्लीवासियों की सांसें अभी भी धुंधली हैं और पराली की आग पर नियंत्रण न कर पाना सरकार की नाकामी है। उन्होंने नागरिकों से पीयूएस प्रमाणपत्र रखकर कूड़ा न जलाने और सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील की।
दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के मद्देनज़र नगर निगम (MCD) के पश्चिमी क्षेत्र ने तीन औद्योगिक इकाइयों को सील कर दिया। राजस्व विभाग, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC), BSES और दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर किए गए इस अभियान में इकाइयों के बिजली कनेक्शन काटे और मीटर जब्त किए गए।
कुल सात इकाइयों की जांच के बाद तीन में उल्लंघन पाए गए, जिन्हें तुरंत सील कर दिया गया। इस कदम का उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर अंकुश लगाना और नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती दिखाना है।
दिवाली से पहले नेहरू प्लेस बाजार में रात‑समय सफाई अभियान तेज किया गया है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए रात में कचरा उठाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि दिन में ग्राहकों की आवाज़ाही और व्यापार पर असर न पड़े।
तहजीब‑सत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर सामान की खरीदारी बढ़ने से कचरा भी बढ़ रहा है, जिससे मुख्य सड़कों पर गंदगी जमा हो रही है। नेहरू प्लेस डिप्लॉयमेंट एंड इम्प्रूवमेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान महेंद्र अग्रवाल ने कहा कि रात में सफाई और त्वरित कचरा उठाव से सुबह बाजार साफ‑सुथरा रहेगा।
दिल्ली में वायु प्रदूषण के बढ़ने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भाजपा सरकार को निशाना बनाया। उन्होंने बताया कि ग्रेप‑1 लागू होने के बावजूद 42 निगरानी केंद्रों में से 32 पर AQI 200 से ऊपर है, जो गंभीर स्थिति दर्शाता है। यादव ने सरकार पर पड़ोसी राज्यों को दोषी ठहराकर अपनी जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया और वाहन धुएँ, औद्योगिक उत्सर्जन और सड़क धूल पर ठोस नियंत्रण की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जहरीली हवा फेफड़ों की बीमारियों, स्ट्रोक और अन्य गंभीर रोगों का खतरा बढ़ा रही है, इसलिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
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