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शनिवार को सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए. इनमें ख़ुद को हिंदुत्ववादी संगठनों का सदस्य बताने वाले कुछ लोग दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे लोगों को कथित तौर पर गाली देते और उनके साथ मारपीट करते दिखे.
प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे थे.
एक वीडियो में एक लड़की रोते हुए कहती दिख रही है कि उसके साथ मारपीट की गई. जब एक पत्रकार उससे पूछता है कि क्या पुलिस ने उसे बचाया, तो वह जवाब देती है कि पुलिस ने ऐसा नहीं किया.
हिंदुत्ववादी संगठन हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, जिन्हें पिंकी भैया के नाम से भी जाना जाता है, ने यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर साझा किया. उन्होंने दावा किया कि वीडियो में लड़की के साथ मारपीट करते दिख रहे लोग उनके संगठन के सदस्य हैं.
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "यह मेरे कार्यकर्ता हैं. हिंदू रक्षा दल जो कहता है करके दिखाता है. जितने भी कॉकरोच मिले उनका दिमाग ठीक करने की ताक़त हिंदू रक्षा दल में है और वह करता रहेगा निरंतर."
वीडियो में दिख रहे एक पत्रकार ने लड़की को 'छोटी बच्ची' बताया.
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर हंगामा होने के बाद दिल्ली पुलिस ने ख़ुद संज्ञान लिया और चार लोगों- रमन सैनी, विवेकानंद उर्फ़ विवेक, कपिल कुमार और रविंदर सिंह उर्फ़ गोविंद हिंदू- के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की.
कमला मार्केट थाने के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि चारों अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.
अधिकारी यह पुष्टि नहीं कर सके कि वीडियो में जिस लड़की के साथ मारपीट होती दिख रही है, वह नाबालिग है या नहीं. उन्होंने कहा, "हम मामले की जांच कर रहे हैं और पीड़ित से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं."
भारतीय न्याय संहिता की धारा 126 (शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा), 115 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 130 (हमला) समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफ़आईआर दर्ज की गई है. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आगे की जांच के बाद इसमें और धाराएं जोड़ी जाएंगी.
बीबीसी के पास एफ़आईआर की कॉपी नहीं है.
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हिंसा का वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय युवा कांग्रेस समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट साझा की गईं, जिनमें मारपीट करने वालों की पहचान बताई गई.
पोस्ट में लिखा गया है, "अब तक 2 की पहचान हो चुकी है. दोनों आरएसएस से जुड़े संगठनों के फ्रिंज एलिमेंट्स हैं, जिनकी इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल बताती है कि ये लगातार ज़हर उगलते आए हैं, और आज पुलिस के संरक्षण में बेटी को पीटा."
हालांकि, सोशल मीडिया पर आलोचना होने के बावजूद मारपीट के आरोपों का सामना कर रहे लोग ख़ुद अपनी पहचान बताने से पीछे नहीं हटे.
अभियुक्त कपिल कुमार के इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किए गए एक वीडियो में वह और एक अन्य अभियुक्त रविंदर सिंह दिखाई देते हैं.
वीडियो का शीर्षक है- "जंतर-मंतर पर कॉकरोच का इलाज कर दिया हमने अच्छे से."
वीडियो में उन्हें कहते सुना जा सकता है, "हम मोदी और दिल्ली पुलिस के समर्थक हैं, फिर भी हमें हिरासत में ले लिया गया. हम उनकी इज़्ज़त बचाने आए थे, इसके बावजूद हमें हिरासत में लिया गया."
बीबीसी ने एक अन्य अभियुक्त रमन सैनी से फ़ोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका फ़ोन बंद था.
बीबीसी ने पिंकी भैया से भी संपर्क किया, लेकिन उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, "मैं इसकी पुष्टि नहीं कर सकता कि ये लोग हमारे संगठन से जुड़े हैं या नहीं."
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हालांकि, पुलिस की गिरफ़्त में आने के बाद रविंदर सिंह ने एक वीडियो में ख़ुद को हिंदू रक्षा दल का सदस्य बताया. इस वीडियो में पुलिसकर्मी उसे ले जाते दिख रहे हैं.
ईटीवी भारत दिल्ली की ओर से अपलोड किए गए वीडियो में उन्हें कहते सुना जा सकता है, "मुझे परेशान मत करो. सभी बड़े अधिकारी मुझे जानते हैं."
वह कहते हैं, "मैं वापस जाऊंगा और उन्हें, इन कॉकरोचों को, सीधा कर दूंगा. जो देश-विरोधी नारे लगा रहे हैं और दिल्ली पुलिस को गालियां दे रहे हैं, मैं उन्हें ठीक कर दूंगा. हिंदू रक्षा दल पीछे नहीं हटेगा."
एक अन्य वीडियो में भी रविंदर सिंह को एक प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारते देखा जा सकता है.
दिल्ली के कनॉट प्लेस में तनाव बना हुआ है. पुलिस सेंट्रल दिल्ली में पहुंच रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही है. इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं और बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों तथा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.
लेकिन प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग ने दिल्ली पुलिस की आलोचना की है.
उनका कहना है कि सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बावजूद हिंदू रक्षा दल जैसे हिंदुत्ववादी संगठनों के ख़िलाफ़ तुरंत कार्रवाई नहीं की गई.
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस शनिवार को सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की जांच कर रही है और ज़रूरी कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हिंदुत्ववादी संगठनों के सदस्यों के अकाउंट से सोशल मीडिया पर कई वीडियो साझा किए गए हैं. इनमें वे ख़ुद हिंसा करने का दावा करते दिख रहे हैं.
उदाहरण के लिए, शनिवार को पिंकी भैया ने एक्स पर एक और वीडियो साझा किया. उसके साथ लिखा था-
"मैंने कहा था ना हिंदू रक्षा दल को मत छेड़ो. हिंदू रक्षा दल छोड़ना नहीं है यह मेरे ऐसे योद्धा हैं जो पूरी ताक़त के साथ सनातन धर्म का काम कर रहे हैं हमें किसी राजनीति से कोई मतलब नहीं है लेकिन कोई अगर सनातन को टार्गेट करेगा तो हम उसे वहीं पहुंचाएंगे जहां उसकी जगह है."
शनिवार के प्रदर्शन से पहले के दिनों में भी उन्होंने कई वीडियो साझा किए थे, जिनमें "सनातन के ख़िलाफ़" लोगों को हिंसा की धमकी दी गई थी.
पत्रकार धैर्य माहेश्वरी ने एक्स पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें कुछ लोग एक प्रदर्शनकारी को घेरकर उससे "सॉरी" कहलवाते दिख रहे हैं.
'द क्विंट' ने रितेश ठाकुर नाम के एक व्यक्ति का इंटरव्यू भी किया. उन्होंने ख़ुद को बजरंग दल का कार्यकर्ता बताया और कहा कि प्रदर्शन में उससे जुड़े संगठनों के 250 लोग मौजूद थे.
वीडियो में उन्होंने कहा, "इन लोगों ने पहले भी राम और सीता के बारे में अपशब्द कहे हैं. हम उन्हें दोबारा ऐसा नहीं करने देंगे."
बीबीसी के पत्रकारों ने भी 10 अक्तूबर को सेंट्रल दिल्ली में ऐसे टकराव देखे.
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "चाहे सीजेपी हो या राहुल गांधी, अगर कोई देश को बांटने का काम करेगा, तो हम पीछे नहीं हटेंगे."
एक अन्य व्यक्ति ने कहा, "इन कॉकरोचों की वजह से दिल्ली जाम हो गई है और सारा काम ठप पड़ गया है."
सोशल मीडिया पर प्रसारित कई वीडियो में प्रदर्शनकारियों और उनका विरोध करने आए लोगों के बीच तनाव दिख रहा है.
कनॉट प्लेस के इंदिरा चौक पर दक्षिणपंथी संगठनों के सदस्यों से भिड़ रहे एक प्रदर्शनकारी ने बीबीसी को बताया, "वे हमसे कह रहे हैं कि अगर हम प्रदर्शन जारी रखेंगे, तो वे हमें पीटेंगे. उनका कहना है कि हम यहां अवैध रूप से आए हैं."
इस बीच, पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक़, दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के प्रदर्शन के सिलसिले में 20 एफ़आईआर दर्ज की हैं. इनमें पुलिसकर्मियों पर कथित हमले के मामले भी शामिल हैं.
पीटीआई के मुताबिक़, इन एफ़आईआर में हिंदू रक्षा दल से जुड़े उन चार लोगों के ख़िलाफ़ दर्ज मामला भी शामिल है, जिन्हें प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है.
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