दिवाली के उत्सव में घर‑घर रोशनी, LED लाइट्स और विभिन्न इलेक्ट्रिक सजावटों से चमकता है माहौल। लेकिन लाइटिंग की चमक के पीछे छोटी‑छोटी लापरवाहियां बड़ी आग का कारण बन सकती हैं। खराब वायरिंग, एक ही सॉकेट में कई उपकरण या पुरानी झालर से शॉर्ट सर्किट और आग लगने का जोखिम बढ़ जाता है।
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, बिजली‑संबंधी आग के मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट, ओवरलोडिंग, गैर‑मानक उपकरण और गलत वायरिंग होते हैं। इन जोखिमों से बचने के लिए दिवाली की सजावट शुरू करने से पहले नीचे दिए गए सात कदम अपनाएँ।
1. एक सॉकेट में अधिक उपकरण न लगाएँ – टीवी, फ्रिज, एसी, माइक्रोवेव आदि कई उपकरण एक साथ चलते हैं। यदि एक ही सॉकेट या एक्सटेंशन बोर्ड पर लोड अधिक हो गया तो तार और सॉकेट गरम हो सकते हैं, जिससे प्लग पिघलने या चिंगारी निकलने की संभावना रहती है। आवश्यक हो तो केवल उसी क्षमता वाले एक्सटेंशन बोर्ड का प्रयोग करें और दो एक्सटेंशन बोर्ड को श्रृंखला में जोड़ने से बचें।
2. पुरानी या क्षतिग्रस्त झालर का उपयोग न करें – पिछली साल की झालर को फिर से लगाने से पहले तार, प्लग और कनेक्शन को अच्छी तरह जांचें। यदि कोई कटा‑फटा हिस्सा, जले हुए निशान या टूटा प्लग दिखे तो उसे फेंक दें। सिर्फ इंसुलेशन टेप लगाकर पुनः उपयोग करना सुरक्षित नहीं है; नई, BIS‑मानक वाली लाइट चुनें और पैकेज पर ISI मार्क देखें।
3. वायरिंग और प्लग की जाँच करें – लाइट लगाते समय स्विच, प्लग और सॉकेट में जलन की गंध, चिंगारी या असामान्य गर्मी महसूस हो तो तुरंत उपयोग बंद करें। बार‑बार MCB ट्रिप होना भी वायरिंग में गड़बड़ी का संकेत है। इस स्थिति में खुद मरम्मत करने की कोशिश न करें, बल्कि योग्य इलेक्ट्रिशियन से जांच करवाएँ।
4. घर से बाहर निकलते समय सभी लाइट बंद कर दें – कई लोग सजावटी लाइट्स रात भर जलाते हैं, पर जब घर खाली हो तो सभी लाइट्स और गैर‑जरूरी उपकरण बंद कर देना चाहिए। लाइट्स को अनदेखी करके चलने देने से तार और अडैप्टर गरम हो सकते हैं, जिससे आग लगने की संभावना बढ़ती है।
5. दीये और मोमबत्तियों को इलेक्ट्रिक सजावट से दूर रखें – दीये, मोमबत्तियां और अगरबत्ती को झिलमिलाती लाइट्स, पर्दों या कागज़ के पास न रखें। बालकनी या खिड़की के नीचे दीया जलाने से हवा की वजह से लौ सजावट तक पहुँच सकती है। इन्हें हमेशा स्थिर, सुरक्षित जगह पर रखें और बच्चों व पालतू जानवरों की पहुँच से दूर रखें।
6. बाहरी लाइटिंग में विशेष सतर्कता रखें – बालकनी, छत या घर के बाहर लगाई जाने वाली लाइट्स के लिए केवल आउटडोर‑रेडि‑डिज़ाइन की गई लाइट और कनेक्टर ही उपयोग करें। खुले तार या नमी के संपर्क में आने वाले कनेक्शन से शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ता है। तारों को दरवाज़े या पैरों के नीचे न रखें, और धातु की रेलिंग पर नंगे तार से बांधने से बचें। आवश्यक होने पर पेशेवर इलेक्ट्रिशियन की मदद लें।
7. MCB और RCCB की नियमित जांच कराएँ – MCB सर्किट को ओवरलोड और शॉर्ट सर्किट से बचाता है, जबकि RCCB लीकेज का पता लगाकर बिजली सप्लाई तुरंत बंद कर देता है। यदि आपके घर में RCCB नहीं है या उसकी कार्यक्षमता पर संदेह है, तो तुरंत योग्य इलेक्ट्रिशियन से जांच करवाएँ। इन उपकरणों को बायपास या गलत रेटिंग के फ्यूज से बदलना कभी न करें।
अगर शॉर्ट सर्किट से आग लग जाए तो क्या करें? – सबसे पहले अपने और परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। जलते हुए उपकरण को छूने या प्लग निकालने की कोशिश न करें। यदि सुरक्षित दूरी से मुख्य स्विच (मेन स्विच) बंद किया जा सके तो तुरंत बंद कर दें। स्विच बोर्ड के पास आग या धुआँ हो तो वहाँ न जाएँ और पानी से आग बुझाने की कोशिश न करें, क्योंकि पानी बिजली के साथ मिलकर शॉक का खतरा पैदा करता है।
यदि बिजली की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है और आग छोटी है, तो CO₂ या उचित रेटिंग वाले ड्राई पाउडर अग्निशामक से बुझाएँ। अग्निशामक का उपयोग करने की विधि पहले से जान लें। बड़ी या तेजी से फैलती आग के मामले में खुद से बुझाने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत बाहर निकलें।
बाहर निकलते समय फर्श के पास नीचे झुकें या रेंगें, क्योंकि हवा साफ़ हो सकती है। लिफ़्ट न लें, सीढ़ियों से बाहर निकलें और दोबारा घर में प्रवेश न करें। फायर ब्रिगेड को 101 या आपातकालीन नंबर 112 पर तुरंत कॉल करें।
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