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पश्चिम बंगाल में नशीली दवाओं और कोरेक्स सिरप की बड़ी खेप बरामद होने के मामले में पुलिस ने किशनगंज में छापेमारी कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। अलीपुरद्वार जिले की बीरपाड़ा थाना पुलिस ने किशनगंज सदर थाना पुलिस के सहयोग से डांगी बस्ती स्थित मंजू ड्रग्स के संचालक मिणाल कुमार साह और सिटी तघरिया निवासी सुभाष को पकड़ा। पूछताछ के बाद बीरपाड़ा पुलिस दोनों आरोपियों को अपने साथ पश्चिम बंगाल ले गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पश्चिम बंगाल में बरामद नशीली दवाओं और कोरेक्स सिरप की खेप की सप्लाई चेन का किशनगंज से क्या संबंध है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
26 अगस्त को दर्ज हुआ था मामला
इस मामले में बीरपाड़ा थाने में 26 अगस्त को केस नंबर 151/26 दर्ज किया गया था। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस को नशीली दवाओं और कोरेक्स सिरप की बड़ी खेप से जुड़े नेटवर्क के बारे में कई अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है।
25 अगस्त को पकड़ा गया था अमर बहादुर छेत्री
बीरपाड़ा पुलिस ने इस मामले में 25 अगस्त को अमर बहादुर छेत्री नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर जांच टीम ने उसके मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। इसी जांच के दौरान पुलिस को किशनगंज के कुछ लोगों के बारे में सुराग मिला। इसके बाद बीरपाड़ा पुलिस की टीम किशनगंज पहुंची।
सदर थाना पुलिस के सहयोग से हुई कार्रवाई
किशनगंज पहुंचने के बाद बीरपाड़ा थाना पुलिस ने सदर थाना पुलिस से संपर्क किया। स्थानीय पुलिस के सहयोग से डांगी बस्ती स्थित मंजू ड्रग्स के संचालक मिणाल कुमार साह और सिटी तघरिया निवासी सुभाष को पकड़ा गया। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद बीरपाड़ा पुलिस दोनों को अपने साथ पश्चिम बंगाल ले गई, जहां मामले को लेकर उनसे आगे पूछताछ की जा रही है।
सप्लाई चेन में किशनगंज की भूमिका की जांच
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि पश्चिम बंगाल में बरामद नशीली दवाओं और कोरेक्स सिरप की खेप की सप्लाई चेन में किशनगंज की क्या भूमिका रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।
बंगाल पुलिस ने जानकारी देने से किया इनकार
मामले को लेकर बंगाल पुलिस ने फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों आरोपियों को पश्चिम बंगाल ले जाकर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
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