पटना की सड़कों पर आज एक बार फिर छात्र अपनी मांगों को लेकर मार्च पर होंगे। छात्र संगठनों के आंदोलन को खत्म कराने के लिए राज्य सरकार की ओर से सोमवार को बड़ी पहल की गई। सरकार के आदेश के बाद शिक्षा सचिव से लेकर पटना के डीएम और एसएसपी तक सक्रिय हो गए। सभी छात्र संगठनों के साथ अलग-अलग मुद्दों पर दो से तीन घंटें तक वार्ता हुई। इसमें कई मुद्दों पर छात्रों के साथ सहमति बनी। मुख्य मुद्दा टीआरई-4 में निगेटिव मार्किंग हटाने और एकल परीक्षा कराने पर सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद छात्र संगठनों ने मंगलवार को पूर्व से तय कार्यक्रम के तहत सड़क पर उतरने का फैसला किया। छात्र संघों द्वारा एक अभ्यर्थी एक परिणाम की भी मांग की गई है।
हालांकि एकल परीक्षा को लेकर फिलहाल कोई आश्वासन नहीं मिला है। निगेटिव मार्किंग हटाने की छात्रों की मांग पर भी फैसला नहीं हो पाया है। इधर, शिक्षा सचिव राजीव रौशन के साथ अभ्यर्थियों की बातचीत में टीआरई-4 के सिलेबस में बदलाव पर सहमति बनी है। इससे संबंधित बीपीएससी को लिखा गया पत्र भी देर रात छात्र नेता दिलीप कुमार को सौंपा गया। इधर, अमन और जानवी के नेतृत्व में एक सप्ताह से अनशन पर बैठे छात्रों के साथ अधिकारियों की वार्ता में कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी है।
बीएसएससी इंटर स्तरीय परीक्षा की तिथि घोषित करने, 70वीं बीपीएससी का पेपर रद्द करने, दारोगा की बहाली की जांच आदि पर सहमति नहीं बनी है। कांग्रेस नेता सुशील कुमार, छात्र नेता सौरव, सुशील कुमार, एसएसएआई के लारायब अकरम, एबीएसयू के सौरभ पटेल, एआईएसएफ के सुधीर कुमार, एनएसयूआई की भाग्य भारती, आइसा के दीपांकर आदि ने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा।
शिक्षा विभाग ने छात्र संघों की मांगों पर विचार करने का अनुरोध बीपीएससी से किया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग के सचिव ने बीपीएससी को पत्र लिखा है। छात्र संघों ने शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई 4 के पीटी सिलेबस में बदलाव का अनुरोध किया है। उनके अनुसार पीटी के सिलेबस में बाल मनोविज्ञान के 50 प्रतिशत प्रश्न पूछे जायेंगे। वहीं, सामान्य अध्ययन के 50 प्रतिशत प्रश्न भी शामिल किया जाये। इसमें जीके-जीएस के सवाल हों। सामान्य अध्ययन के प्रश्नों में 30 प्रतिशत प्रश्न बिहार से संबंधित हों।
इनमें बिहार का गौरवशाली इतिहास, बिहार की राजनीतिक-आर्थिक एवं भौगोलिक स्थिति समेत अन्य विषयों से जुड़े प्रश्न शामिल करने की बात कही गयी है। टीआरई-4 की आगामी परीक्षा को लेकर छात्र संघों की मांग पर सोमवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने देर शाम तक बैठक की।।बैठक के बाद शिक्षा विभाग ने बीपीएससी को देर रात पत्र भेजा है। छात्र संघों ने टीआरई-4 के संदर्भ में शिक्षक बनने के लिए मुख्य रूप से बीएड एवं डीएलएड करने के बाद शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए बाल मनोविज्ञान और शिक्षण विधि की जानकारी को महत्वपूर्ण बताया।
छात्र संगठनों के मंगलवार को प्रस्तावित मार्च को लेकर शहर की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी। गांधी मैदान, जेपी गोलंबर, डाकबंगला चौराहा और आयकर गोलंबर सहित लोक भवन जाने वाले मार्ग पर करीब 12 सौ पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती रहेगी। प्रमुख चौराहों पर बैरिकेड लगाए जाएंगे। प्रदर्शनकारियों से निबटने के लिए वाटर कैनन और बज्र वाहन की टीम को भी तैयार रहने को कहा गया है। पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी हाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति को नहीं बिगड़ने देने के निर्देश दिए गए हैं।
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