यूपी के शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या में बदमाशों ने दुस्साहस की सारी हदें पार कर दीं। शाम के समय कोतवाली से कुछ ही दूरी पर करीब 20 राउंड गोलियां चलाई गईं। सूत्रों के मुताबकि पोस्टमार्टम से पहले कराए गए एक्सरे और सीटी स्कैन में अंकित के शरीर में नौ गोलियां लगने की पुष्टि हुई। इनमें चार गोलियां शरीर के आरपार निकल गईं, जबकि पांच गोलियां शरीर के अंदर धंसी पाई गईं। पांव से लेकर सिर तक गोलियों के निशान ने हमलावरों की बेरहमी की कहानी बयां कर दी।
बताया गया है कि अंकित के सिर में दो गोलियां लगीं, जो आरपार हो गईं। वहीं शरीर में धंसी पांच गोलियों में दो जांघ में, दो पेट में और एक गोली छाती के आसपास में मिली। इसके अलावा अन्य दो गोलियां शरीर को आरपार करती हुई निकलीं। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया से पहले चिकित्सकों ने शरीर में लगी गोलियों और उनके प्रवेश व निकास के स्थानों की पड़ताल के लिए एक्सरे और सीटी स्कैन कराया। इसके बाद चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम शुरू किया।
वारदात के प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही बदमाशों ने अंकित पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू की तो गोलियां लगने के बाद वह जान बचाने के लिए पास खड़ी स्कॉर्पियो के पीछे छिपने का प्रयास करने लगा। हमलावरों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। अंकित के गाड़ी की ओट लेने पर बदमाश आगे की ओर पहुंच गए और स्कॉर्पियो पर भी फायरिंग की। तीन गोलियां गाड़ी के अगले हिस्से और शीशे को भेदती हुई निकल गईं। गाड़ी के शीशे पर गोलियों के निशान साफ दिखाई दिए। घटनास्थल पर हुई करीब 20 राउंड फायरिंग ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।
हत्या के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई और गुस्साए लोगों के कारण काफी देर तक स्थिति तनावपूर्ण रही। अधिकारियों और पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद करीब पौने 12 बजे अंकित का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। अस्पताल पहुंचने पर पहले एक्सरे और सीटी स्कैन कराया गया, ताकि शरीर में धंसी गोलियों और गोली लगने की स्थिति का स्पष्ट आकलन किया जा सके।
जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद रात करीब तीन बजे चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम शुरू किया। गोलियों की संख्या और शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटों की पड़ताल के कारण पोस्टमार्टम की प्रक्रिया लंबी चली और सुबह करीब सात बजे तक जारी रही। वारदात का तरीका और पोस्टमार्टम से सामने आई गोलियों की स्थिति यह बताती है कि हमलावरों ने अंकित को निशाना बनाकर बेहद करीब से और लगातार फायरिंग की।
अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस को सीसीटीवी कैमरों से अहम सुराग मिले हैं। वारदात से पहले और बाद की फुटेज खंगालने पर चार संदिग्ध युवक दो बाइकों पर आते-जाते दिखाई दिए हैं। सभी की उम्र करीब 20 से 24 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पुलिस अब फुटेज के आधार पर चारों की पहचान करने के साथ उनके आने-जाने के पूरे रूट को खंगाल रही है।
वारदात को अंजाम देने के बाद चारों हमलावर घटनास्थल के पास से सीधे बाइक पर सवार होकर नहीं भागे। घटना के तुरंत बाद वे गली के रास्ते पैदल निकल गए। इसके बाद बुढ़ाना रोड पर पहले से खड़ी अपनी दो बाइकों तक पहुंचे। वहां से चारों दो-दो की संख्या में बाइकों पर सवार हुए और इत्मीनान से फरार हो गए।
बदमाशों के इस तरीके से पुलिस को आशंका है कि उन्होंने पहले से ही भागने का रास्ता और बाइकों को खड़ा करने की जगह तय कर रखी थी। जांच में जुटी पुलिस को अलग-अलग स्थानों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी मिली है। बताया जा रहा है कि बुढ़ाना रोड से निकलने के बाद चारों संदिग्ध विजय चौक के आसपास लगे कैमरों में भी एक साथ जाते दिखाई दिए हैं।
पुलिस अब इन कैमरों की फुटेज को क्रमवार जोड़कर बदमाशों के भागने का पूरा रूट तैयार कर रही है। इसके साथ ही आगे के रास्तों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि विजय चौक से निकलने के बाद वे किस दिशा में गए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्धों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज को तकनीकी जांच के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। चारों युवकों की कद-काठी, कपड़ों और बाइकों की पहचान के आधार पर आसपास के जिलों की पुलिस से भी जानकारी साझा की जा सकती है। घटना के बाद जिस तरह से बदमाश पहले पैदल गलियों से निकले और फिर कुछ दूरी पर खड़ी बाइकों से फरार हुए, उससे वारदात की पहले से योजना बनाए जाने की संभावना भी जांच के दायरे में है।
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