इंग्लैंड दौरे के दौरान पाकिस्तान टेस्ट टीम ने एक अभूतपूर्व परिवर्तन देखी है। मौजूदा टेस्ट स्क्वॉड के सात खिलाड़ियों को हटाया गया, हेड कोच सरफराज अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल को भी बर्खास्त कर दिया गया, और चयन समिति के सदस्य मिस्बाह‑उल‑हक ने इस्तीफा दे दिया। इस बड़े बदलाव के बाद टीम को पूरी तरह से नई, अनकैप्ड ख़िलाड़ियों के साथ तैयार किया जा रहा है।
लॉर्ड्स में 194 रन की हार और 0‑2 सीरीज हार के बाद, यह ऑपरेशन पाकिस्तान क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़ा माना जा रहा है। अब पाँच अनकैप्ड खिलाड़ी – अराफात मिन्हास, मोहम्मद इमरान जूनियर, साद बेग, मोहम्मद इमरान रंधावा और रजाउल्लाह – 9 सितंबर को शुरू होने वाले तीसरे टेस्ट से पहले टीम में शामिल हुए हैं।
हटाे गये सात खिलाड़ी हैं: मोहम्मद रिजवान, इमाम‑उल‑हक, सलमान आगा, अली उस्मान, आमिर जमाल, अवैस जफर और खुर्रम शहजाद। इनके अलावा, व्हाइट‑बॉल सेट‑अप के हेड कोच माइक हेसन और बॉलिंग कोच एश्ले नोफ्के को अब टेस्ट कोचिंग स्टाफ में शामिल किया गया है।
पाकिस्तान क्रिकेट के गिरावट का कारण केवल खिलाड़ियों की फॉर्म नहीं, बल्कि 2023 के वन‑डे वर्ल्ड कप से शुरू हुई निरंतर अस्थिरता है। उस टूर्नामेंट में ग्रुप स्टेज से बाहर होने के बाद, कप्तानियों में बार‑बार बदलाव हुए, कोचिंग स्टाफ को कई बार हटाया गया, और बोर्ड (PCB) में राजनीतिक हस्तक्षेप ने टीम को अस्थिर कर दिया।
2023‑24 में शान मसूद को टेस्ट कप्तान और शाहीन शाह अफ़रीदी को T20 कप्तान बनाया गया, जबकि ODI कप्तान खाली छोड़ दिया गया। ऑस्ट्रेलिया‑पाक टेस्ट सीरीज (0‑3) और न्यूजीलैंड‑पाक T20I सीरीज (1‑4) दोनों में हार के बाद, शान मसूद और शाहीन दोनों ही पद से हटाए गए।
फिर मार्च 2024 में बाबर आज़म को व्हाइट‑बॉल (ODI और T20I) कप्तान नियुक्त किया गया, पर 2024 टी20 विश्व कप में टीम ग्रुप स्टेज से बाहर रही। इस दौरान गैरी कर्स्टन (व्हाइट‑बॉल) और जेसन गिलेस्पी (रेड‑बॉल) को कोच नियुक्त किया गया, लेकिन दोनों ने कुछ ही महीनों में इस्तीफा दे दिया।
नोवेम्बर‑दिसेम्बर 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ होम टेस्ट सीरीज में कुछ खिलाड़ी हटाए गए, जबकि स्पिनर्स को मौका मिला; पाकिस्तान ने 2‑1 से सीरीज जीत ली। फिर भी, एशिया कप और अन्य बड़े टूर्नामेंटों में ग्रुप स्टेज से बाहर होना बोर्ड की अस्थिर नीति को उजागर करता है।
2025 में चयन समिति में बड़े बदलाव हुए; 13 मे 2025 को आक़िब जावेद को हाई परफ़ॉर्मेंस डायरेक्टर और राष्ट्रीय चयनकर्ता नियुक्त किया गया। इस दौरान माइक हेसन को व्हाइट‑बॉल हेड कोच बनाया गया, लेकिन टीम का प्रदर्शन फिर भी असंतोषजनक रहा।
2026 में सरफराज अहमद को टेस्ट हेड कोच, असद शफ़ीक को बैटिंग कोच और उमर गुल को बॉलिंग कोच नियुक्त किया गया। जुलाई में शान मसूद को टेस्ट कप्तान से हटाया गया, और बाबर आज़म फिर से टेस्ट कप्तान बने, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ अगस्त‑सितंबर की सीरीज में भारी हार मिली। पहले टेस्ट में बाबर चोटिल रहे, इसलिए सलमान आगा ने अस्थायी तौर पर कप्तानी संभाली। दूसरे टेस्ट के बाद सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर किया गया, सरफराज अहमद और उमर गुल को भी हटाया गया, और माइक हेसन को टेस्ट की जिम्मेदारी दी गई।
इन सभी बदलावों के पीछे PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी का प्रमुख भूमिका है। वे 2024‑फरवरी से बोर्ड के प्रमुख हैं और साथ ही इंटीरियर मंत्री भी हैं। उनके दोहरे पद और राजनीतिक प्रभाव ने क्रिकेट निर्णयों में अस्थिरता बढ़ा दी है। कोचिंग स्टाफ, चयन समिति, और कप्तानियों में बार‑बार बदलाव, साथ ही विदेशी कोचों का जल्दी‑जल्दी इस्तीफा, टीम को निरंतर अस्थिर कर रहा है।
वर्तमान में, जब तक PCB में पारदर्शिता, स्थिरता और क्रिकेट‑जाने वाले निर्णय‑निर्माताओं को प्रमुखता नहीं दी जाती, पाकिस्तान क्रिकेट की स्थिति में सुधार की उम्मीद कम ही है। तीन साल में दर्जनों कोच, चयनकर्ता और कई कप्तान बदल चुके हैं; T20 में कुछ सुधार दिखे हैं, पर टेस्ट और बड़े ODI टूर्नामेंटों में संघर्ष जारी है। यही पाकिस्तान क्रिकेट का बंटाधार है, जो निकट भविष्य में भी जारी रह सकता है।
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