अमेरिका के 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के कई उम्मीदवारों की भागीदारी पर नजरें टिकी हैं। फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया डंडिया ने 52.2% वोटों के साथ जीत दर्ज की, जबकि उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी केसी अस्कर को 47.8% वोट मिले। यह सीट रेडिस्ट्रिक्टिंग के बाद ओपन रही, इसलिए कोई इन्कम्बेंट सांसद नहीं था। पिया, जो पूर्व स्कूल प्रिंसिपल हैं, को इस जीत को भारतीय मूल के उम्मीदवारों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
ओहियो में गवर्नर पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी समर्थक हैं, शुरुआती सर्वे में डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी एमी एक्टन से काफी पीछे दिख रहे हैं। एमी को लगभग 61% वोट मिले, जबकि विवेक को 35% के आसपास समर्थन मिला। मतगणना अभी जारी है, इसलिए अंतिम नतीजा अभी तय नहीं हुआ है।
एरिज़ोना के पहले कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में भारतीय मूल के अमिश शाह का मुकाबला रिपब्लिकन जे फीली से है। इस सीट को पहले टॉस‑अप माना जा रहा था, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक परिणाम नहीं आया है।
लॉस एंजिल्स में मेयर पद के लिए नित्या रमन ने मौजूदा मेयर कैरेन बास से टकराव किया है। दोनों के बीच प्री‑इलेक्शन पोल में लगभग बराबर समर्थन दिखा, लेकिन मतगणना जारी रहने के कारण अभी तक विजेता का पता नहीं चल पाया।
न्यूयॉर्क में अटॉर्नी जनरल पद पर भारतीय मूल की सरिता कोमारेड्डी ने डेमोक्रेटिक पार्टी की मौजूदा अटॉर्नी जनरल Letitia James से मुकाबला किया। सर्वे में लेटिशिया को स्पष्ट बढ़त दिखी, पर अंतिम परिणाम अभी घोषित नहीं हुआ है।
मिडटर्म चुनाव हर चार साल में राष्ट्रपति के कार्यकाल के मध्य में होते हैं। इस बार 435 हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी सीटों, सीनेट के लगभग एक तिहाई और कई राज्य गवर्नर पदों पर मतदान हुआ। वर्तमान में रिपब्लिकन पार्टी के पास दोनों सदनों में बहुमत है, लेकिन यदि मिडटर्म में उन्हें नुकसान हुआ तो राष्ट्रपति ट्रंप का एजेंडा प्रभावित हो सकता है।
अर्ली वोटिंग के माध्यम से 5.70 करोड़ से अधिक मतदाता अपना वोट डाल चुके हैं, जो 2022 के मिडटर्म से 1.1 करोड़ अधिक है। इस बढ़ती भागीदारी में मेल‑इन बैलेट भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इतिहास बताता है कि पिछले 20 मिडटर्म चुनावों में से 18 बार राष्ट्रपति की पार्टी हार गई है। यह प्रवृत्ति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के लिए चिंता का कारण है।
कैलिफ़ोर्निया में 20,000 विवादित मेल‑इन बैलेट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन की गिनती रोकने की अपील खारिज कर दी, जिससे बैलेट गिनती जारी रही।
इस चुनाव में महंगाई, बेरोजगारी, इमिग्रेशन, टैक्स कटौती, ईरान और इज़राइल‑फ़िलिस्तीन मुद्दे प्रमुख रहे। इन विषयों पर मतदाता की राय ने चुनावी माहौल को प्रभावित किया।
अमेरिका की आर्थिक शक्ति और विदेश नीति के प्रभाव को देखते हुए मिडटर्म परिणाम न केवल अमेरिकी राजनीति बल्कि भारत सहित कई देशों की रणनीति को भी आकार देंगे। पिया डंडिया की जीत के बाद बाकी भारतीय मूल के उम्मीदवारों के नतीजों का इंतजार जारी है।
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