सिंगर अंकित बालियन हत्याकांड के आरोपी राकेश उर्फ पम्पू फिलहाल हरियाणा की करनाल जेल में बंद है. इस मामले में अभी शामली पुलिस ने उसकी कस्टडी रिमांड के लिए आवेदन भी नहीं किया था. इससे पहले ही पम्पू ने अपने वकील के जरिए हरियाणा और यूपी के पुलिस अधिकारियों को एक पत्र भेजकर अपनी सुरक्षा की मांग कर दी.
पम्पू ने पत्र में कहा है कि 'अगर उत्तर प्रदेश पुलिस उसे करनाल जेल से कस्टडी में लेकर जाती है तो उसके हाथ-पैर में लोहे की बेड़ियां बांधी जाएं'. उसे जेल से ले जाने के समय से लेकर जहां पहुंचाया जाए, वहां तक पूरे सफर की लगातार वीडियोग्राफी कराई जाए. उसने कस्टडी के दौरान हर वक्त अपने साथ सुरक्षा रखने की भी मांग की है.
किन अधिकारियों को भेजा पत्र?
पम्पू ने यह पत्र हरियाणा के डीजीपी, करनाल जेल के अधिकारियों, करनाल पुलिस और शामली पुलिस के अधिकारियों को भेजा है. इसमें उसने कस्टडी के दौरान अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. पत्र में उसकी सबसे खास मांग हाथ-पैर में बेड़ियां डालने की है. साथ ही उसने पूरे सफर की वीडियोग्राफी कराने और हर वक्त सुरक्षा रखने की मांग की है.
शूटरों के एनकाउंटर के बाद लिया गया पम्पू का नाम
अंकित बालियन की हत्या में शामिल बताए जा रहे शूटरों के एनकाउंटर के बाद एसपी शामली ने राकेश उर्फ पम्पू का नाम लिया था. इसके बाद पम्पू ने अपनी तरफ से यह पत्र भेजा. पम्पू गोगी गैंग से जुड़ा बताया जाता है. पुलिस का आरोप है कि उसने करनाल जेल में बंद रहते हुए अंकित बालियन की हत्या की साजिश रची थी. अब पुलिस उससे पूछताछ कर इस मामले की बाकी कड़ियां जोड़ना चाहती है.
करनाल जेल जाएगी शामली पुलिस
शामली पुलिस की टीम बुधवार को करनाल जेल जाएगी. वहां राकेश उर्फ पम्पू की कस्टडी रिमांड लेने की मांग की जाएगी. फिलहाल पुलिस ने उसकी रिमांड के लिए आवेदन नहीं किया है.
रिमांड मिलने के बाद पुलिस पम्पू से अंकित बालियन हत्याकांड की साजिश को लेकर पूछताछ करेगी. यह जानने की कोशिश होगी कि जेल में रहते हुए उसका बाहर किन लोगों से संपर्क था, शूटरों से उसका किस तरह संपर्क हुआ और इस पूरी वारदात में उसकी क्या भूमिका थी. पुलिस रोहित समेत इस मामले में शामिल दूसरे लोगों की भूमिका के बारे में भी जानकारी जुटाना चाहती है.
बेड़ियां और वीडियोग्राफी की मांग क्यों?
पम्पू की ओर से हाथ-पैर में बेड़ियां डालने और पूरे सफर की वीडियोग्राफी कराने की मांग ने इस मामले को चर्चा में ला दिया है. उसने यूपी पुलिस की कस्टडी में ले जाए जाने की स्थिति में अपनी सुरक्षा को लेकर पहले ही अधिकारियों को पत्र भेज दिया है.
उसने पत्र में एनकाउंटर का नाम नहीं लिया है. लेकिन शूटरों के एनकाउंटर के बाद उसका नाम सामने आने और उसके तुरंत बाद सुरक्षा को लेकर यह पत्र भेजे जाने से सवाल जरूर उठ रहा है कि आखिर पम्पू यूपी पुलिस की कस्टडी में जाने से इतना सतर्क क्यों है?
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