सोमवार सुबह लगभग 10 बजे, दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी में जिम ट्रेनर विजय कुमार को बाहर बुलाकर गोली मार दी गई। हेलमेट पहने दो हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए और कई गोलियों से विजय को मार डाला।
पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने लगभग 12‑15 गोलियां चलाईं, जिनमें से कम से कम दो गोलियां सिर में लगी थीं। विजय को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उनका निधन घोषित किया।
जांच से पता चला है कि यह हत्याकांड दो स्थानीय परिवारों – अरुण लोहिया और रतन लोहिया – के बीच चल रही पुरानी दुश्मनी से जुड़ा हो सकता है। दोनों पक्षों के बीच पहले भी दो हत्याएं हुई थीं, जिनमें रतन लोहिया (दूध डेयरी के मालिक) की 2025 में हत्या शामिल है।
विजय के चाचा नरेंद्र कुमार का कहना है कि उनका भतीजा बेकसूर था और उसने इन पूर्व हत्याओं से कोई संबंध नहीं रखा। उन्होंने बताया कि रतन की हत्या के बाद परिवार को लगातार डर का सामना करना पड़ा, जिससे विजय को भी कई बार धमकियों का सामना करना पड़ा।
विजय की पत्नी रितु ने बताया कि सुबह 8:30 बजे तक उन्होंने पति से फोन पर बात की थी। 10 बजे के बाद विजय ने फोन नहीं उठाया और कुछ देर बाद उन्हें गोलीबारी की खबर मिली। रितु ने रामवीर बिधूड़ी (अरुण के पिता) पर हत्या का आरोप लगाया, पर अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है।
विजय की बहन सुधा ने कहा कि पिछले दो हफ्तों से उनके भाई को कई लोग परेशान कर रहे थे और वह संपत्ति विवाद से जुड़े एक अदालत के केस में बयान देने वाले थे। एक स्थानीय निवासी ने भी बताया कि दो सप्ताह पहले फुटबॉल खेलते समय कुछ लोगों ने विजय को धमकाते सुना था।
पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने घटना स्थल से फरारी होते हुए फरीदाबाद की ओर रुख किया। प्रारंभिक जांच में यह संदेह है कि गैंगस्टरों ने इस हत्या में भूमिका निभाई हो सकती है। रतन लोहिया की हत्या में नीरज फरीदपुरिया और उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर रणदीप भाटी के नाम सामने आए थे, और अब वही गैंग इस नई गोलीबारी में शामिल हो सकता है।
डिल्ली पुलिस ने फतेहपुर बेरी थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत FIR दर्ज की है और कई टीमें बनाकर आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है। दक्षिण दिल्ली के डीसीपी अनंत मित्तल ने कहा कि प्रारम्भिक जांच में आपसी रंजिश प्रमुख कारण लग रही है, पर सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की जांच जारी है।
पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने हत्या की योजना पहले से तैयार की थी; वे विजय के जिम आने‑जाने के समय और उसकी दिनचर्या की जानकारी रखते थे। इस बात की पुष्टि के लिए घटनास्थल, आसपास के CCTV फुटेज और गवाहों के बयान एकत्र किए जा रहे हैं।
अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस परिवारों द्वारा लगाए गए आरोपों, पुरानी रंजिश और संभावित गैंग संबंधों की पूरी तरह से जांच कर रही है, ताकि हत्या के पीछे की असली वजह और शूटर की पहचान की जा सके।
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