रक्षाबंधन से एक दिन पहले गुरुवार को बरेली क्लब मैदान में भाई-बहन के रिश्ते का अनूठा उत्सव देखने को मिला। पार्थ गौतम फाउंडेशन की ओर से आयोजित रक्षाबंधन समारोह में मेयर डॉ. उमेश गौतम और उनके बेटे प्रो. चांसलर पार्थ गौतम को राखी बांधने के लिए हजारों महिलाएं पहुंचीं। पंडाल से लेकर प्रवेश गेट और अक्षर विहार की ओर सड़क तक महिलाओं की लंबी कतार लगी रही। बारिश में भीगने के बावजूद महिलाओं का उत्साह कम नहीं हुआ। सुबह शुरू हुआ राखी बांधने का सिलसिला शाम तक चलता रहा। फाउंडेशन का दावा है कि 20 हजार से अधिक महिलाएं इस कार्यक्रम में शामिल हुईं।
मेयर एवं इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. उमेश गौतम और उनके बेटे प्रो. चांसलर पार्थ गौतम ने आम महिलाओं के साथ रक्षाबंधन मनाने की परंपरा इस वर्ष भी जारी रखी। आयोजन को महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण से जोड़ते हुए फाउंडेशन की ओर से महिलाओं को उपहार भी दिए गए। सुबह नौ बजे से ही बरेली क्लब मैदान के आसपास महिलाओं की भीड़ जुटने लगी थी। प्रवेश गेट से लेकर अक्षर विहार तक कतार लग गई। फाउंडेशन की ओर से महिलाओं को टोकन देकर प्रवेश दिया गया। सुबह 10 बजे तक पंडाल पूरी तरह भर गया। इसके बाद बड़ी संख्या में महिलाएं गेट के पास और पंडाल के बाहर खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करती रहीं। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत के बाद महिलाओं ने बारी-बारी से मेयर डॉ. उमेश गौतम और पार्थ गौतम को राखी बांधी। फाउंडेशन की ओर से महिलाओं को उपहार स्वरूप साड़ी और मिशन अस्पताल में नि:शुल्क उपचार का कार्ड दिया गया।
मेयर ने बेटे से कहा, बुआओं का हमेशा निभाना साथ
खचाखच भरे पंडाल में मेयर डॉ. उमेश गौतम ने बारिश के बीच पहुंचीं महिलाओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन अब वार्षिक परंपरा बन चुका है और इसका उद्देश्य रक्षाबंधन के पर्व को सामाजिक सरोकार से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि राखी बांधने वाली प्रत्येक महिला के साथ उनका बहन का रिश्ता जुड़ गया है।
हर परिस्थिति में साथ रहने का लिया संकल्प
मेयर ने अपने बेटे पार्थ गौतम से कहा कि राखी बांधने वाली सभी महिलाएं अब उनकी बुआ हैं। इन सभी का सुख-दुख में साथ देना और इस रिश्ते को हमेशा निभाना। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि एक-दूसरे की रक्षा और हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने का संकल्प है। हजारों महिलाओं का एक साथ आना इस रिश्ते के साथ जुड़ी जिम्मेदारी का भी एहसास कराता है। महिलाओं के सम्मान, सहयोग और सशक्तीकरण के प्रति यह प्रतिबद्धता पूरे वर्ष जारी रहनी चाहिए।
आम लोगों और जरूरतमंदों के लिए काम कर रहा फाउंडेशन
पार्थ गौतम फाउंडेशन के संस्थापक पार्थ गौतम ने महिलाओं का आभार जताते हुए कहा कि फाउंडेशन आम लोगों, गरीबों और मजदूरों के हित में विभिन्न सामाजिक पहल चला रहा है। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी में आम लोगों के लिए नि:शुल्क पेयजल केंद्र, दैनिक मजदूरों और राहगीरों के लिए नि:शुल्क चाय वितरण तथा सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए हेलमेट वितरण अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का आयोजन भी इसी सामाजिक सोच का हिस्सा है। इसका उद्देश्य महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है। समारोह में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी ने इस पहल को व्यापक सामाजिक जुड़ाव का रूप दिया। बारिश के बावजूद देर शाम तक मैदान में राखी बांधने का सिलसिला जारी रहा और पूरा परिसर रक्षाबंधन के उल्लास से सराबोर नजर आया।
घर से लाने और छोड़ने की थी व्यवस्था
कार्यक्रम में बहनों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो इसका भी पूरा ध्यान रखा गया था। मेयर ने महिलाओं को उनके घर से कार्यक्रम स्थल तक लाने और छोड़ने के लिए बस से लेकर ई-रिक्शा तक की व्यवस्था कर रखी थी।
भोजन और नास्ते का भी था प्रबंध
रक्षाबंधन के कार्यक्रम में महिलाओं के लिए जलपान की भी पूरी व्यवस्था की गई थी। इसके लिए बाकायदा कैटरर्स की व्यवस्था की गई थी। व्यवस्था बनाए रखने के लिए महिला और पुरुष वालंटियर्स भी तैनात किए गए थे।
भीड़ को संभालते रहे वालंटियर्स, धक्कामुक्की के बीच अफवाहें भी खूब उड़ीं
रक्षाबंधन समारोह में उम्मीद से कहीं अधिक भीड़ उमड़ने से कई बार अव्यवस्था की स्थिति बनी। मेयर डॉ. उमेश गौतम और उनके बेटे पार्थ गौतम को मंच पर राखी बांधने के लिए महिलाओं में खासा उत्साह रहा। मंच तक पहुंचने की होड़ में कई बार धक्कामुक्की के हालात बने। हालांकि वालंटियर्स लगातार भीड़ को नियंत्रित करते रहे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं के एक साथ पंडाल से बाहर निकलने से आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ और जाम की स्थिति बनी। इस दौरान भगदड़ और धक्कामुक्की समेत कई तरह की अफवाहें भी सामने आईं। अफ़वाहें तो भीड़ में कई महिलाओं के बेहोश होने, अस्पताल में भर्ती होने और एक की मौत होने तक की उड़ीं, पर देर रात तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। हालांकि मेयर डॉ. उमेश गौतम ने इन अफवाहों को निराधार बताते हुए इसे विरोधियों की साजिश करार दिया।
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