बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा कि बांग्लादेश ने कभी भी प्रधानमंत्री तरिक रहमान की भारत यात्रा को खारिज नहीं किया है और दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद, "उचित द्विपक्षीय ढांचे" के तहत इस यात्रा को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत चल रही है।
कबीर ने ढाका में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से कहा, "किसी भी देश के साथ संबंध बनाए रखने के लिए द्विपक्षीय बातचीत जरूरी है।"
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह यात्रा पूरी तरह से द्विपक्षीय होगी। ढाका का मानना है कि बातचीत के ज़रिए दोनों देशों की चुनौतियों को दूर किया जा सकता है और उन्होंने दोहराया कि बांग्लादेश ने कभी भी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा की संभावना को खारिज नहीं किया।
"सिर्फ फोन कॉल से कुछ नहीं होता। हम बातचीत कर रहे हैं और चीज़ें सकारात्मक दिशा में जा रही हैं," कबीर ने बताया।
जब उनसे पूछा गया कि क्या रहमान इस साल भारत का दौरा कर सकते हैं, तो उन्होंने कोई निश्चित समय‑सीमा नहीं बताई। उन्होंने कहा कि ढाका चाहता है कि यह यात्रा अनुकूल माहौल में और उचित द्विपक्षीय ढांचे के भीतर हो।
"उच्च‑स्तरीय बातचीत तब होगी जब हाई‑लेवल यात्रा होगी। फिलहाल अधिकारियों के स्तर पर बातचीत के जरिए पहले अनुकूल माहौल बनाना जरूरी है," उन्होंने कहा।
कबीर ने भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी की भी तारीफ़ की और कहा कि वह "अच्छा काम कर रहे हैं"। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई दिल्ली बांग्लादेश की स्थिति के आकलन पर "सकारात्मक रुख" अपनाएगी।
ये टिप्पणी ऐसे समय में आई हैं जब ढाका और नई दिल्ली, पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के सत्ता से हटने के बाद, तनावपूर्ण संबंधों को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। हसीना अगस्त 2024 में युवाओं के नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद सत्ता से हट गईं और भारत आ गईं।
भारत ने पिछले महीने पीएम रहमान को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन उन्होंने निमंत्रण स्वीकार नहीं किया। बांग्लादेश ने कहा था कि रहमान को ब्रिक्स के लिए नहीं, बल्कि BIMSTEC के अध्यक्ष के तौर पर आमंत्रित किया गया था।
भारत ने रहमान को "बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी‑सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन" (BIMSTEC) के अध्यक्ष के रूप में शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था, जबकि फरवरी से एक अलग द्विपक्षीय निमंत्रण भी मौजूद था। हसीना की मौजूदगी दोनों देशों के बीच एक बड़ा विवादित मुद्दा बन गई है।
ढाका उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है, जबकि भारत का कहना है कि प्रत्यर्पण के अनुरोध की जांच लागू कानूनों और तय कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार की जा रही है।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने अगस्त में कहा था कि उसी महीने नई दिल्ली में हसीना की वर्चुअल प्रेस बातचीत से रहमान की यात्रा का माहौल बिगड़ गया था।
भारत का कहना है कि हसीना से जुड़े मीडिया कार्यक्रम में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और वह उस मंच पर बांग्लादेश सरकार के किसी भी बयान का समर्थन नहीं करता।
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