मथुरा के चैतन्य विहार स्थित राजकीय बालिका संरक्षण गृह में बालिका की हत्या के मामले में अधीक्षिका की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद रविवार रात तक मजिस्ट्रेट के सामने पेश कराने की कार्यवाही हुई। इससे पहले पुलिस ने राजकीय संरक्षण गृह में जाकर जांच को आगे बढ़ाया और सीसीटीवी में नजर आ रहे संदिग्धों से भी पूछताछ की। उधर, मृतक बालिका को बीती रात ध्रुव घाट के समीप हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार दफना दिया गया। हत्या के बाद बालिका संरक्षण गृह में रह रहीं सहमी हुई हैं। आपको बता दें बालिका संरक्षण गृह में शुक्रवार की रात को 14 वर्षीय बालिका बाथरूम में मृत मिली थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो उसमें हत्या की बात सामने आई जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज देखे और संरक्षण गृह के स्टॉफ से जानकारी की, जिसमें यह सामने आया कि जिस कमरे में बालिका रह रही थी, उस कमरे के अटैच बाथरूम में उसके साथ दो अन्य बालिकायें भी गई थीं, लेकिन कुछ देर बाद बाथरूम से दो बालिकाएं ही बाहर आईं। पुलिस ने इन बालिकाओं से पूछताछ की तो इनके द्वारा बालिका की हत्या करने की बात स्वीकार की गई। जिसके बाद संस्थान की अधीक्षिका ने तहरीर दी। तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। इसमें दो बालिकाओं पर हत्या का आरोप है, जबकि तीन बालिकाओं का हत्या की साजिश में हाथ माना जा रहा है।
बालिका की हत्या के बाद राजकीय बालिका संरक्षण गृह में आवासित बालिकाएं सदमे में हैं। यहां रहने वाली बालिकाओं पर निगरानी बढ़ा दी गयी है। रविवार को पुलिस ने संरक्षण गृह जाकर जांच को आगे बढ़ाया। यहां रहने वाली बालिकाओं से भी पूछताछ की गयी। आरोपी बाल अपचारी बालिकाओं के व्यवहार, चाल चलन की जानकारी जुटाई। स्टॉफ के लोगों से भी पूछताछ की गई। यह भी जानकारी जुटाई गई कि हत्या का मकसद संरक्षण गृह को बदनाम कर उस पर ताला जड़ने के बाद इससे बाहर निकलना था या कुछ और। हालांकि अभी जांच में हत्या का कोई और मोटिव सामने नहीं आया है। जांच के बाद हत्या आरोपी बालिकाओं को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की कार्यवाही शुरू की। रविवार देर शाम तक दोनों को बालिकाओं को मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया जा सका।
जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चन्द्रा ने बताया कि बीती रात ही पोस्टमार्टम के बाद बालिका के शव को ध्रुव घाट के समीप हिन्दू रीति-रिवाज से दफन कर दिया गया। इधर, पूरे दिन पुलिस हत्या की आरोपी बालिकाओं की रिमांड की तैयारी करती रही। पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर वरुण मिश्रा ने बताया कि हत्या के आरोप में पकड़ी गई बालिकाएं चूंकि नाबालिग हैं, इसलिए उनको जुबेनाइल कोर्ट में पेश कर मजिस्ट्रेट के आदेश पर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। जांच के बाद पता चलेगा कि बालिका की हत्या में अन्य बालिकाओं का भी हाथ तो नहीं है।
बालिका की हत्या का आरोप संरक्षण गृह में रह रहीं पांच बालिकाओं पर है। हत्यारोपी बालिकाओं से की गई पूछताछ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद यह बात सामने आई है कि दो बालिकाओं ने बालिका का पहले गला दबाया और फिर जब उसकी सांस नहीं थमी तो टब में भरे पानी में उसको डुबोया। गला दबाने और पानी में डुबोने से उसकी मौत हो गई। हत्या के कारण का अभी पता नहीं चला है। पुलिस और संरक्षण गृह के स्टॉफ द्वारा काउंसलिंग कर उनसे हत्या के कारण की जानकारी जुटाई जा रही है।
राजकीय बालिका संरक्षण गृह में बालिका की हत्या के मामले में बाल अपचारी बालिकाओं को किशोर न्यायालय में पेश किया जाएगा। ऐसे मामले में बाल अपचारी बालिकाओं को आर्ब्जवेशन में रखने का प्राविधान है। आर्ब्जवेशन होम उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर व बाराबंकी जिले में हैं। संभावना है कि बाल अपचारी बालिकाओं को इन दोनों में से किसी एक स्थान पर भेजा जा सकता है।
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