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बिहार की कला, संस्कृति और हजारों साल पुरानी विरासत को देखकर देश के अलग-अलग राज्यों से आए सांसद भी प्रभावित हुए। सोमवार को 18 सांसदों ने बिहार म्यूजियम और खुदा बख्श लाइब्रेरी का भ्रमण किया। ऐतिहासिक धरोहरों और संग्रहालय में सुरक्षित कलाकृतियों को करीब से देखने के बाद सांसदों ने बिहार की समृद्ध विरासत की जमकर सराहना की। सांसदों ने कहा कि बिहार में इतिहास, संस्कृति और पर्यटन की ऐसी विरासत है, जिसे देश-दुनिया के सामने और मजबूती से रखा जाना चाहिए। पश्चिम बंगाल की सांसद जून मालियाह ने तो लोगों से अपील करते हुए कहा- ‘आइये न हमरा बिहार में।’
बिहार म्यूजियम देखकर बोलीं जून मालियाह- आइये न हमरा बिहार में
पश्चिम बंगाल की सांसद जून मालियाह ने बिहार म्यूजियम और खुदा बख्श लाइब्रेरी का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि बिहार म्यूजियम कला और इतिहास प्रेमियों के लिए बेहद खास जगह है। यहां जिस तरह ऐतिहासिक विरासत को सहेजकर रखा गया है, वह सराहनीय है।
दुनिया को दिखाने के लिए बहुत कुछ है बिहार के पास
गुजरात के राज्यसभा सांसद केशरीदेवसिंह दिग्विजयसिंह झाला ने बिहार म्यूजियम की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने हजारों साल के समृद्ध इतिहास को बेहद खूबसूरत और आधुनिक तरीके से यहां सहेजा है। इससे बिहार के इतिहास को जीवंत रूप में देखने और समझने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि बिहार की धरती से सभी धर्मों का गहरा जुड़ाव रहा है और इसकी झलक म्यूजियम में साफ दिखाई देती है। बिहार के पास दुनिया को दिखाने और देने के लिए बहुत कुछ है। उन्होंने देश और विदेश के पर्यटकों से भारत के समृद्ध इतिहास और संस्कृति को जानने और करीब से समझने के लिए बिहार आने की अपील की।
बिहार को जानने के लिए और घूमूंगी: सुधा मूर्ति
इंफोसिस की सह-संस्थापक, शिक्षाविद, समाजसेवी और राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति ने बिहार की विरासत की तारीफ करते हुए कहा कि यहां की कई जगहें बेहद शानदार हैं और उन्हें विश्व धरोहर में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार में पर्यटन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। यहां भगवान बुद्ध से जुड़ी कई धरोहरें हैं, वर्ल्ड क्लास म्यूजियम है और बेहतरीन कला मौजूद है। इन सभी को बेहतर तरीके से प्रचारित किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग बिहार और पटना घूमने आएं। ]सुधा मूर्ति ने कहा कि उन्होंने पहले दो-तीन बार पटना म्यूजियम देखा है, लेकिन बिहार म्यूजियम पहली बार देखने का मौका मिला। उन्होंने इसे बेहद शानदार और वर्ल्ड क्लास बताया। उन्होंने म्यूजियम में उपलब्ध जानकारी और व्यवस्था की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि बिहार म्यूजियम को देखने के लिए यहां दो-तीन दिन का समय लेकर आना चाहिए। केवल एक-दो घंटे में पूरे म्यूजियम को देख पाना संभव नहीं है।
मियां अल्ताफ अहमद ने बिहार म्यूजियम को बताया वर्ल्ड क्लास
जम्मू एवं कश्मीर के सांसद मियां अल्ताफ अहमद ने कहा कि बिहार म्यूजियम आने से राज्य के हजारों साल पुराने और समृद्ध इतिहास को करीब से जानने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि इस तरह के वर्ल्ड क्लास और अद्भुत म्यूजियम देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी बहुत कम हैं। इतिहास और कला में रुचि रखने वाले लोगों को यहां आकर बहुत कुछ सीखने और जानने का अवसर मिलेगा।
वैशाली, सीतामढ़ी और केसरिया घूमने की जताई इच्छा
परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अन्य सांसदों ने भी बिहार की विरासत की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि विशाल भवन की दीवारों पर अंकित हजारों साल पुरानी कलाकृतियां, मूर्तियां और ऐतिहासिक अवशेष यह बताते हैं कि बिहार की धरती कितनी समृद्ध रही है। सांसदों ने महसूस किया कि बिहार का हर कोना ऐतिहासिक विरासत से भरा हुआ है। यहां घूमने और अपना ज्ञान बढ़ाने के लिए अनगिनत स्थान हैं। सांसदों ने वैशाली, सीतामढ़ी और केसरिया जैसे ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करने की भी इच्छा जताई।
बिहार म्यूजियम को बताया अंतरराष्ट्रीय स्तर का
सांसदों ने कहा कि बिहार म्यूजियम अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के संग्रहालयों को चुनौती दे रहा है। यहां जिस तरह ऐतिहासिक वस्तुओं, कलाकृतियों, मूर्तियों और अवशेषों को सहेजकर रखा गया है, उनमें से कई चीजें दूसरी जगहों पर दुर्लभ हैं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पर्यटकों को बिहार और बिहार म्यूजियम आना चाहिए, ताकि वे राज्य की समृद्ध विरासत को करीब से देख सकें और एक अनोखा अनुभव प्राप्त कर सकें। सांसदों ने एक स्वर में बिहार की मेहमाननवाजी और विरासत की सराहना करते हुए कहा- “आइये न हमरा बिहार में।”
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