पड़ोसी राज्यों में लगातार हो रही तेज़ बारिश और बाणसागर बराज तथा इंद्रपुरी जलाशय से पानी छोड़ने के बाद पटना में गंगा और पुनपुन दोनों नदियों का जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा है। दोनों नदियां लाल निशान के पार पहुँच गई हैं, जिससे गंगा का पानी कई जगहों पर सड़कों पर आ गया है और पुनपुन का जल कई गाँवों में फैला है।
दरधा में उफान से 50 फ़ीट की सड़क पूरी तरह बह गई, जबकि सोन नदी में जलस्तर बढ़ने से आसपास के ग्रामीण भयभीत हैं।
डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) कुंदन कुमार ने सभी अधिकारीयों को हाई अलर्ट पर रहने, तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी, बाढ़ सुरक्षा सामग्री तैयार रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और सभी आवश्यक तैयारियां 24 घंटे के भीतर पूरी कर लेनी हैं।
DM ने सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल (खगौल), गंगा‑सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल (दीघा), पुनपुन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल (अनीसाबाद, पटना सिटी) और बख्तियारपुर बाढ़ नियंत्रण प्रखंड के कार्यपालक अभियंताओं को विशेष निर्देश जारी किए। सभी संवेदनशील तटबंधों के पास ईसी बैग, नाइलॉन क्रेट, ट्रैक्टर, जनरेटर आदि बाढ़‑निवारक सामग्री पर्याप्त मात्रा में रखें और 24 घंटे मजदूरों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। कटाव या रिसाव की स्थिति में तुरंत मरम्मत हो सके, इसके लिए तटबंधों की निरंतर निगरानी अनिवार्य है।
आपदा के समय समन्वय के लिए जिला स्तर पर सातों दिन 24 घंटे नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिया गया है। नागरिक किसी भी सूचना के लिए 0612‑2210118 या मोबाइल 8235449748 पर संपर्क कर सकते हैं। सभी प्रखंडों में भी प्रखंड‑स्तरीय नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है। DM ने कहा, “घबराएँ नहीं, अफवाहों पर ध्यान न दें।”
बढ़ते जलस्तर का जायजा लेने के लिए DM और नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बुधवार को गेट नंबर 93 के पास गंगा नदी का निरीक्षण किया। कार्यपालक अभियंता ने बताया कि पटना शहरी सुरक्षा दीवार का गेट 93 उच्चतम बाढ़ स्तर से 77 सेमी ऊँचा है और इसके ऊपर अतिरिक्त दो फ़ीट लकड़ी का सुरक्षा घेरा लगाया गया है।
फतुहा और दनियावां प्रखंड में पुनपुन, महात्मा और धोबा नदियों के जलस्तर में वृद्धि के बाद निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। कई गाँवों में जलजमाव हो गया, जिससे सैकड़ों एकड़ धान की फसल डूब गई। डुमरी और मौजीपुर पंचायत के कई गांव जलमग्न हो गए, जबकि दौलतपुर के पास सड़क पर छाती‑भर पानी बह रहा है।
गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर से बख्तियारपुर के दियारा इलाके में बाढ़ का खतरा गहरा रहा। पाँच पंचायतों के कई गांवों में गंगा का पानी प्रवेश कर चुका है, जिससे स्कूल बंद कर दिए गए हैं। संभावित बाढ़ से निपटने के लिए नौ स्थानों पर राहत शिविरों की साइट तय की गई है।
पुनपुन प्रखंड से गुजरने वाली पुनपुन नदी ने दोपहर के बाद रौद्र रूप धारण किया, जलस्तर 50.60 मीटर से बढ़कर 52.62 मीटर तक पहुंच गया। चामोचक, फहीमचक, बड़हिया कोल, लोदीपुर आदि स्थानों में निचले खेतों में जल प्रवेश से धान की फसल डूब गई। दरधा की 50 फ़ीट ग्रामीण सड़क भी उफान के दबाव से बह गई, जिससे लगभग दो सौ एकड़ धान डूब गया।
मुख्य बिंदु:
- सड़कों पर जल, सैकड़ों एकड़ धान बर्बाद
- गांवों में जलजमाव, स्कूल बंद
- DM ने हाई अलर्ट, 24 घंटे निगरानी और बाढ़ सामग्री तैयार रखने का आदेश दिया
- सभी प्रखंडों में 24 घंटे नियंत्रण कक्ष सक्रिय
- राहत शिविर, पेयजल, शौचालय, भोजन और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था
- सामुदायिक रसोई, चिकित्सा शिविर, सर्पदंश व कुत्ते के काटने की दवाएं उपलब्ध रहेंगी
- गर्भवती महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों की विशेष देखभाल
- पशु शिविर, चारा और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित
नागरिक आपातकालीन सूचना के लिए 0612‑2210118 या 8235449748 पर संपर्क कर सकते हैं।
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