उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बैंक अफसर मानस ने गुरुवार को अपनी बैंक अफसर पत्नी जो मशहूर यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा की बहन थीं, को ब्रांच के बाहर गोली से उड़ा दिया था। इसके बाद वह सीधे अपने घर पहुंचा और मानसिक रूप से बीमार बहन की गोली मारकर हत्या कर दी। फिर व्हाट्सऐप स्टेटस लगाकर खुद को भी गोली से उड़ा लिया। चंद मिनटों में तीन-तीन जिंदगियों के खात्मे से कोहराम मच गया। हत्यारोपी बैंक अफसर ने इन वारदातों को अंजाम देने के लिए तीन अवैध पिस्टलों का इस्तेमाल किया था। घटना की जांच में जुटी पुलिस के लिए यह जानना अहम है कि आखिर बैंक अफसर मानस को ये तीन पिस्टल मिली कहां से? सूत्रों के मुताबिक पुलिस को इस बारे में कुछ अहम सुराग मिले हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें सीतापुर के एक शख्स का नाम आ रहा है।
तीन दिन से तफ्तीश में जुटी लखनऊ की गोमतीनगर पुलिस ने मानस के मोबाइल की काल डिटेल्स मंगवाई है। काल डिटेल्स सोमवार को आएगी। हालांकि तफ्तीश में यह स्पष्ट हो गया है कि बरामद पिस्टल मुंगेरी थी। पुलिस को आशंका है कि मुंगेर गैंग से जुड़े किसी व्यक्ति से असलहे खरीदे गए हैं। कई संदिग्ध पुलिस की रडार पर हैं।
बैंक अफसर मानस बाजपेयी ने जिस असलहे से पत्नी दिव्या के माथे पर सटा कर गोली मारी फिर घर पहुंचकर उसी से बहन तूलिका को भी मारा था। उसके बाद उसी असलहे से खुद को भी उड़ाया था। यह सनसनीखेज खुलासा पुलिस और फोरेंसिक की प्राथमिक जांच में हुआ। पुलिस ने मानस के घर से तीन असलहे बरामद किए थे। एक बेड के नीचे पड़ा था। दूसरा उसके सीने पर और तीसरा बैग में था। इसके अलावा मौके से 15 कारतूस .32 बोर और तीन खोखे बरामद किए थे।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पारिवारिक कलह के चलते मानस ने जघन्य हत्याकांड की साजिश रची। उसने तीनों मौतों के लिए तीन असलहे खरीदे थे। वह कतई नहीं चाहता था कि उसका एक भी वार मिस हो। सीसी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मानस गुरुवार दोपहर पहले करीब 12 बजे के आस पास मिठाई वाला चौराहे के पास दिव्या की हत्या के लिए आटो से पहुंचा। उसने अपनी कमर में दो असलहे लगा रखे थे। एक बैग में रखा था। पत्नी जब कार से उतरी तो उसने पकड़कर खींचा। इसके बाद उससे हाथापाई की। सिर पर ताबड़तोड़ बट से कई प्रहार किए। इसके बाद उसने हत्या के लिए ट्रिगर दबाया।
गोली चेंबर में फंस गई। मानस ने दूसरी पिस्टल निकाली और उससे माथे पर सटाकर गोली मार दी। फिर आटो में सवार हुआ और घर पहुंचा। उसने उसी पिस्टल से बहन तुलिका को मारा और फिर खुद को गोली मार कर जान दे दी। दो अन्य पिस्टलों से उसने फायर नहीं किया।
पुलिस टीम को मानस के घर से दो मोबाइल मिले थे। एक आईफोन है और दूसरा एक अन्य कंपनी का है। आईफोन लॉक है। पुलिस मानस के परिचितों और रिश्तेदारों से उसके मोबाइल पासवर्ड पता करने की कोशिश कर रही है। क्योंकि अगर लॉक तोड़ा गया तो उसका डाटा उड़ जाएगा। सीसी कैमरे का डीवीआर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। घटना के संबंध में मानस अथवा दिव्या दोनों परिवारों की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!