ब्रिटेन के संघीय ढाँचे को लेकर स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में तीव्र बहस चल रही है। दोनों देशों के प्रमुख नेता अब अपने क्षेत्रीय अधिकारों और आत्मनिर्णय की माँग को लेकर एकजुट हो रहे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, इन तीन क्षेत्रों के नेता कल कार्डिफ में मिलेंगे। आयरिश रिपब्लिकन पार्टी सिन फेन की अध्यक्ष मैरी लू मैकडोनाल्ड भी इस बैठक में शामिल होंगी। बैठक में आत्मनिर्णय के अधिकार को लेकर एक संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर करने की संभावना है।
घोषणा में स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड के लोगों को लोकतांत्रिक तरीके से अपना भविष्य तय करने के अधिकार को रेखांकित किया जाएगा, और आवश्यकता पड़ने पर स्वतंत्रता की दिशा में कदम बढ़ाने की संभावना भी शामिल होगी।
स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्विनी, वेल्स के फर्स्ट मिनिस्टर रून एपी इओरवर्थ और उत्तरी आयरलैंड के प्रतिनिधि इस बैठक में भाग लेंगे। दोनों क्षेत्रों में ऐसी सरकारें हैं जो वर्तमान संवैधानिक व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग करती हैं।
कार्डिफ में चर्चा सिर्फ आजादी तक सीमित नहीं रहेगी; आर्थिक सहयोग, ऊर्जा नीति, यूरोपीय संबंध और विदेश मामलों में समन्वय पर भी बात होगी। दोनों पक्षों के बीच एक समझौता तैयार होने की उम्मीद है।
स्कॉटलैंड में फिर से स्वतंत्रता जनमत संग्रह की माँग तेज हो रही है। स्विनी लगातार इस मुद्दे को उठाते हुए कहते हैं कि मौजूदा व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। हालांकि, ब्रिटेन की केन्द्रीय सरकार ने अभी तक कोई त्वरित जनमत संग्रह का प्रस्ताव नहीं दिया।
प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने पहले कहा था कि यदि स्पष्ट जनमत बनता है तो स्कॉटलैंड में पुनः जनमत संग्रह पर विचार किया जा सकता है, पर बाद में उन्होंने कहा कि अगले आम चुनाव से पहले ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा।
उत्तरी आयरलैंड में भी आयरलैंड के साथ एकीकरण की माँग जारी है। सिन फेन इस दिशा में समर्थन देती है। 1998 के गुड फ्राइडे समझौते में उत्तरी आयरलैंड के भविष्य को लेकर जनमत संग्रह का प्रावधान है, जिससे यदि बहुमत ब्रिटेन से अलग होकर आयरलैंड के साथ जुड़ना चाहता है तो वोट करवा सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया बयान ने भी इस मुद्दे को फिर से उभारा है। डबलिन दौरे के दौरान उन्होंने आयरलैंड के एकीकृत होने को सकारात्मक बताया, लेकिन साथ ही ब्रिटेन की भूमिका को भी अहम बताया।
वेल्स की सत्तारूढ़ पार्टी प्लेड कम्री भी अधिक स्वायत्तता की मांग कर रही है। वह टैक्स, सरकारी खर्च, क्राउन एस्टेट की आय और ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट्स से होने वाली आय पर वेल्स को अधिक नियंत्रण देना चाहती है। साथ ही पुलिस और रेलवे फंडिंग में भी अधिकार बढ़ाने की माँग है।
कुल मिलाकर, इन तीन क्षेत्रों के नेताओं की एक साथ बैठक ब्रिटेन की संघीय संरचना को लेकर चर्चा को तेज कर रही है। अभी तक कोई स्पष्ट विभाजन का समय नहीं है, परन्तु संवैधानिक बदलाव की माँगें भविष्य में और तीव्र हो सकती हैं।
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