लखनऊ में बन रहे अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट जय प्रकाश नारायण नेशनल इंफार्मेशन सेंटर (जेपीएनआईसी) को 30 साल की लीज पर देने के योगी सरकार के फैसले पर एक बार फिर सपा प्रमुख ने हमला बोला है। अखिलेश यादव ने कहा है कि बीजेपी ने जेपी (जय प्रकाश) नारायण को ही बेच दिया है। जेपीएनआईसी के फैसले में घोटाले का भी आरोप लगाया। कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर जिन अधिकारियों ने जेपीएनआईसी बेचने में बड़ा घोटाला किया है, उनकी भी पूरी जांच होगी।
अखिलेश ने गुरुवार को पार्टी मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार ने समाजवादी सरकार को बदनाम करने के लिए जेपीएनआईसी में भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाए। भाजपा सोशलिस्ट मूवमेंट और उनके नाम पर बनी बिल्डिंग के लिए खलनायक है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पहले किसान बाजार, शाने-अवध, और जनेश्वर मिश्र पार्क के कुछ हिस्से को बेचा गया। अब जेपीएनआईसी बिल्डिंग भी बेच दिया। इसके शिलान्यास के समय जार्ज फर्नांडीज, मोहन सिंह, बृजभूषण तिवारी समेत कई समाजवादी नेता मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि समाजवादी नेताओं ने जो सपना देखा था, उसी के अनुरूप जेपीएनआईसी सिग्नेचर बिल्डिंग बनाई गई। 18 से 20 एकड़ में बनी इस बिल्डिंग के माध्यम से कोशिश की गई कि जनता को सुविधा मिले। भाजपा सरकार ने जेपीएनआईसी को जितने में बेचा है, उतना पैसा तो तीस साल में उसकी पार्किंग से आ जाएगा। हिसाब लगाया जाए तो 30 साल में 867 करोड़ रुपये सिर्फ पार्किंग से आएगा। इस सरकार ने जेपीएनआईसी 831 करोड़, शाने-अवध 428 करोड़ में बेचा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस की टोल वसूली निजी हाथों में दे दी। एक्सप्रेस वे की रीकारपेटिंग में भ्रष्टाचार किया।
कहा कि भाजपा और उनके सुरंगी, अनरजिस्टर्ड, अंडरग्राउंड लोगों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से चिढ़ है।भाजपा सरकार कारोबारियों से मिली हुई है। सरकारी संपत्तियों को बेच रही है। भाजपा गरीबों की जेब से पैसा छीनकर अमीरों की तिजोरियां भर रही हैं। कहा कि भाजपा सरकार नहीं दुकान है। उन्होंने कहा कि भाजपा की दिल्ली का बड़ा इंजन बड़ी चीजें बेच रहा है और लखनऊ का छोटा इंजन यूपी की छोटी चीजें बेच रहा है।
सपा मुखिया ने कहा कि भाजपा ने अपने गठन के समय पर जय प्रकाश नारायण के नाम का प्रयोग किया था। भाजपा के पास अपना कोई नेता नहीं था, वह गठन के समय दिखाना चाहते थे कि समाजवादी विचारधारा पर चलेगें। मैं उस विषय पर नहीं जाना चाहता कि अधिवेशन के लिए सबसे ज्यादा चंदा किसने दिया। जो लोग ‘पी’ से पाकिस्तान की बात करते हैं, उन्हें जानना चाहिए कि भाजपा के गठन के समय चंदा देने वाले के तार वहां से जुड़े थे। उन्होंने नेपाल में आयी बाढ़ में बड़े पैमाने पर लोगों की जान जाने पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकारों को ऐसी आपदा के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए।
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