एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में भारत का तिरंगा मनु भाकर और तेजिंदर पाल सिंह तूर थामेंगे। दो ओलंपिक पदक जीत चुकी निशानेबाज मनु भाकर और शॉटपुट के गत चैम्पियन तूर को शनिवार को नागोया में होने वाले उद्घाटन समारोह के लिए भारत का ध्वजवाहक चुना गया है। परंतु इस खबर के साथ ही नागोया से आयोजन व्यवस्था को लेकर ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने एशियाई खेलों के आगाज से पहले ही सवाल खड़े कर दिए।
भारत के अभियान प्रमुख (Chef de Mission) सहदेव यादव ने शुक्रवार को मनु के ध्वजवाहक बनने की पुष्टि की। उन्होंने कहा, ‘मनु भाकर एक ध्वजवाहक होंगी।’ इसके बाद भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने तूर के दूसरे ध्वजवाहक होने की पुष्टि की।
मनु भाकर के लिए यह जिम्मेदारी खास है। पेरिस ओलंपिक 2024 में उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे। वह स्वतंत्र भारत की पहली खिलाड़ी बनी थीं, जिन्होंने एक ही ओलंपिक में दो पदक जीते। वहीं तूर पिछले दो एशियाई खेलों में शॉटपुट का स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। अब नागोया में दोनों भारत की अगुवाई करते हुए तिरंगा थामेंगे।
उद्घाटन से पहले ही समारोह में रुकावट: शनिवार को होने वाले आधिकारिक उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को नागोया में पारंपरिक फ्लैग होस्टिंग समारोह आयोजित किया जाना था। इसमें भारत समेत पांच दलों को हिस्सा लेना था। परंतु समारोह शुरू होने से पहले ही इसमें देरी हो गई और बाद में इसे अचानक रोक दिया गया।
यमन, उत्तर कोरिया, फिलिस्तीन, भारत और तिमोर-लेस्ते के प्रतिनिधिमंडल गार्डन पियर पर मौजूद थे। भारत की ओर से चार डिप्टी शेफ डी मिशन अचंता शरत कमल, लिजो डेविड थोट्टन, अलकनंदा अशोक और अंजलि भागवत भी वहां मौजूद थे।
स्थानीय आयोजकों ने देरी के लिए किसी एक टीम से जुड़ी ‘कुछ परेशानी’ का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि स्थिति को करीब 15 मिनट में सामान्य करने की कोशिश की जाएगी। करीब 20 मिनट की देरी के बाद समारोह शुरू भी हुआ, परंतु कुछ ही देर में इसे फिर रोकना पड़ा।
शरत कमल और अंजलि भागवत मंच की ओर बढ़ चुके थे, पर कार्यवाही रुकने के बाद उन्हें वापस प्रतीक्षा क्षेत्र में लौटना पड़ा। आयोजकों ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर किस टीम से जुड़ी क्या परेशानी थी।
नागोया में पहले भी उठ चुके हैं सवाल: फ्लैग होस्टिंग समारोह में हुई यह रुकावट ऐसे समय आई है, जब नागोया एशियाई खेलों की आयोजन व्यवस्था पहले से ही चर्चा में है। खिलाड़ियों और अधिकारियों की ओर से आवास और परिवहन को लेकर शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
इस बार पारंपरिक गेम्स विलेज की जगह खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए कंटेनर शैली के आवास, होटल और कोस्टा सेरेना क्रूज शिप समेत अलग-अलग जगहों पर ठहरने की व्यवस्था की गई है। कमरों के आवंटन में देरी और ट्रेनिंग वेन्यू तक पहुंचने में परेशानी की बातें भी सामने आई हैं।
भारतीय MMA खिलाड़ी वरुण सान्याल ने आवास व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी। भारत के शेफ डी मिशन सहदेव यादव ने भी व्यवस्थाओं में कुछ मिसमैनेजमेंट की बात स्वीकार की थी। बैडमिंटन स्टार सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने बताया था कि भारतीय दल के कुछ सदस्यों को एक मौके पर बस के लिए कई घंटे इंतजार करना पड़ा।
अब शुक्रवार की फ्लैग होस्टिंग में हुई रुकावट ने आयोजन व्यवस्था को लेकर चर्चा को और बढ़ा दिया है। हालांकि इसकी वजह के बारे में आयोजकों की ओर से विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
शनिवार को तिरंगे के साथ भारत की एंट्री: एशियाई खेलों का आधिकारिक उद्घाटन शनिवार, 19 सितंबर को होना है। कई खेलों की प्रतियोगिताएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं, पर उद्घाटन समारोह के साथ खेलों का औपचारिक आगाज होगा।
इस समारोह में जब मनु भाकर और तेजिंदर पाल सिंह तूर भारतीय दल की अगुवाई करते हुए तिरंगा थामेंगे, तब निगाहें सिर्फ भारतीय खिलाड़ियों पर नहीं होंगी। उद्घाटन से पहले सामने आई आयोजन संबंधी परेशानियों के बाद यह भी देखना होगा कि नागोया में आगे व्यवस्थाएं कितनी सुचारु रहती हैं।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!