विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने गॉर्ड ऑफ ऑनर के दौरान राष्ट्रगान प्रारंभ होने और न रुकने को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर सफाई दी है। उन्होंने रविवार की शाम एक्स पर इस बारे में लिखते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी वीडियो के संबंध में सही तथ्यों का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है। किसी भी प्रकार का भ्रम न फैले, इस उद्देश्य से मैं यह संदेश आप सभी के साथ साझा कर रहा हूं।
उन्होंने आगे कहा है कि शनिवार को उन्नाव में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिए जाने के दौरान, संयोगवश उसी समय प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) के भीतर राष्ट्रगान प्रारंभ हुआ, जहां हमारी उपस्थिति नहीं थी। ये दोनों कार्यक्रम बिल्कुल अलग थे। परंतु सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो साझा कर ऐसा भ्रामक विश्लेषण किया जा रहा है, मानो राष्ट्रगान के समय हम रुके नहीं।
उन्होंने कहा कि मैं यह पूर्णतः स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं हुआ। उत्तर प्रदेश विधानसभा से लेकर अपने विधानसभा क्षेत्र तक, प्रत्येक अवसर और स्थान पर हमने, हमारे कार्यकर्ताओं और सहयोगियों ने सदैव संविधान और राष्ट्रगान का सर्वोच्च सम्मान किया है। आगे भी करते रहेंगे। मेरा मीडिया के सभी सम्मानित साथियों एवं पत्रकार बंधुओं से भी आग्रह है कि कृपया तथ्यों की सत्यता की जांच करने के बाद ही इस विषय पर चर्चा करें।
महाना का वीडियो वायरल होने पर वह कांग्रेस समेत तमाम दलों और नेताओं के निशाने पर आ गए थे। कांग्रेस ने उनका पोस्ट कर लिखा था कि BJP नेता और यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना राष्ट्रगान के लिए 52 सेकेंड नहीं रुक पाए। राष्ट्रगान होता रहा और वे उसके पूरा होने से पहले ही चलते बने। ये हमारे राष्ट्रगान का अपमान है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीजेपी नेता की इस हरकत से हिंदुस्तान की संप्रभुता, इतिहास और संस्कृति के प्रतीक राष्ट्रगान का सम्मान करने वाला हर देशवासी आहत और गुस्से में है।इस अपराध के लिए सतीश महाना, नरेंद्र मोदी और पूरी भाजपा को देश से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस ने कानपुर में महाना के खिलाफ जुलूस भी निकाला था और उनका पुतला दहन करने की कोशिश की थी।
सपा की ओर से प्रवक्ता मनोज काका ने महाना पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी विधानसभा अध्यक्ष बीजेपी विधायक सतीश महाना द्वारा उन्नाव के शैक्षणिक संगोष्ठि में भारत के राष्ट्रगान का अपमान अतिसय राष्ट्रद्रोही कृत्य है, यदि सतीश महाना ने जरा भी संविधान लोकतंत्र राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति प्रतिबद्धता है तो उन्हें तुरंत देश से माफ़ी मांगनी चाहिए। जो विधानसभा अध्यक्ष 52 सेकेंड अपने राष्ट्रगान के लिए खड़े नहीं हो सकते हैं उनसे कैसे उम्मीद की जा सकती है कि वो विधानसभा अध्यक्ष रूप मे संविधानिक मूल्यों का संरक्षण करते होंगे?
आम आदमी पार्टी ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा नेता सतीश महाना जी के पास राष्ट्रगान को सम्मान देने तक का समय नहीं है। आज पूरा देश भाजपा से एक ही सवाल पूछ रहा है- राष्ट्रगान का अपमान करने वाले अपने नेता पर भाजपा क्या कार्रवाई करेगी?
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