कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने राजनीतिक करियर में कई बार विवादास्पद टिप्पणी की है, जिससे विभिन्न मंचों पर चर्चा और आलोचना दोनों हुई है। नीचे प्रमुख बयानों को तिथि क्रम में संक्षेपित किया गया है।
25 अक्टूबर 2026 – "मोदी का बाप भी जाएगा"
पटना में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती समारोह में खड़गे ने कहा कि SIR में गड़बड़ी करने वालों को जेल भेजा जाएगा। जब भीड़ में एक शख्स ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे, तो खड़गे ने तुरंत उत्तर दिया, "मोदी का बाप भी जाएगा"। इस टिप्पणी पर सोशल मीडिया में तीखा बहस छिड़ गया।
20 अक्टूबर 2026 – हिंदू धर्म और जातिगत भेदभाव
हैदराबाद के बुद्ध विहार में आयोजित 70वें धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस में खड़गे ने कहा कि जातिगत भेदभाव और छुआछूत के कारण हिंदू धर्म संकट में है। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के 1935 के बयान का हवाला देते हुए कहा कि वे हिंदू के रूप में पैदा हुए थे, लेकिन हिंदू के रूप में नहीं मरेंगे।
21 अप्रैल 2026 – पीएम मोदी को "आतंकवादी" कहा
चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खड़गे ने AIADMK के बीजेपी के साथ जाने पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को "आतंकवादी" कहा। बाद में उन्होंने कहा कि उनका आशय मोदी के डराने वाले राजनीति‑शैली पर था, न कि व्यक्तिगत अपमान पर।
6 अप्रैल 2026 – बीजेपी‑RSS को "जहरीला सांप" कहा
असम के करीमगंज में जनसभा में खड़गे ने बीजेपी और RSS की तुलना जहरीले सांप से की, यह तर्क देते हुए कि यदि नमाज़ के दौरान जहरीला सांप पास आ जाए तो उसे मारने की अनुमति है। इस टिप्पणी पर राजनीतिक वर्ग में तीखी प्रतिक्रिया आई।
5 अप्रैल 2026 – गुजरात के लोगों पर टिप्पणी
केरलम के इडुक्की में रैली के दौरान खड़गे ने कहा कि मोदी और विजयन गुजरात या अन्य राज्यों के अनपढ़ लोगों को बेवकूफ बना सकते हैं, लेकिन केरलम के लोग पढ़े‑लिखे और समझदार हैं। इस बयान को गुजरात के लोगों को अपमानित करने वाला माना गया।
7 जुलाई 2025 – राष्ट्रपति मुर्मु‑कोविंद के नाम पर फिसलन
छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक कार्यक्रम में खड़गे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का नाम लेते हुए गलती से "मुर्मा जी" कहा, फिर सुधारा। कुछ ही देर बाद पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का उल्लेख करते हुए वह "कोविड" कह बैठे। इस फिसलन पर बीजेपी ने माफी माँगी।
20 मई 2025 – पाकिस्तान के साथ संघर्ष को "छुटपुट युद्ध" कहा
कर्नाटक के होसपेट में कांग्रेस सरकार के दो साल पूरे होने पर आयोजित रैली में खड़गे ने भारत‑पाकिस्तान सीमा पर हुए संघर्ष को "छुटपुट युद्ध" कहा और कहा कि पाकिस्तान चीन की मदद से भारत को परेशान करने की कोशिश करता है। इस टिप्पणी पर भारतीय सेना के साहस को कम करके दिखाने का आरोप लगा।
11 मार्च 2025 – राज्यसभा में शब्द प्रयोग पर विवाद
राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर चर्चा के दौरान खड़गे ने एक हिंदी शब्द का इस्तेमाल किया, जिसे बीजेपी सांसदों ने अपमानजनक कहा। बाद में खड़गे ने स्पष्ट किया कि उनका इरादा नीति की आलोचना था, न कि सदन के किसी अधिकारी को ठेस पहुँचाना, और उन्होंने माफी भी माँगी।
27 जनवरी 2025 – "गंगा में डुबकी से गरीबी दूर होती है?"
मध्य प्रदेश के महू में रैली के दौरान खड़गे ने बीजेपी नेताओं के गंगा स्नान को सवालों के घेरे में डालते हुए पूछा, "क्या गंगा में डुबकी लगाने से गरीबी दूर होती है?" उन्होंने कहा कि जब लोग भूख और बेरोजगारी से जूझ रहे हैं, तब नेता सिर्फ दिखावा कर रहे हैं। इस पर बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई।
12 अक्टूबर 2024 – बीजेपी को "आतंकवादी पार्टी" कहा
कर्नाटक के कलबुर्गी में एक कार्यक्रम में खड़गे ने बीजेपी को "आतंकवादी पार्टी" कहा और कहा कि पार्टी शासित राज्यों में लिंचिंग और हत्या जैसी घटनाओं को बढ़ावा देती है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को ऐसे अपराधों के समर्थनकर्ता कहा। इस बयान पर बीजेपी ने कड़ी निंदा की।
27 अप्रैल 2023 – पीएम मोदी को "जहरीला सांप" कहा
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना जहरीले सांप से की, यह तर्क देते हुए कि यदि कोई यह जांचेगा कि सांप जहरीला है या नहीं, तो वह मार दिया जाएगा। बाद में उन्होंने साफ़ किया कि यह टिप्पणी बीजेपी की विभाजनकारी विचारधारा के लिए थी, न कि व्यक्तिगत अपमान के लिए।
29 नवंबर 2022 – मोदी को "100‑सिर वाला रावण" कहा
गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान अहमदाबाद में रैली में खड़गे ने मोदी के चेहरे को कई बार दिखाने और वोट मांगने पर सवाल उठाते हुए कहा, "क्या रावण की तरह आपके भी 100 सिर हैं?" इस टिप्पणी को बीजेपी ने प्रधानमंत्री का अपमान कहा।
इन सभी बयानों ने खड़गे को लगातार विवाद के केंद्र में रखा है, जबकि उन्होंने कई बार सफ़ाई और माफी भी मांगी है। राजनीतिक परिदृश्य में इस तरह की तीखी टिप्पणी अक्सर तीव्र प्रतिक्रियाओं को जन्म देती है।
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