भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी के भाई और रणजी खिलाड़ी मोहम्मद कैफ (अमरोहा के अलीनगर डिडौली निवासी) गंभीर आरोपों में घिर गए हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके की रहने वाली एक महिला ने कैफ पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर आशियाना पुलिस ने मोहम्मद कैफ (यौन शोषण) और उनके बड़े भाई मोहम्मद हसीब (धमकाने) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
कौन है पीड़िता? पीड़िता लखनऊ के आशियाना क्षेत्र की रहने वाली है। वह तलाकशुदा है और उसका एक बेटा भी है। पीड़िता ने बताया कि साल 2023 से 2026 के बीच वह एक एयरलाइंस में केबिन क्रू के तौर पर काम करती थी।
कहां हुई मुलाकात और कैसे बढ़ी बात? दोनों की पहली मुलाकात साल 2020 में गाजियाबाद में हुई थी। उस वक्त पीड़िता वहीं रहती थी और एक मित्र के माध्यम से उसकी कैफ से पहचान हुई। उस दौरान मोहम्मद कैफ कोलकाता में रणजी खेल रहे थे। दोनों के बीच दोस्ती हुई जो धीरे-धीरे आगे बढ़ी। अगस्त 2023 में कैफ ने खुद आगे आकर पीड़िता के सामने शादी का प्रस्ताव रखा था।
संबंध बने पर क्यों नहीं हुई शादी? शादी का वादा करने के बावजूद यह रिश्ता अंजाम तक नहीं पहुंच सका, जिसके पीछे पीड़िता ने कई कारण बताए। पीड़िता का आरोप है कि 9 सितंबर 2023 को कैफ ने उसे कोलकाता के एक होटल में बुलाया। कैफ को पीड़िता के तलाकशुदा होने और बेटे के होने से कोई आपत्ति नहीं थी। इसी का भरोसा देकर उसने पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए। आरोपी कैफ को पीड़िता का केबिन क्रू का काम पसंद नहीं था, इसलिए उसने दबाव डालकर पीड़िता की नौकरी भी छुड़वा दी।
आईपीएल ऑक्शन का बहाना जब भी पीड़िता शादी की बात करती, आरोपी टालमटोल करता। उसने वादा किया था कि दिसंबर 2025 में होने वाले आईपीएल ऑक्शन के बाद वह शादी कर लेगा। आईपीएल ऑक्शन बीत जाने के बाद जब पीड़िता ने फिर से शादी का दबाव बनाया, तो कैफ ने अपने वादे से मुकरते हुए उससे पूरी तरह दूरी बना ली।
भाई ने दी धमकी और पुलिस की घोर लापरवाही जब मोहम्मद कैफ ने शादी से मुंह मोड़ लिया, तो पीड़िता ने उसके भाई मोहम्मद हसीब से मामले की शिकायत की, लेकिन उसने इसे अनसुना कर दिया। इसके बाद एक परिचित के माध्यम से सुलह-बातचीत के लिए पीड़िता को कैफ के गृह जनपद अमरोहा बुलाया गया। वहां कैफ के बड़े भाई हसीब ने मामले को सुलझाने के बजाय पीड़िता को धमकाया।
पुलिस ने 13 दिन टरकाया न्याय के लिए पीड़िता ने सबसे पहले 31 अगस्त को आशियाना थाने में शिकायत की थी। सुनवाई न होने पर मामला डीसीपी पूर्वी और फिर एसीपी विभूतिखंड तक गया। पुलिस 13 दिनों तक घटनास्थल और सीमा विवाद को लेकर पीड़िता को टरकाती रही। रविवार को जब पीड़िता की शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल हुई, तब जाकर पुलिस प्रशासन की नींद टूटी और आशियाना थाने में दोनों भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
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